बाजारखाला के भीड़भरे इलाके शास्त्रीनगर में शनिवार को दिनदहाडे़ दो बदमाशों ने सिगरेट कारोबारी के मैनेजर राजीव मिश्रा को गोली मारकर लाखों रुपये से भरा बैग लूट लिया। राजीव रकम जमा करने एचडीएफसी बैंक की अमीनाबाद शाखा जा रहे थे कि तभी पीछे से आए बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें टक्कर मारकर रोका और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
'शिकार' का इंतजार कर रहे थे लुटेरे, मैनेजर पर बरसाईं ताबड़तोड़ गोलियां, लाखों ले उड़े, तस्वीरें
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ऑफिस से करीब 200 मीटर आगे हुई घटना
ऑफिस से करीब 200 मीटर आगे ही शास्त्रीनगर में पीछे से आए बाइक सवार बदमाशों ने उसकी स्कूटी में टक्कर मार दी। राजीव के सड़क पर गिरते ही एक बदमाश बाइक से उतरा और उस पर असलहा तानकर फायरिंग शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बदमाश ने ताबड़तोड़ पांच गोलियां चलाईं।
इनमें से राजीव के दोनों पैरों में घुटने के आसपास दो और दाएं हाथ पर एक गोली लगी। वारदात से दहशत फैल गई। राहगीर रुक गए। उधर, बदमाश ने आराम से राजीव के हाथ से बैग छीना और वापस मुड़कर ढाल से आगे भाग निकले। राजीव ने फोन कर नवीन को लूट की सूचना दी। वह अन्य कर्मचारियों के साथ पहुंचे और लोगों की मदद से राजीव को अस्पताल ले गए।
इस बीच सूचना पाकर एएसपी पश्चिम के अलावा सीओ बाजारखाला अनिल कुमार यादव और वजीरगंज, बाजारखाला समेत कई थानों की पुलिस पहुंच गई। सीओ चौक दुर्गा प्रसाद तिवारी और चौक इंस्पेक्टर विश्वजीत सिंह ने ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर राजीव से घटनाक्रम की जानकारी ली।
मैनेजर ने पहले कहा 21 लाख, बाद में बोला- 12 लाख ही लुटे
लुटेरे कितने रुपये ले गए, इस बारे में स्पष्ट नहीं हो सका। वारदात के बाद राजीव ने ट्रॉमा सेंटर में 21 लाख रुपये लुटने की बात कही। हालांकि, कुछ देर बाद ही वह बयान से पलट गया और बैग में सिर्फ 12 लाख रुपये होने की जानकारी दी। उधर, पुलिस आठ से 10 लाख रुपये लूटे जाने की बात कहती रही।
कारोबारी नवीन गुप्ता का कहना था कि राजीव कितना रुपया ले गया था? इस बारे में जानकारी नहीं है। हिसाब मिलाया जा रहा है। देर शाम उसने जो एफआईआर दर्ज कराई, उसे लेकर भी अफसर चकरा गए। इसमें नवीन ने लिखा कि राजीव मिश्रा मेरी फर्म से बाहर लाख रुपये लेकर एचडीएफसी बैंक के लिए निकला।
उन्होंने नीचे लिखा कि ऑफिस पहुंचकर रुपये का हिसाब दे पाऊंगा। दोनों बातों से पुलिस यह तय नहीं कर पा रही है कि एफआईआर में रकम लिखाई गई है या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस शुरू में लिखे बाहर को बारह लाख रुपया माने या तहरीर के आखिर में ऑफिस पहुंचकर रुपये का हिसाब देने की बात पर विश्वास करे।
मैनेजर के पीछे लगे बदमाश रास्ते में खड़े साथियों को फोन से दे रहे थे खबर
मैनेजर राजीव से लाखों की लूट की वारदात में दो से अधिक बदमाश शामिल थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बदमाशों ने रेकी करने के बाद वारदात की है। राजीव रोज इसी वक्त पर रुपया जमा कराने बैंक के लिए निकलता है।
उसका रूट भी एक ही है। शनिवार दोपहर राजीव जब ऑफिस से निकला तो एक-दो बदमाश उसके पीछे लगे थे जबकि दो बदमाश शास्त्रीनगर में दुर्गा मंदिर के मोड़ पर इंतजार कर रहे थे। राजीव का पीछा करने वाले बदमाश आगे खड़े साथियों से मोबाइल के जरिए संपर्क में थे।
वह राजीव की पल-पल की खबर उन्हें दे रहे थे। राजीव के शास्त्रीनगर में दुर्गा मंदिर के पास पहुंचने की खबर मिलते ही उसका इंतजार कर रहे बदमाशों ने बाइक स्टार्ट करके पोजीशन ले ली। वह दूसरी तरफ से घूमकर राजीव की स्कूटी के सामने पहुंचे और टक्कर मारकर उसे रोक लिया।
सड़क पर इंतजार करते हुए बदमाशों की फुटेज मिली
फुटेज से साफ है कि बदमाश लगभग पांच मिनट तक सड़क पर खड़े रहे। फुटेज में दोनों मोबाइल फोन पर बातचीत करते हुए भी नजर आ रहे हैं। पुलिस बदमाशों की पहचान के लिए उनके भागने के रूट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
बाइक पर नहीं था नंबर, हेलमेट से चेहरा छिपाए थे लुटेरे
बदमाश जिस बाइक से आए थे, उस पर नंबर नहीं लिखा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बाइक सवार दोनों बदमाश चेहरा छिपाने के लिए हेलमेट लगाए हुए थे। राजीव को गोली मारकर बैग छीनने के दौरान एक बदमाश ने बिना हेलमेट उतारे ही गुटखा थूका था।