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बॉयफ्रेंड के शौक पूरे करने के लिए लड़कियों ने उड़ाई 25 लाख की तिजोरी

Sun, 26 Jun 2016 01:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 26 Jun 2016 01:46 PM IST
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 girls did a huge theft in Lucknow to enjoy with boyfriends.
एसएसपी मंजिल सैनी के साथ पकड़ी गईं ये लड़कियां - फोटो : amar ujala

गर्लफ्रेंड की खातिर चोरी व लूट के मामले तो अक्सर सामने आते हैं, मगर विभूति खंड इलाके में बीबीए की दो छात्राओं ने अपने बॉयफ्रेंड्स के महंगे शौक पूरे करने के लिए 25 लाख रुपयों से भरी तिजोरी ही उड़ा डाली।

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सीआरपीएफ के कमांडेंट के घर में किराए पर रह रही दोनों छात्राओं ने मैकेनिक बुलाकर मकान मालिक के कमरों की डुप्लीकेट चाभियां बनवाईं और बॉयफ्रेंड की मदद से हाथ साफ कर दिया। बॉयफ्रेंड्स को महंगी बाइक गिफ्ट करने के साथ नगदी में बराबर का हिस्सा दिया।
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अपने लिए स्कूटी व अन्य महंगे सामान खरीद डाले। पुलिस ने दोनों छात्राओं के साथ बीडीएस के छात्र को गिरफ्तार करके 16.73 लाख रुपये, दो बाइक, स्कूटी व अन्य सामान बरामद किए हैं, जबकि दूसरी छात्रा का दोस्त एमबीए का छात्र फरार है।
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एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि सीआरपीएफ के कमांडेंट रमेश कुमार सिंह का घर विभूतिखंड के वास्तुखंड में है। उनके यहां किराएदार मीनाक्षी पंत छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले की रहने वाली है। वह बीबीडी से बीबीए की पढ़ाई कर रही थी। उसके साथ हरदोई की विष्णुपुरी कॉलोनी की अंशिका ठाकुर भी रहती थी, जो सेठ विशंभरनाथ कॉलेज में बीबीए तृतीय वर्ष की छात्रा है।

हर महीने दिए जाते थे 25 हजार फिर भी नहीं पूरे हुए शौक

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बरामद की गई नगदी व गिरफ्तार लड़की का बॉयफ्रेंड - फोटो : amar ujala

मीनाक्षी का बॉय फ्रेंड श्रीधर चटर्जी अलीगंज की विष्णुपुरी कॉलोनी में रहता है जो बीबीडी में बीडीएस का छात्र है। बलरामपुर जिले के जरवा थाने के पुरानी बाजार तुलसीपुर निवासी उसका दोस्त शांतनु सिंह भी एमबीए का छात्र होने के साथ मुंशी पुलिया पर किराए पर रहकर बैंकिंग की तैयारी कर रहा है। वह अंशिका का बॉयफ्रेंड है।

चारों के महंगे शौक थे। इनमें मीनाक्षी अपने पिता द्वारा हर महीने भेजे जा रहे 25 हजार रुपये में से अपने व बॉयफ्रैंड के कुछ शौक पूरे कर लेती थी। इसके बावजूद दोनों खुश नहीं थे।

ऐसे अंजाम दी वारदात
झारखंड में सीआरपीएफ के कमांडेंट रमेश कुमार सिंह का परिवार पिछले महीने लखनऊ आया था। दोनों छात्राओं का उनके घर आना-जाना लगा रहा। इस दौरान उन्होंने रमेश के घर में महंगी वस्तुओं के साथ तिजोरी देखी। अनुमान लगाया कि वह गहने-नगदी तिजोरी में बंद करके रखते हैं। कुछ दिनों बाद रमेश का परिवार सेकंड फ्लोर पर रहने चला गया।

फर्स्ट फ्लोर पर किराए पर रह रही मीनाक्षी व अंशिका से देखभाल की बात कही। इसके बाद दोनों छात्राओं ने मकान मालिक के घर में हाथ साफ करने की साजिश रचनी शुरू की। उन्होंने अपने बॉय फ्रेंड्स को भी मोटा माल मिलने का लालच देकर साजिश में शामिल किया।

मैकेनिक बुलाकर बनवाई डुप्लीकेट चाभियां और उड़ाए पैसे

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चोरी के पैसों से ये स्कूटी व बाइकें खरीदी - फोटो : amar ujala

मीनाक्षी को साथ लेकर अंशिका गोमतीनगर के पत्रकारपुरम चौराहे के पास चाभी बनाने वाले मैकेनिक के पास पहुंची। बताया कि घर की चाभियों का गुच्छा गुम हो गया है। दोनों ने परेशानी बताने के साथ मैकेनिक से घर चलने की फीस देने की बात कही और उसे साथ ले गई। इस तरह मकान मालिक के कमरों के साथ सेफ भी खुलवा लिया। उसमें रखे गहने व कुछ रुपये बटोर लिए।

बर्थडे पार्टी में मनाया जश्न
एसओ विभूति खंड सत्येंद्र कुमार राय ने बताया कि अंशिका ने 26 मई को अपने बर्थडे का जश्न मनाया। बॉयफ्रेंड शांतनु के साथ मीनाक्षी व उसका बॉयफ्रेंड श्रीधर चटर्जी भी शामिल हुआ। खाना खाने के बाद दोनों छात्राओं ने बॉय फ्रैंड्स को रमेश के कमरे में ले जाकर तिजोरी दिखाई। उसे खोलने में नाकाम रहने पर उखाड़ ले जाने का इरादा बनाया।

अगले दिन शांतनु व श्रीधर कटर लेकर आए। तिजोरी को मीनाक्षी के कमरे में ले जाकर खोला। उसमें 25 लाख रुपयों के साथ चांदी की कुछ कटोरियां हाथ लगने से चारों लोग चहक उठे।

राप्ती में फेंक आईं तिजोरी
मोटा माल हाथ लगने के साथ चारों लोगों ने सुबूत मिटाने की तैयारी की। श्रीधर व शांतनु ने गोरखपुर के लिए टैक्सी बुक की और तिजोरी को उसमें लादकर राप्ती नदी में फेंक आए। इस बीच अंशिका ने चांदी के बर्तन व कुछ अन्य सामान कठौता झील में फेंक दिया। सुबूत मिटाने से पहले चारों लोगों ने रकम का बंटवारा किया। सभी के हिस्से में 6.25 लाख रुपये आए।

...और इस तरह लुटा दिए लाखों रुपये

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बरामद हुई बाकी की नगदी - फोटो : amar ujala

अंशिका ने शांतनु को 1.35 लाख की बाइक दिलाई, जबकि मीनाक्षी ने श्रीधर को महंगी पल्सर दिलाई। दोनों छात्राओं ने अपने लिए 60-60 हजार की स्कूटी, महंगे मोबाइल, सोने की चेन, पर्स, ब्रांडेड कपड़े आदि खरीदे। इसके साथ महंगे रेस्टोरेंट में रोजाना दावत का सिलसिला चल रहा था।

मॉडल बनने की ख्वाहिश में मुंबई का टिकट कटाया
मीनाक्षी ने अपने हिस्से के कुछ रुपये श्रीधर के पास छोड़े और खुद मॉडल बनने के इरादे से फ्लाइट से मुंबई गई। अनेक लोगों से संपर्क किया। बात न बनने पर सैरसपाटा करके लौट आई, जबकि अन्य तीनों लोग लखनऊ में ही मौजमस्ती करते रहे।

ऐसे हुआ खुलासा
एसओ विभूति खंड ने बताया कि कमांडेंट रमेश सिंह ने 19 जून को एक सिपाही को अपने घर की चाभी देकर वहां रखे बेटी के सर्टिफिकेट लाने भेजा था। उसने ताला खोला कमरों में सामान बिखरा देखकर रमेश सिंह के फोन करके जानकारी दी।

रमेश ने विजयंत खंड के निवासी अपने ससुर सुखेन कुमार सिंह को मौके पर भेजा। सुखेन कुमार ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। एसआई विजय सिंह को तफ्तीश सौंपने के साथ वेव चौकी इंचार्ज सुजीत उपाध्याय को भी बदमाशों की तलाश के निर्देश दिए गए।

पुलिस टीम को किराए पर रह रही अंशिका व मीनाक्षी की नई स्कूटी खटकी। उनकी गतिविधियों से शक गहराया। बॉयफ्रेंड की महंगी बाइक के बारे में छानबीन की। अहम सुराग लगने पर अंशिका व मीनाक्षी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। महिला पुलिसकर्मियों की सख्ती पर दोनों ने राज उगलने शुरू कर दिए।

स्कूटी की डिक्की में 2.33 लाख

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एसआई सुजीत उपाध्याय ने बताया कि महंगा मोबाइल, सोने की चेन, पर्स, नए खरीदे कपड़े बरामद होने के बाद भी अंशिका रकम के बारे में टालमटोल कर रही थी। उसकी स्कूटी की डिक्की खोली तो 2.33 लाख रुपये मिले।

मुंबई से लौटी मीनाक्षी के पास स्कूटी व 40,500 रुपये थे। सख्ती पर खुलासा हुआ कि उसने मोटी रकम अपने बॉयफ्रेंड को दी है। उसे साथ लेकर श्रीधर के घर दबिश दी गई। उसके कब्जे से पल्सर बाइक के साथ 14 लाख रुपये मिले। इंदिरानगर के बी-ब्लॉक में शांतनु सिंह के घर दबिश देने पर सुजुकी जिल्सर बाइक बरामद हुई, जबकि शांतनु फरार हो गया।

इनकी करतूत ने किया शर्मसार, पिता के अरमानों पर पानी फेरा
मीनाक्षी ने बताया कि उसके पिता राजेंद्र पंत छत्तीसगढ़ में एससीसीएल में अकाउंटेंट हैं और हर महीने उसे 25 हजार रुपये भेजते हैं। इसमें सात हजार रुपये मकान का किराया देती थी। कुछ पढ़ाई में खर्च करती, जबकि शेष रुपये बॉयफ्रेंड के साथ घूमने फिरने में उड़ा देती थी। बोली कि बीबीए पास करने के बाद एमबीए के लिए एलयू में दाखिला लिया है। हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की।

घर से मिलते थे पैसे पर नहीं पूरे होते थे महंगे शौक

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मीनाक्षी पंत व अंशिका ठाकुर - फोटो : amar ujala

अंशिका ठाकुर ने पुलिस को बयान दिया कि उसके पिता राकेश प्रताप सिंह की मौत हो चुकी है। परिवार के कुछ लोग हरदोई में विष्णुपुरी कॉलोनी में और कुछ लोग बघौली थाने के गांव दौलतपुर में रहते हैं।

भाई आयुष ठाकुर प्रधान है, जो हर महीने दस हजार रुपये के हिसाब से उसे खर्च देता था। चार हजार रुपये मकान का किराया देने के बाद महंगे शौक पूरे करने के पैसे नहीं बचते थे। इसके चलते मोटा माल उड़ाने का इरादा बनाया था।

डॉक्टर बनाना चाहते थे पिता
बीडीएस तृतीय वर्ष के छात्र श्रीधर चटर्जी ने पुलिस को बताया कि उसके पिता डॉ. देवेश चटर्जी केकेसी में लेक्चरर थे। उन्होंने एक अन्य संस्थान में जॉइन किया है। बेटे को डॉक्टर बनाना चाहते थे। बीबीडी में दाखिला कराया। वहीं मीनाक्षी से दोस्ती हुई। खर्चीले स्वभाव की मीनाक्षी उसके भी शौक पूरे करती थी। महंगी बाइक पर फर्राटे भरने व अन्य अरमान पूरे नहीं हो पा रहे थे।

मीनाक्षी की भी मॉडल बनने की तमन्ना थी। एसओ ने बताया कि दबिश देते ही डॉ. देवेश चटर्जी व परिवार के अन्य लोगों ने बेटे को निर्दोष बताया लेकिन महंगी बाइक के बारे में सवाल करते ही नजरें झुका लीं। बेटे के कब्जे से बाइक के साथ 14 लाख की बरामदगी से वह शर्मसार थे।

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