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हाथरस जैसे केस में शवों के अन्तिम संस्कार की प्रक्रिया के दिशा-निर्देश बनाए सरकार : हाईकोर्ट
Tue, 13 Oct 2020 12:06 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 13 Oct 2020 12:06 AM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : wikipedia
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हाथरस कांड में पीड़िता के शव का रात में अन्तिम संस्कार करने जैसी घटना की पुनरावृति रोकने को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सम्बंधित अफसरों की कार्य प्रणाली पर सख्त रुख अख्तियार करते हुए सोमवार को कहा कि इसके लिए यूपी सरकार प्रक्रिया संबंधी दिशा निर्देश बनाए।
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कोर्ट ने तलब अफसरों को आड़े हाथों लेते हुए रात में शव जलाने के अहम सवाल पर यह भी कहा कि सरकार को हाथरस मामले की तरह की परिस्थितियों में शवों के दाह संस्कार के लिए दिशा-निर्देश तैयार करना ही होगा। इसपर कोर्ट में मौजूद प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने अदालत को आश्वस्त किया कि वह मामले में नियुक्त न्याय मित्र वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप नारायण माथुर से चर्चा व बातचीत कर प्रक्रिया संबंधी दिशा निर्देश तैयार करेंगें और इनकी जानकारी कोर्ट को दी जाएगी।
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न्याय मित्र माथुर के मुताबिक हाथरस कांड को लेकर उतर प्रदेश सरकार ने सोमवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में पक्ष रखा कि कानून व्यवस्था के मद्देनजर जिला प्रशासन ने रात्रि में मृतका का अंतिम संस्कार कराया। इस मामले में राज्य सरकार की नीयत साफ थी और दुर्भावनापूर्ण ढंग से कोई निर्णय नहीं लिया गया।
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साथ ही कहा कि सरकार इस केस को प्रतिकूल मुकदमेबाजी के रूप में नहीं ले रही है। माथुर ने बताया कि उन्होंने हाथरस कांड को लेकर प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में छपी खबरों के वांछित स्रोत संबंधी उप्लब्ध कराई गई सामग्री को कोर्ट के समक्ष पेश कर दिया है। माथुर के मुताबिक अब कोर्ट इस मामले में विस्तृत आदेश लिखाएगा।