फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Granted bail after surrender but did not pay bail bond, jail

Lucknow News: सरेंडर करने पर मिली जमानत तो बेल बांड नहीं भरा, चला गया जेल

Thu, 03 Oct 2024 06:40 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Oct 2024 06:40 AM IST
विज्ञापन
Granted bail after surrender but did not pay bail bond, jail
लखनऊ। डिलीवरी बॉय भरत कुमार प्रजापति (32) हत्याकांड का मुख्य आरोपी गजानन दुबे उर्फ दुबे मंगलवार को बाराबंकी कोर्ट में हाजिर हो गया। जिस मामले में वह हाजिर हुआ उसमें उसको तुरंत जमानत मिल गई। लेकिन उसने बेल बांड नहीं भरा, लिहाजा वह जेल भेज दिया गया। चिनहट पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए ऐसा किया। पुलिस की टीमें खाक छानती रह गईं। अब चिनहट पुलिस उसको कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी देगी। उधर, अभी भी इंदिरा नहर में एसडीआरएफ की टीम भरत की तलाश में जुटी है। नहर से सटे थाना क्षेत्रों से भी संपर्क कर जानकारी साझा की है।
विज्ञापन


चिनहट सतरिख के सविता विहार निवासी भरत, 24 सितंबर को एक लाख रुपये कीमत के दो मोबाइल फोन डिलीवर करने के लिए इलाके में गए थे। यहां मोबाइल, कैश लूटने के बाद गजानन दुबे और उसके साथी आकाश शर्मा ने भरत की हत्या कर दी थी। शव बैग में भरकर बाराबंकी में माती जाकर इंदिरा नहर में फेंक दिया था। पुलिस ने मंगलवार को आरोपी आकाश को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इंस्पेक्टर चिनहट अश्विनी चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपी गजानन पर बाराबंकी के कुर्सी थाने में मारपीट व अमानत में खयानत की धारा का केस वर्ष 2021 में दर्ज हुआ था। इसी केस में वह सोमवार को कोर्ट में हाजिर हुआ। तुरंत उसको जमानत मिल गई, क्योंकि उस मामले में जमानती धाराएं थीं। लेकिन उसने बेल बांड नहीं भरा। आखिर में उसको जेल भेजा गया। एक वकील के जरिये उसने ऐसा किया।
विज्ञापन


पुलिस सूत्रों के मुताबिक कोर्ट में हाजिर होने के दौरान उसने कुछ लोगों से कहा कि उसे डर था कि उसका एनकाउंटर हो सकता है। इसलिए वह खुद ही कोर्ट हाजिर हुआ। बेल बांड न भरने के पीछे भी यही डर रहा है। पुलिस ने जब उसका आपराधिक इतिहास खंगाला तो पता चला कि उस पर मारपीट, धमकी, धोखाधड़ी के तीन केस दर्ज हैं। आरोपी पर गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन



पुलिस ने जब मामले की तफ्तीश शुरू की तो पता चला था कि आखिरी कॉल हिमांशु कनौजिया को की गई थी। दोनों फोन भी उसके फ्लिपकॉर्ट एकाउंट से ऑर्डर किए गए थे। इसलिए पूरा शक उस पर था और पुलिस ने उसे उठाया था। लेकिन, जांच में ही एक कॉल रिकॉर्डिंग मिली। ये कॉल भरत ने हिमांशु को की थी, जब वह मोबाइल देने जा रहा था। तब हिमांशु ने उसी वक्त गजानन को कॉल लगाकर कांफ्रेंसिंग पर बात कराई थी। गजानन ने अपना नंबर भरत को दिया था। इसके बाद हिमांशु की कोई भूमिका नहीं रही। इंस्पेक्टर ने बताया कि कॉल रिकॉर्डिंग बेहद अहम सुबूत है। इससे स्पष्ट हुआ कि हिमांशु की भूमिका नहीं है। गजानन ने साजिश के तहत उसका इस्तेमाल किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed