फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Gonda: Woman dies after falling from roof due to monkeys chasing her.

Gonda: बंदरों के दौड़ाने से छत से गिरी महिला की मौत, घर से लेकर दफ्तरों तक छाया है आतंक

Mon, 20 Jan 2025 07:15 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा
अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा Published by: ishwar ashish Updated Mon, 20 Jan 2025 07:15 PM IST
सार

गोंडा में बंदरों के दौड़ाने से छत से गिरी महिला की मौत हो गई। बंदरों ने चावल छीनने के लिए महिला पर छलांग लगा दी तभी संतुलन बिगड़ने से वह सीढ़ियों पर गिर गई और मौत हो गई।

विज्ञापन
Gonda: Woman dies after falling from roof due to monkeys chasing her.
मृतक महिला पदमा देवी। - फोटो : amar ujala

विस्तार

अयोध्या से सटे होने के चलते जिले में बंदरों का आतंक बढ़ गया है। बंदरों के दौड़ाने से छत से गिरीं नवाबगंज के खड़ौआ के लोनियन पुरवा निवासी पदमा देवी (50) की रविवार की शाम को मौत हो गई। सोमवार को परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए अयोध्या में शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

विज्ञापन


थाना क्षेत्र के लोनियन पुरवा निवासी राघवराम चौहान की पत्नी पदमा देवी रविवार की शाम छत पर फैलाए गए चावल को उठाने गईं थी तभी बंदरों का झुंड छत पर पहुंच गया। बंदरों ने चावल छीनने के लिए उन पर छलांग लगा दी। इसके बाद वह नीचे उतरने लगी तभी नियंत्रण खोने से वह सीढ़ियों से फिसल गईं। करीब 10 फीट नीचे गिरने से वहीं पर उनकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, ईंट से टकराने से उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं थीं।
विज्ञापन




ग्राम प्रधान प्रतिनिधि चिंतामणि तिवारी ने बताया कि सोमवार सुबह पदमा देवी का अयोध्या में अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों ने पुलिस को घटना की जानकारी नहीं दी। प्रभारी निरीक्षक निर्भय नारायण सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रिहायशी इलाके से सरकारी दफ्तरों तक है बंदरों का डर
बंदरों का डर रिहायशी इलाकों तक है। सोमवार को नवाबगंज थाने परिसर में सैकड़ों की संख्या में बंदर डेरा जमाए रहे। हालांकि, प्रभारी निरीक्षक ने वन विभाग से संपर्क कर बंदरों को पकड़वाने के दावे किए हैं। इसके साथ ही कलेक्ट्रेट में कोषागार के आसपास बंदर लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। फाइल सुरक्षित रखना भी चुनौती रही है। मुख्य कोषाधिकारी श्याम लाल जायसवाल ने बताया कि बंदरों को भगाने के लिए लंगूर के फोटो लगाए गए हैं। उनका कहना है कि लंगूर को देखकर लाल मुंह वाले बंदर नहीं आते हैं। ऐसे में जिलाधिकारी के स्तर से प्रयास किए गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed