अब 20 की जगह 10 लाख ही मिलेगी सहकारी बैंक कर्मियों को ग्रेच्युटी, भत्ते भी बंद
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उप्र सहकारी ग्राम विकास बैंक के संचालक मंडल की मंगलवार को हुई बैठक के फैसले कर्मचारियों के लिए भारी पड़े। बैंक कर्मियों की ग्रेच्युटी को संचालक मंडल ने 20 लाख से घटाकर 10 लाख रुपये कर दिया है।
बैंक के खर्चों में कटौती के नाम पर कर्मचारियों को मिलने वाला कंप्यूटर भत्ता, वाहन अनुरक्षण भत्ता भी बंद करने का फैसला हुआ है। पति-पत्नी दोनों के बैंक सेवा में कार्यरत होने और एक ही स्थान पर नियुक्ति पर सिर्फ एक को मकान किराया भत्ता देने का निर्णय किया गया।
बैंक के माल एवेन्यू स्थित मुख्यालय में सभापति शिवपाल सिंह यादव और मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड शंकर ए. पांडेय की मौजूदगी में हुई संचालक मंडल की बैठक में सबसे पहले किसानों को राहत पहुंचाने के लिए एकमुश्त समाधान योजना-2018 को 31 जुलाई 2019 तक बढ़ाने का अनुमोदन किया गया।
इसके अलावा बैंक के पुराने भवन में चलने वाले अतिथि गृह के रख-रखाव व अन्य खर्चों को पूरा करने, आगंतुकों से लिए जाने वाले शुल्क को भी बढ़ाने का फैसला हुआ। क्षेत्रीय प्रबंधकों को सहायक महाप्रबंधक के समान 15 हजार रुपये की खर्च सीमा के साथ क्षेत्रीय कार्यालय में आहरण-वितरण अधिकारी बनाने को भी स्वीकृति संचालक मंडल ने दी।
लिए गए ये फैसले
प्रबंध निदेशक केपी सिंह ने बताया कि बैंक कर्मचारियों-अधिकारियों को डेथ कम रिटायमेंट ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा बीते साल 29 मार्च को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये की गई थी। आयुक्त एवं निबंधक के निर्देश पर फिर से इसे 10 लाख रुपये करने के फैसले का बोर्ड ने अनुमोदन कर दिया है।
उप्र सहकारी ग्राम विकास बैंक कर्मचारी अंशदायी भविष्य निधि ट्रस्ट को कर्मचारी अंशदायी भविष्य निधि संगठन में स्थानांतरित करने पर भी सहमति दी गई। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का साइकिल भत्ता बढ़ाए जो का निर्णय भी संचालक मंडल ने किया है।