दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में बीती रात उन्नाव पीड़िता की मौत के बाद मामले में सियासत तेज हो गई है। विपक्षी पार्टियों ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। इसी बीच शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लखनऊ में विधानभवन के सामने धरने पर बैठ गए। उनके समर्थन में विधानभवन पहुंचने वाले सपा नेताओं और पुलिस के बीच झड़प हो गई।
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सपा नेताओं और पुलिस के बीच झड़प
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था, महिलाओं के प्रति अपराधों में वृद्धि पर आक्रोश जताने के लिए अखिलेश यादव 11 बजे विधानभवन के सामने पहुंचे और प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल व राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चौधरी के साथ धरने पर बैठ गए। इसके बाद बड़ी संंख्या में उनके समर्थन में पहुंचे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोकने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान उनके बीच हुई झड़प में भगदड़ मच गई। इस दौरान न केवल पुरुष बल्कि महिलाओं के खिलाफ भी पुलिस बेहद सख्त नजर आई।
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सपा नेताओं और पुलिस के बीच झड़प
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अखिलेश के धरने पर बैठने की सूचना मिलते ही कार्यकर्ताओं का विधानभवन पहुंचना शुरू हो गया था। सपा नेताओं ने कहा कि भाजपा राज में महिलाएं, बच्चियां सुरक्षित नहीं है। सपा पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाने के लिए लड़ाई लड़ेगी।
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इस दौरान अखिलेश यादव ने कहा उन्नाव की घटना बेहद दुखद और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि उन्नाव की बेटी जिंदा रहना चाहती थी, लेकिन डॉक्टरों की कोशिश के बाद भी वह नहीं बची। बीजेपी सरकार में यह पहली घटना नहीं है। बीजेपी सरकार में बेटियां न्याय मांग रही हैं।
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अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी सरकार में बेटियों के खिलाफ अपराध बढ़ा है। अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी कानून व्यवस्था ठीक होने का दावा करती है। राज्य सरकार एक बेटी की जान नहीं बचा पाई।