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ग्रेटर नोएडा : बिल्डर को फायदा पहुंचाने के मामले में नया खुलासा, वैधता समाप्ति के बाद स्वीकृत हुआ विद्युत भार

Fri, 26 Nov 2021 04:07 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 26 Nov 2021 04:07 PM IST
सार

सूत्रों की मानें तो बिल्डर को नोएडा अथॉरिटी द्वारा 8 अक्तूबर 2012 को पांच वर्ष के लिए स्वीकृत लेआउट प्लान और संबंधित फाइल में स्वीकृत एस्टीमेट की प्रति तो उपलब्ध करा दी गई है।

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Greater Noida: New disclosure in the matter of benefiting the builder, electric load approved after expiry of validity
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

ग्रेटर नोएडा में एक बड़े बिल्डर की हाउसिंग सोसायटी को लेआउट प्लान की वैधता समाप्ति के बाद बिजली कनेक्शन स्वीकृत किया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि लेआउट प्लान की वैधता 8 अक्तूबर 2017 को समाप्त हो गई थी। इसका विद्युत भार 8 दिसंबर 2017 को स्वीकृत किया गया। इससे अनियमित ढंग से विद्युत भार स्वीकृत करने के मामले में तत्कालीन अधीक्षण अभियंता (पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के मौजूदा निदेशक तकनीकी) राकेश कुमार समेत छह अभियंताओं पर शिकंजा कसता जा रहा है।

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मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक सूर्यपाल गंगवार की अध्यक्षता में गठित जांच समिति ने पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम से नोएडा अथॉरिटी द्वारा बिल्डर के स्वीकृत हाउसिंग लेआउट प्लान, 5200 केवीए का भार जारी करने के लिए स्वीकृत एस्टीमेट की मंजूरी से पहले तत्कालीन अधीक्षण अभियंता से प्राप्त तकनीकी अनुमोदन की सत्यापित प्रति सहित अन्य तकनीकी प्रक्रिया से संबंधित ब्योरा तलब किया है। 
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सूत्रों की मानें तो बिल्डर को नोएडा अथॉरिटी द्वारा 8 अक्तूबर 2012 को पांच वर्ष के लिए स्वीकृत लेआउट प्लान और संबंधित फाइल में स्वीकृत एस्टीमेट की प्रति तो उपलब्ध करा दी गई है। जबकि मुख्य अभियंता (वितरण) नोएडा से प्राप्त अनुमोदन की सत्यापित प्रति फाइल से गायब होने की जानकारी भेजी गई है। सूत्रों का कहना है कि बिल्डर को भार स्वीकृत करने से संबंधित तकनीकी दस्तावेजों का फाइल से गायब होना इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि इसके पीछे अनियमितताओं के लिए उत्तरदायी ठहराए गए कुछ अभियंताओं की भूमिका हो सकती है। पश्चिमांचल वितरण निगम से रिपोर्ट मिलने के बाद जांच समिति इस मामले में उत्तरदायी ठहराए गए तत्कालीन अभियंताओं को आरोप पत्र जारी करेगी और और उनका जवाब मिलने के बाद कार्रवाई के बारे में अपनी संस्तुति देगी। इस मामले में कुछ अभियंताओं की बर्खास्तगी की जा सकती है।
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इन अभियंताओं दी जाएगी चार्जशीट
विद्युत नगरीय वितरण मंडल नोएडा के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता राकेश कुमार, तत्कालीन अधिशासी अभियंता लाल सिंह राकेश, प्रभात कुमार सिंह, प्रवीण कुमार, ग्रेटर नोएडा के तत्कालीन उपखंड अधिकारी अजय कुमार और तत्कालीन अवर अभियंता अरविंद कुमार। 

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