राज्यपाल की मुख्यमंत्री को हिदायत, आजम पर लगाएं अंकुश
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राज्यपाल राम नाईक ने शनिवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से सीधी मुलाकात में आजम के बयानबाजी पर रोक लगाने को कहा है।
यह पहला मौका है जब राज्यपाल ने आजम के रवैये पर मुख्यमंत्री से सीधी शिकायत की है। राज्यपाल ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि उन्होंने इसे बेहद गंभीरता से लिया है।
मुख्यमंत्री को भी इसे गंभीरता से लेते हुए आजम की झूठी बयानबाजी पर अंकुश लगाना चाहिए। अखिलेश ने राज्यपाल को भरोसा दिलाया कि वह इस संबंध में आजम से बात करेंगे।
लगभग 50 मिनट तक चली सीएम व राज्यपाल की बातचीत
मुख्यमंत्री विधान परिषद में मनोनयन के लिए सरकार की ओर से शुक्रवार को भेजे गए तीन नामों को मंजूरी दिए जाने पर आभार व्यक्त करने के लिए शनिवार शाम करीब 5.35 बजे राजभवन पहुंचे।
मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच लगभग 50 मिनट बातचीत हुई। सूत्रों के अनुसार आजम खां प्रकरण पर दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई।
विधानसभा में आजम खां द्वारा नगर निगम संशोधन विधेयक को लेकर दिए गए बयान का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या उन्होंने आजम को यह जानकारी नहीं दी है कि विधेयक क्यों रोका गया है।
मुख्यमंत्री बोले, आजम को दे दी है जानकारी
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा वह आजम को बता चुके हैं। इस पर राज्यपाल ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब आजम को जानकारी है तो वह विधानसभा में झूठ क्यों बोल रहे हैं कि उन्हें विधेयक रोके जाने के कारणों की जानकारी नहीं है। अखिलेश ने राज्यपाल को आश्वस्त किया कि वह इस बाबत आजम से बात करेंगे।
विधान परिषद में मनोनयन के लिए दो नाम भी जल्द भेजें
नाईक ने मुख्यमंत्री से विधान परिषद में मनोयन के लिए 2 रिक्त स्थानों के लिए भी जल्द नाम भेजने को कहा।
विधान परिषद में मनोनीत कोटे की 10 सीटों में से सात पर मनोनयन के लिए राज्यपाल ने सहमति दे दी है। राजपाल कश्यप का नाम अभी विचाराधीन है।