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पहली बार निजी और सरकारी अस्पताल के बीच बना ग्रीन कॉरिडोर: सात मिनट में अपोलो से पीजीआई पहुंचाई किडनी
Thu, 12 May 2022 12:18 AM IST
ishwar ashish
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 12 May 2022 12:18 AM IST
सार
लखनऊ में किडनी ट्रांसप्लांट के लिए पहली बार निजी और सरकारी अस्पताल के बीच ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था बनाई गई। ब्रेन डेड के बाद युवक की एक किडनी व लिवर अपोलो, कॉर्निया केजीएमयू में दान की गई।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
राजधानी लखनऊ में बुधवार को पहली बार किडनी प्रत्यारोपण के लिए निजी और सरकारी अस्पताल के बीच ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। इससे अपोलो मेडिक्स से पीजीआई के बीच की करीब 11 किमी की दूरी एंबुलेंस ने महज सात मिनट में पूरी कर ली। सामान्य ट्रैफिक में यह दूरी तय करने में 25 से 30 मिनट लग जाते हैं।
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अपोलो मेडिक्स हॉस्पिटल के सीईओ व एमडी डॉ. मयंक सोमानी ने बताया कि हादसे में 21 वर्षीय युवक के ब्रेनडेड के बाद परिजनों ने दूसरे मरीजों को जीवनदान देने के लिए उसके अंगदान की प्रक्रिया अपनाने का फैसला लिया। इनमें से एक किडनी व लिवर अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल में ही ऑर्गन डोनेशन का इंतजार कर रहे मरीजों को ट्रांसप्लांट किए गए।
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वहीं, कॉर्निया को केजीएमयू में नेत्रदान की प्रतीक्षा कर रहे मरीज को ट्रांसप्लांट करने के लिए भेजा गया और एक किडनी पीजीआई में भर्ती 35 वर्षीय महिला को दी गई। एसजीपीजीआई के डॉक्टरों को जब अपोलोमेडिक्स में किडनी की उपलब्धता का पता लगा तो दोनों अस्पताल के डॉक्टरों ने 10 और 11 मई की पूरी रात क्रॉस मैचिंग की प्रक्रिया पूरी की।
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इसके बाद जल्द किडनी पहुंचाने के लिए प्रशासन और पुलिस से सहयोग मांगा, जिन्होंने तुरंत ग्रीन कॉरिडोर बनाया। इसकी सहायता से बुधवार दोपहर को किडनी अपोलो मेडिक्स से पीजीआई पहुंचाई गई। उम्मीद है कि इससे महिला को नया जीवन मिल सकेगा।