मानसून सत्र के दौरान होगा घमासान, प्रमोशन में आरक्षण को लेकर समर्थक और विरोधी आमने-सामने
संसद के मानसून सत्र की घोषणा होते ही पदोन्नति में आरक्षण संबंधी बिल के विरोध व समर्थन में राजनीति तेज हो गई है। आरक्षण समर्थक संगठन आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति व विरोधी सर्वजन हिताय संरक्षण समिति ने अपने-अपने स्तर से सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति तैयार की है।
दोनों संगठनों ने समर्थकों के बीच जनजागरण अभियान के साथ ही आंदोलन शुरू करने की भी घोषणा की है। साथ ही, सांसदों व विधायकों को भी अपने पक्ष में खड़ा करने के लिए व्यक्तिगत तौर पर उनसे संपर्क करना भी शुरू कर दिया है।
मानसून सत्र में आरक्षण बिल को पारित कराने को सरकार पर दबाव बनाने के लिए समर्थकों ने 12 टीमें बनाई हैं।
एक टीम में तीन-तीन सदस्य होंगे। आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि मानसून सत्र में इस बिल को पास कराने के लिए समर्थकों की टीम नेताओं से मुलाकात करेगी।
दलित व पिछड़ी जाति से जुड़े राजनीतिक दलों के करीब 137 राज्यसभा व लोकसभा सदस्यों से मिलकर समर्थन जुटाने का कार्यक्रम तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने 15 जून को ही पदोन्नति में आरक्षण संबंधी आदेश प्रदेश सरकार को भेज दिया है, लेकिन योगी सरकार उसे दबाए है।
आरक्षण विरोधियों ने लिखा प्रधानमंत्री को पत्र
पदोन्नति में आरक्षण संबंधी बिल के विरोध में सर्वजन हिताय संरक्षण समिति ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बिल को निरस्त करने की मांग की है। साथ ही, जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय किया है।
समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र दूबे ने बताया कि अभियान में प्रदेश के सभी सांसद व विधायकों को ज्ञापन सौंपकर आरक्षण बिल का विरोध करने का अनुरोध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर जनजागरण अभियान शुरू कर दिया गया है।
पहले मंडल स्तर पर सम्मेलन होगा, जिसमें केंद्र व राज्य सरकार के आरक्षण विरोधी अधिकारी, कर्मचारी-शिक्षक व आम लोग शामिल होंगे। फिर, जिला स्तरीय सम्मेलन होगा, जिसमें आरक्षण के विरोध में निर्णायक संघर्ष का आह्वान किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो दिल्ली मार्च व हड़ताल भी की जाएगी।