यूपीः सरकार ने स्वीकार किया प्रदेश में 5724 डेंगू मरीज, नौ की मौत
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प्रदेश में इस वर्ष कुल 5724 मरीज सामने आए हैं जबकि नौ मरीजों की मौत डेंगू के कारण हुई है। प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने शुक्रवार देर शाम हुई प्रेस कांफ्रेंस में यह आंकडे़ पेश किए।
उन्होंने 2016 के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि डेंगू का तीन साल की चक्रीय प्रवृत्ति है। जो हर तीन साल में बढ़ता है। 2016 में 15 हजार डेंगू के केस सामने आए थे और 42 मौतें हुई थी। पिछले आंकड़ों से इस बार स्थितियां काफी हद तक काबू में हैं।
स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने बताया कि 5724 डेंगू के मामलों में 1467 लखनऊ में, 1169 कानपुर, 234 प्रयागराज, 216 सहारनपुर, 178 वाराणसी के हैं। इन पांच जिलों में ही सबसे अधिक डेंगू के मरीज पाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 46 केंद्र डेंगू की जांच के लिए बनाए गए हैं। वहां की रिपोर्ट ही मान्य है। यदि किसी व्यक्ति को बुखार आता है तो वह सरकारी अस्पताल से ही खून की जांच कराए। वहां नि:शुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध है।
जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मच्छरदानी युक्त डेंगू वार्ड बनाए गए हैं। जहां मरीजों का समुचित इलाज हो रहा है। अस्पतालों में फीवर डेस्क भी बनाई गई है।
स्वास्थ्य मंत्री ने दावा किया कि जेई-एईएस की तरह ही डेंगू पर नियंत्रण के लिए कार्रवाई हो रही है। फरवरी, जुलाई और सितंबर में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाए गए हैं। प्रदेश के 67873 स्कूलों में नोडल शिक्षकों को मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक किया गया है।
डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में 9.37 लाख से अधिक घरों का भ्रमण किया और 10.88 लाख कंटेनर्स की जांच की गई। मच्छर जनित परिस्थितियां पाए जाने पर इनमें से 6128 लोगों को नोटिस जारी की गई है। स्कूलों को सलाह दी गई है कि वह बच्चों को फुल पैंट और पूरी आस्तीन की शर्ट पहनकर आने के लिए कहें। क्योंकि डेंगू का मच्छर दिन में ही काटता है।
निजी क्षेत्र के आंकड़ों को लेकर असमंजस
डेंगू के मरीजों की कुल संख्या को लेकर स्वास्थ्य विभाग में असमंजस की स्थिति है। स्वास्थ्य मंत्री ने आंकड़ों में निजी चिकित्सालयों और जांच केंद्रों के आंकड़े शामिल न होने की बात कही। वहीं निदेशक संचारी रोग डॉ. मिथलेश चतुर्वेदी ने दावा किया कि 5724 मरीजों में निजी क्षेत्र के आंकड़े भी शामिल हैं।
उन्होंने दावा किया कि 2016 से डेंगू बीमारी का नोटिफिकेशन हो गया है। इसलिए सभी निजी चिकित्सालयों को मरीजों की जानकारी देना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर नोटिस और कार्रवाई का प्रावधान है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के निर्देश पर प्रदेश में डेंगू की स्थिति बताने के लिए स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह के साथ अपर मुख्य सचिव सूचना अवनीश अवस्थी, प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य देवेश चतुर्वेदी, निदेशक सूचना शिशिर भी लोकभवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद थे।
हर बुखार डेंगू नहीं, वायरल में भी कम होती है प्लेटलेट्स
स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि हर बुखार डेंगू नहीं होता है। रक्त में प्लेटलेट्स की कमी होना भी डेंगू की पुष्टि नहीं करता है। अन्य वायरल फीवर में भी प्लेटलेट्स में कमी आती है। इसलिए मरीज को घबराना नहीं चाहिए और नजरीदी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच और इलाज करानी चाहिए।
उन्होंने बुखार के दौरान तरल पदार्थों का सेवन करने और मच्छरदानी में सोने की अपील भी की। अपर मुख्य सचिव सूचना अवनीश अवस्थी ने कहा कि इस समय तापमान 26 डिग्री के आसपास है। तापमान 23 डिग्री से कम होने और सर्दी बढ़ते ही डेंगू का प्रकोप भी कम हो जाएगा। लेकिन इस दौरान सावधानी बरत कर इस बीमारी से बचा जा सकता है।