{"_id":"60d8ce5f8ebc3e9e7e558478","slug":"gold-lko-city-news-lko5844267118","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखनऊ ः गहनों की बढ़ी बिक्री, पर होलसेल के कारोबार में 25 फीसदी की गिरावट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊ ः गहनों की बढ़ी बिक्री, पर होलसेल के कारोबार में 25 फीसदी की गिरावट
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लखनऊ। कोरोना कर्फ्यू के बाद गहनों की डिमांड बढ़ने से सोने में रौनक लौटी है। शहरवासी रोजाना औसतन 35 करोड़ के सोने के गहने खरीद रहे हैं। जबकि सामान्य दिनों में रोजाना औसतन 25 करोड़ के गहनों की ही डिमांड रहती थी। पर, ये रौनक सिर्फ रिटेल कारोबार में ही देखने को मिल रही है। चौंकिए नहीं, कारोबारियों के आंकड़े बताते हैं कि होलसेल कारोबार घटा है। होलसेल का कारोबार औसतन 60 करोड़ रुपये रोजाना का रहा है। पर, अब यह 45 करोड़ पर ही सिमट गया है। यानी होलसेल का कारोबार सीधे-सीधे एक चौथाई कारोबार घट गया है। होलसेल और रिटेल दोनों को मिलाकर देखें तो पूरे कारोबार पर 20 फीसदी की कमी नजर आती है। इस साल जनवरी-फरवरी में रोजाना करीब 100 करोड़ के गहने बिक रहे थे, जो घट कर करीब 80 करोड़ पर आ गए।
सराफा बाजारों के कारोबार के आंकड़ों को तुलनात्मक रूप से देखें तो सबसे ज्यादा आशियाना के बाजार में डिमांड ज्यादा है। यहां जनवरी-फरवरी के मुकाबले 20 फीसदी गहने अधिक बिक रहे हैं। अमीनाबाद दूसरे तो चौक सराफा बाजार तीसरे स्थान पर नजर आ रहा है। चौक सराफा बाजार में कम डिमांड होना बताता है कि होलसेल का कारोबार कम हुआ है। चौक सराफा बाजार गहनों के होलसेल का प्रमुख केंद्र है। सहालग के गहनों की डिमांड चल ही रही है। रिटेल में इस बढ़ी डिमांड का असर भी दिख रहा है तो होलसेल में क्यों नहीं? कारोबारियों का इसके पीछे तर्क है कि हॉलमार्किंग को लेकर खींचतान की स्थिति इसके लिए जिम्मेदार है। होलसेल कारोबारी चाहते हैं कि रिटेलर हॉलमार्किंग कराए, जबकि रिटेलर की मंशा है कि होलसेल कारोबारी हॉलमार्किंग कराकर सप्लाई करें। रिटेलर कारोबारी सवाल करते हैं कि हॉलमार्किंग में कोई भी विवाद होने पर जिम्मेदार कौन होगा? बहरहाल सहालग की डिमांड होने की वजह से रिटेल में कारोबार बढ़ा है। इन दिनों सोने की चूड़ियां, कड़े, चेन, टीका, सोने और डायमंड की अंगूठियां, मंगलसूत्र की मांग ज्यादा है। गहनों की मांग के ट्रेंड को देखें तो साफ हो जाता है कि अभी सहालग के गहनों की ज्यादा डिमांड है। शादी के गहनों को छोड़ दिया जाए तो हल्के गहने ही मांग में हैं।
चौक के होलसेल कारोबारी आदीश कुमार जैन का कहना है कि लखनऊ ही नहीं, बल्कि 200 किलोमीटर के दायरे में जितने भी जिले और कस्बे हैं वहां के रिटेल कारोबारी चौक के होलसेल मार्केट से सोने और चांदी के गहने खरीदकर बेचते हैं। कोरोना कर्फ्यू के बाद जब सराफा बाजार खुले तो तीन-चार दिन तो रिटेल कारोबारियों की काफी भीड़ रही पर अब ऐसा नहीं है। ट्रेंड की बात करें तो इस समय जनवरी, फरवरी में होने वाले होलसेल कारोबार के मुकाबले 70 फीसदी गहने ही बिक रहे हैं। वहीं आलमबाग सराफा एसोसिएशन के चेयरमैन रामकुमार वर्मा का कहना है कि अभी 15 जुलाई तक शादियां हैं। पर, जो अब ट्रेंड देखने को मिल रहा है उसके मुताबिक आलमबाग में खरीदारी के लिए कम परिवार आ रहे हैं। जून में यहां रिटेल कारोबार सामान्य दिनों के मुकाबले 45 फीसदी ही रहा। जबकि अन्य बाजारों में खरीदारी का अच्छा औसत है। आलमबाग के बाजार में क्यों कम डिमांड रही, इसपर कारोबारी मंथन कर रहे हैं।
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लखनऊ महानगर सराफा एसोसिएशन के चेयरमैन राजीव रस्तोगी कहते हैं कि इसी साल जनवरी से मार्च तक रिटेल और होलसेल का रोजाना औसतन कारोबार 100 करोड़ रुपये का हुआ था, जोकि सामान्य दिनों से 40 करोड़ रुपये अधिक था। इस दौरान छोटी हो बड़ी, सभी दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही थी। अप्रैल से होने वाली शादियों के लिए गहने की खरीदारी के चलते यह भीड़ थी। इस अवधि के मुकाबले जून में जो भी कारोबार रिटेल और होलसेल का हो रहा वह संतोषजनक है। वहीं लखनऊ सराफा एसोसिएशन के महामंत्री प्रदीप अग्रवाल के मुताबिक इस वक्त सबसे ज्यादा डिमांड सगाई के लिए डायमंड की अंगूठियाें की है। इनमें लेडीज अंगूठी 25000 रुपये और जेंट्स 50000 रुपये कीमत तक की हैं। शादी के लिए भी हल्के गहनों की मांग ज्यादा है। यही वजह है कि अमीनाबाद का रिटेल कारोबार जनवरी-फरवरी की मुकाबले जून में 55 से 60 फीसदी ही है।
अवध सराफा एसोसिएशन के महामंत्री अरुण गुप्ता का कहना है कि इस वक्त आशियाना सहित आसपास के बाजारों में शादी के गहनों की जबरदस्त डिमांड है। इसके कारण यहां का रिटेल कारोबार जनवरी-फरवरी के मुकाबले 20 फीसदी तक बढ़ा है। यह डिमांड अमीनाबाद, आलमबाग, चौक, भूतनाथ और पत्रकारपुरम के मुकाबले सबसे अधिक है। वहीं चौक सराफा एसोसिएशन के प्रवक्ता डॉ. राजकुमार वर्मा के मुताबिक वर्ष 2020 के मुकाबले वर्ष 2021 कोरोना काल के बाद बाजार खुले तो कारोबार घट गया। पिछले साल जून के मुकाबले इस साल कारोबार आधा ही रहा है। इसकी वजह इस बार कोरोना का ज्यादा जानलेवा होना है। लोगों ने इसके खौफ से शादी सहित अन्य कार्यक्रम टाल दिए, जिन पर लोग गहने खरीदते थे।
कब कैसी रही कारोबार की चाल...
जनवरी-फरवरी 2021 में शादी के गहनों की मांग के कारण रिटेल कारोबार प्रतिमाह औसतन 2000 करोड़ का रहा।
जनवरी,फरवरी 2020 में रिटेल कारोबार प्रतिमाह औसतन 1750 करोड़ रुपये का रहा।
सामान्य दिनों में औसतन रिटेल कारोबार रोजाना 25 करोड़
सामान्य दिनों में औसतन रोजाना होलसेल कारोबार 35 करोड़
इस वक्त सहालग की मांग की वजह से रिटेल में रोजाना औसतन 35 करोड़ के गहनों की डिमांड
(नोट : कारोबारियों व उनके संगठनों के अनुमान के मुताबिक)
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सराफा बाजारों के कारोबार के आंकड़ों को तुलनात्मक रूप से देखें तो सबसे ज्यादा आशियाना के बाजार में डिमांड ज्यादा है। यहां जनवरी-फरवरी के मुकाबले 20 फीसदी गहने अधिक बिक रहे हैं। अमीनाबाद दूसरे तो चौक सराफा बाजार तीसरे स्थान पर नजर आ रहा है। चौक सराफा बाजार में कम डिमांड होना बताता है कि होलसेल का कारोबार कम हुआ है। चौक सराफा बाजार गहनों के होलसेल का प्रमुख केंद्र है। सहालग के गहनों की डिमांड चल ही रही है। रिटेल में इस बढ़ी डिमांड का असर भी दिख रहा है तो होलसेल में क्यों नहीं? कारोबारियों का इसके पीछे तर्क है कि हॉलमार्किंग को लेकर खींचतान की स्थिति इसके लिए जिम्मेदार है। होलसेल कारोबारी चाहते हैं कि रिटेलर हॉलमार्किंग कराए, जबकि रिटेलर की मंशा है कि होलसेल कारोबारी हॉलमार्किंग कराकर सप्लाई करें। रिटेलर कारोबारी सवाल करते हैं कि हॉलमार्किंग में कोई भी विवाद होने पर जिम्मेदार कौन होगा? बहरहाल सहालग की डिमांड होने की वजह से रिटेल में कारोबार बढ़ा है। इन दिनों सोने की चूड़ियां, कड़े, चेन, टीका, सोने और डायमंड की अंगूठियां, मंगलसूत्र की मांग ज्यादा है। गहनों की मांग के ट्रेंड को देखें तो साफ हो जाता है कि अभी सहालग के गहनों की ज्यादा डिमांड है। शादी के गहनों को छोड़ दिया जाए तो हल्के गहने ही मांग में हैं।
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चौक के होलसेल कारोबारी आदीश कुमार जैन का कहना है कि लखनऊ ही नहीं, बल्कि 200 किलोमीटर के दायरे में जितने भी जिले और कस्बे हैं वहां के रिटेल कारोबारी चौक के होलसेल मार्केट से सोने और चांदी के गहने खरीदकर बेचते हैं। कोरोना कर्फ्यू के बाद जब सराफा बाजार खुले तो तीन-चार दिन तो रिटेल कारोबारियों की काफी भीड़ रही पर अब ऐसा नहीं है। ट्रेंड की बात करें तो इस समय जनवरी, फरवरी में होने वाले होलसेल कारोबार के मुकाबले 70 फीसदी गहने ही बिक रहे हैं। वहीं आलमबाग सराफा एसोसिएशन के चेयरमैन रामकुमार वर्मा का कहना है कि अभी 15 जुलाई तक शादियां हैं। पर, जो अब ट्रेंड देखने को मिल रहा है उसके मुताबिक आलमबाग में खरीदारी के लिए कम परिवार आ रहे हैं। जून में यहां रिटेल कारोबार सामान्य दिनों के मुकाबले 45 फीसदी ही रहा। जबकि अन्य बाजारों में खरीदारी का अच्छा औसत है। आलमबाग के बाजार में क्यों कम डिमांड रही, इसपर कारोबारी मंथन कर रहे हैं।
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लखनऊ महानगर सराफा एसोसिएशन के चेयरमैन राजीव रस्तोगी कहते हैं कि इसी साल जनवरी से मार्च तक रिटेल और होलसेल का रोजाना औसतन कारोबार 100 करोड़ रुपये का हुआ था, जोकि सामान्य दिनों से 40 करोड़ रुपये अधिक था। इस दौरान छोटी हो बड़ी, सभी दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही थी। अप्रैल से होने वाली शादियों के लिए गहने की खरीदारी के चलते यह भीड़ थी। इस अवधि के मुकाबले जून में जो भी कारोबार रिटेल और होलसेल का हो रहा वह संतोषजनक है। वहीं लखनऊ सराफा एसोसिएशन के महामंत्री प्रदीप अग्रवाल के मुताबिक इस वक्त सबसे ज्यादा डिमांड सगाई के लिए डायमंड की अंगूठियाें की है। इनमें लेडीज अंगूठी 25000 रुपये और जेंट्स 50000 रुपये कीमत तक की हैं। शादी के लिए भी हल्के गहनों की मांग ज्यादा है। यही वजह है कि अमीनाबाद का रिटेल कारोबार जनवरी-फरवरी की मुकाबले जून में 55 से 60 फीसदी ही है।
अवध सराफा एसोसिएशन के महामंत्री अरुण गुप्ता का कहना है कि इस वक्त आशियाना सहित आसपास के बाजारों में शादी के गहनों की जबरदस्त डिमांड है। इसके कारण यहां का रिटेल कारोबार जनवरी-फरवरी के मुकाबले 20 फीसदी तक बढ़ा है। यह डिमांड अमीनाबाद, आलमबाग, चौक, भूतनाथ और पत्रकारपुरम के मुकाबले सबसे अधिक है। वहीं चौक सराफा एसोसिएशन के प्रवक्ता डॉ. राजकुमार वर्मा के मुताबिक वर्ष 2020 के मुकाबले वर्ष 2021 कोरोना काल के बाद बाजार खुले तो कारोबार घट गया। पिछले साल जून के मुकाबले इस साल कारोबार आधा ही रहा है। इसकी वजह इस बार कोरोना का ज्यादा जानलेवा होना है। लोगों ने इसके खौफ से शादी सहित अन्य कार्यक्रम टाल दिए, जिन पर लोग गहने खरीदते थे।
कब कैसी रही कारोबार की चाल...
जनवरी-फरवरी 2021 में शादी के गहनों की मांग के कारण रिटेल कारोबार प्रतिमाह औसतन 2000 करोड़ का रहा।
जनवरी,फरवरी 2020 में रिटेल कारोबार प्रतिमाह औसतन 1750 करोड़ रुपये का रहा।
सामान्य दिनों में औसतन रिटेल कारोबार रोजाना 25 करोड़
सामान्य दिनों में औसतन रोजाना होलसेल कारोबार 35 करोड़
इस वक्त सहालग की मांग की वजह से रिटेल में रोजाना औसतन 35 करोड़ के गहनों की डिमांड
(नोट : कारोबारियों व उनके संगठनों के अनुमान के मुताबिक)