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नेताजी का ‘अपनापन’
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 03 Sep 2014 02:57 PM IST
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एक राष्ट्रीय पार्टी के नेताजी हैं जो ब्रज भूमि से ताल्लुक रखते हैं। नेताजी सभी से ‘अपनापन’ दिखाने की पूरी कोशिश करते हैं।
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खासतौर पर अखबारनवीसों से वे इस तरह मिलते हैं जैसे वर्षों पुरानी जान पहचान हो। लेकिन कई बार उनके हथकंडे उलटे पड़ जाते हैं।
ज्यादा ‘अपनापन’ दिखाने के चक्कर में बेचारे नेताजी की पोल खुल जाती है। बात पिछले दिनों की है जब वे सत्ता के ‘मंदिर’ में स्थित अपने कार्यालय कक्ष में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
इसमें गिने-चुने पत्रकारों को बुलाया गया था। पत्रकार वार्ता के बाद नेता जी ने अंत में अपने चिर परिचित अंदाज में एक पुराने पत्रकार से कहा, अरे भाई आप से तो हमारा वर्षों पुराना नाता है...।
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इस पर दूसरे पत्रकार हैरत में पड़ गए। दरअसल, नेताजी जिनको संबोधित कर रहे थे। उनका नाम ही भूल गए या जानबूझकर दूसरे का नाम ले रहे थे।
बाहर निकलते ही सभी ने नेताजी के इस अंदाज पर खूब चुटकी ली। लोगों ने कहा कि जब नेताजी नाम नहीं जानते हैं तो वे किस तरह परिचित होंगे इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
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