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यश भारती पेंशन पर कैंची चलाने की तैयारी में सरकार, मिलेगी बस इतनी राशि

Mon, 02 Jul 2018 10:52 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 02 Jul 2018 10:52 AM IST
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 government will reduce the amount of yash bharti pension
Yash Bharti Award

यश भारती की पेंशन को लेकर पिछले दिनों उठी मांगों के बीच प्रदेश सरकार ने इसे नए नियमों के साथ देने का मन बना लिया है। इसमें मासिक पेंशन की राशि 50 हजार रुपये से घटाकर 25 हजार रुपये की जा सकती है। संस्कृति विभाग के सूत्रों की मानें तो जल्द ही इसकी घोषणा हो सकती है।

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विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री कार्यालय ने विभाग के इन प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी है। साथ यह नियम भी बनाया जा रहा है, यश भारती से सम्मानित जो भी लोग पहले से ही दूसरे विभागों व संस्थानों से पेंशन का लाभ ले रहे हैं, उन्हें इस पेंशन से वंचित रखा जाएगा। वहीं आयकर देने वाले यश भारती से सम्मानित लोगों को भी पेंशन का लाभ नहीं मिल सकेगा।
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सूत्रों की मानें तो यश भारती पेंशन की प्रक्रिया पुन: शुरू करने के लिए सभी सम्मानित लोगों से निर्धारित प्रारूप में जानकारी मांगी जाएगी। इसमें उन्हें अपनी आय का विवरण, पेंशन से जुड़ी जानकारी व आयकर रिटर्न का विवरण देना होगा।
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इसी आधार पर पेंशन के लिए चयन किया जाएगा। नए नियम सब पर लागू होंगे, चाहे उनकी पेंशन शुरू हो चुकी है या अभी शुरू नहीं हुई है। हालांकि पद्म पुरस्कार से सम्मानित लोगों को पेंशन देने के मामले में क्या नियम होंगे, इसकी जानकारी नहीं हो सकी है।

यश भारती पेंशन पर 9.11 करोड़ खर्च

आरटीआई एक्टिविस्ट नूतन ठाकुर को सूचना अधिकार के तहत उपलब्ध कराए गए अभिलेखों से पता चला था कि यश भारती और पद्म पुरस्कार से सम्मानित लोगों को मासिक पेंशन शुरू करने के बाद से अब तक 9 करोड़ 11 लाख 335 रुपये भुगतान किया जा चुका है। तत्कालीन संयुक्त निदेशक अनुराधा गोयल के 27 अप्रैल 2017 के पत्र के अनुसार वित्तीय वर्ष 2016-17 में कुल 172 लोगों को पेंशन दी गई। 

भाजपा प्रवक्ता ने रोक के खिलाफ लगाई थी गुहार

पेंशन को लेकर साहित्यकार, कलाकार तो अभी हाल में सक्रिय हुए, लेकिन नई सरकार के गठन के बाद संस्कृति विभाग द्वारा यश भारती और पद्म अलंकरण से सम्मानित लोगों की पेंशन रोकने के खिलाफ भाजपा के प्रवक्ता ने ही सबसे पहले मुख्यमंत्री से गुहार लगाई थी। 
यश भारती को लेकर सपा सरकार को अक्सर विपक्षी दल कठघरे में खड़ा करता रहा है, लेकिन भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र सिंह राणा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इसे पूर्व की भांति दिलाने की प्रार्थना की है। बता दें, राणा को पावरलिफ्टिंग के अंतरराष्ट्रीय कोच होने के कारण यश भारती सम्मान मिला है।

अमिताभ बच्चन ने किया था पेंशन का विरोध

प्रदेश सरकार ने जब यश भारती से सम्मानित लोगों को 50 हजार रुपये मासिक पेंशन देने की घोषणा की थी, तब फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन ने विरोध किया था। साथ ही उन्होंने अपने व अपने परिवार के पेंशन को यह कहते हुए लौटा दिया था कि इसे जरूरतमंद व गरीबों पर खर्च किया जाए। इसके बाद सरकार को यह घोषणा करनी पड़ी थी कि पेंशन उन्हें ही दी जाएगी, जो आवेदन करेंगे।

साधन संपन्न भी लेने लगे यश भारती पेंशन

तत्कालीन सपा सरकार ने सभी आवेदकों को पेंशन देने का फैसला किया था। ऐसे में वे भी पेंशन लेने लगे जो क्रिकेट, सिनेमा जैसे माध्यमों में लाखों-करोड़ों मानदेय लेते हैं। वहीं, विश्वविद्यालयों, संस्थानों व सरकारी नौकरियों से पेंशन पाने वालों को भी यह पेंशन मिलनी शुरू हो गई। पूर्व सांसद राज बब्बर व उनकी पत्नी नादिरा बब्बर, क्रिकेट खिलाड़ी मो. कैफ  व सुरेश रैना, फिल्मों से जुड़े जिमी शेरगिल, अभिजीत भट्टाचार्य, समीर, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, कैलाश खेर, मुजफ्फर अली, सुधीर मिश्र, राजू श्रीवास्तव, अनुराग कश्यप, विशाल भारद्वाज, उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष व गीतकार गोपालदास नीरज, लखनऊ विवि के सेवानिवृत्त प्रोफेसर व रंगकर्मी राज बिसारिया, कला महाविद्यालय के सेवानिवृत्त प्राचार्य व वरिष्ठ चित्रकार जयकृष्ण अग्रवाल, मैनपुरी के नेशनल कॉलेज में विभागाध्यक्ष रहे गीतकार सोम ठाकुर पेंशन पाने वालों में शामिल रहे। 

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