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हाईकोर्ट में दाखिल शपथपत्र में सरकार ने माना, प्रदेश में पर्याप्त संख्या में वेंटिलेटर नहीं
Mon, 29 Apr 2019 02:19 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Mon, 29 Apr 2019 02:19 PM IST
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Lucknow High Court
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राज्य सरकार ने माना है कि प्रदेश में पर्याप्त संख्या में वेंटिलेटर नहीं हैं। प्रमुख सचिव चिकित्सा व स्वास्थ्य की ओर से हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में दाखिल शपथपत्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों व प्रशिक्षित मानव संसाधन की कमी को इसका कारण बताया गया है।
अस्पतालों में वेंटिलेटरों व अन्य संसाधनों की कमी को लेकर हाईकोर्ट के सख्त रवैये पर राज्य सरकार ने जवाबी शपथपत्र दाखिल किया है।
अदालत ने अस्पतालों को वेंटिलेटर और अन्य चिकित्सीय उपकरण मुहैया कराने के उपायों को लेकर 12 अप्रैल को प्रमुख सचिव चिकित्सा व स्वास्थ्य, डीजी चिकित्सा व स्वास्थ्य, निदेशक एसजी पीजीआई व केजीएमयू के कुलपति को जवाबी हलफनामे दाखिल करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने इनसे एक सप्ताह में जानकारी मुहैया कराने को कहा था।
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अस्पतालों में वेंटिलेटरों व अन्य संसाधनों की कमी को लेकर हाईकोर्ट के सख्त रवैये पर राज्य सरकार ने जवाबी शपथपत्र दाखिल किया है।
अदालत ने अस्पतालों को वेंटिलेटर और अन्य चिकित्सीय उपकरण मुहैया कराने के उपायों को लेकर 12 अप्रैल को प्रमुख सचिव चिकित्सा व स्वास्थ्य, डीजी चिकित्सा व स्वास्थ्य, निदेशक एसजी पीजीआई व केजीएमयू के कुलपति को जवाबी हलफनामे दाखिल करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने इनसे एक सप्ताह में जानकारी मुहैया कराने को कहा था।
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इसी क्रम में शपथपत्र दाखिल कर वेंटिलेटर की कमी की बात स्वीकारी गई। इसमें अदालत को यह भी बताया गया है कि डीजी चिकित्सा स्वास्थ्य की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है।
22 अप्रैल को हुई समिति की बैठक में सभी जिला अस्पतालों से वहां मौजूद वेंटिलेटरों व इन्हें लगाने को लेकर आ रही समस्या का पूरा ब्योरा एकत्र किए जाने का फैसला किया गया। शपथपत्र के साथ इस मीटिंग का ब्योरा भी अदालत में दाखिल किया गया है। सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर लगाने के मामले में हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 10 मई को होनी है।
22 अप्रैल को हुई समिति की बैठक में सभी जिला अस्पतालों से वहां मौजूद वेंटिलेटरों व इन्हें लगाने को लेकर आ रही समस्या का पूरा ब्योरा एकत्र किए जाने का फैसला किया गया। शपथपत्र के साथ इस मीटिंग का ब्योरा भी अदालत में दाखिल किया गया है। सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर लगाने के मामले में हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 10 मई को होनी है।