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Lucknow News: गेगासो गंगा पुल क्षतिग्रस्त, लोगों के लिए खतरा

Mon, 08 Jul 2024 04:50 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Mon, 08 Jul 2024 04:50 AM IST
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Gegaso Ganga bridge damaged, danger to people
रायबरेली में रविवार को सरेनी थाना क्षेत्र में बांदा-बहराइच हाईवे पर क्षतिग्रस्त गेगासो गंगा पुल
रायबरेली। जिले को पूर्वांचल के जनपदों से जोड़ने वाले बांदा-बहराइच एनएच-232 स्थित गेगासो गंगाघाट पर बना पुल कई जगहाें से क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे रोजाना पुल से आवागमन करने वाले एक लाख लोगों की जिंदगानी खतरे में है। इस पुल की आयु पूरी होने वाली है। इसके बावजूद एनएचएआई विभाग इसके मरम्मत को लेकर तत्परता नहीं दिखा रहा। यह पुल एक माह से क्षतिग्रस्त है, लेकिन इसे ठीक कराने की सुध न तो विभागीय और न ही जिला प्रशासन के अधिकारी ले रहे हैं।
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बांदा-बहराइच हाईवे से फतेहपुर, बांदा, टांडा जिले को जोड़ता है। करीब एक किमी. लंबे गंगा पुल का निर्माण 1977 में हुआ था। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री राजनारायण ने इसका उद्घाटन किया था। रख-रखाव के अभाव में पुल जर्जर हो गया। पुल के एक्सपेंशन ज्वाइंट में लगीं सरिया टूट गईं हैं। ज्वाइंटों के पास सरिया दिखने लगीं हैं। मसाला टूटकर गिरने लगा है। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बारिश के दौरान पुल के ढहने का खतरा मंडराने लगा है। इससे पुल से सफर करने वाले लोगों का जीवन खतरे में है। इस पुल से हर दिन 10 हजार से ज्यादा छोटे और बड़े वाहन चालक जान हथेली पर रखकर सफर करते हैं।
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हर दिन फर्राटा भरते हैं चार हजार से ज्यादा ट्रक
रायबरेली को पूर्वांचल के जिलों से जोड़ने के लिए बनाए गए इस गंगा पुल से 1977 से चार दशक पहले तक 100 से 200 ट्रक गुजरते थे, लेकिन अब चार हजार से ज्यादा गुजरते हैं। मौरंग, गिट्टी लदे ट्रक इसी हाईवे से गुजरते हैं। निजी व कई सरकारी बसें भी गुजरती हैं। ट्रकों के ओवरलोड की वजह से पुल जर्जर हो गया है।
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दो साल पहले हुई थी मरम्मत
दो साल पहले भी पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। एनएचएआई के अफसरों ने पुल से आवागमन रोकने के साथ पुल की मरम्मत कराई थी। मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन स्थिति फिर से जस की तस हो गई है। क्षेत्रीय लोगों ने पुल की मरम्मत कराने के लिए एनएचएआई और डीएम से शिकायत की, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया।

50 साल होती है पुल की आयु
सेतु निगम के एक अभियंता ने बताया कि औसतन पुल की आयु 50 साल होती है। पुल का निर्माण 47 साल पहले कराया गया था। इस हिसाब से पुल की आयु पूरी होने में महज तीन साल बाकी हैं। अफसरों की लापरवाही से बिहार जैसा हादसा यहां भी हो सकता है।


कराई जाएगी मरम्मत
एनएचएआई के साइड इंजीनियर आलेख सिंह का कहना है कि गेगासो गंगा पुल के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली है। टीम भेजकर पुुल को ठीक कराया जाएगा।

अधिकारियों को दिए गए निर्देश
गेगासो गंगापुल के किनारे की सड़क के उखड़ने की जानकारी मिली है। इसपर तत्काल एनएचएआई के अधिकारियों को मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। शासन के निर्देश पर पहले से ही 50 साल पुराने पुलों का सर्वे कराया जा रहा है।

- प्रफुल्ल त्रिपाठी, एडीएम प्रशासन
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