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Lucknow News: अवधी, भोजपुरी और ब्रज भाषा के साथ होगी गीता व रामायण की पढ़ाई

Wed, 19 Mar 2025 02:15 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 19 Mar 2025 02:15 AM IST
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Geeta and Ramayana will be studied along with Awadhi, Bhojpuri and Braj languages

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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्र अब अवधी, भोजपुरी, ब्रजभाषा के साथ गीता, रामायण, वेद, पुराण, महाभारत से जुड़े पाठयक्रम भी पढ़ेंगे। नए सत्र में छात्र इन कार्सों में आवेदन कर सकेंगे। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत अंग्रेजी विभाग के परास्नातक पाठ्यक्रम में किया गया है।



इसके तहत भारतीय संस्कृति और साहित्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर पांच नए पेपर आरंभ करने का फैसला किया गया है। यह सभी पेपर 20-20 क्रेडिट के होंगे। यह जानकारी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर ओंकार नाथ उपाध्याय ने दी।
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उन्होंने बताया कि भारत वर्ष के अंग्रेजी साहित्य में यह बदलाव पहली बार हुआ है। इसमें इंडियन क्लासिकल लिटरेचर, इंडियन पोएटिक्स एंड एस्थेटिक्स, लैंग्वेज लिटरेचर इन ट्रांसलेशन, इंडियन लिटरेचर इन इंग्लिश और इंडियन डायस्पोरा एंड कल्चर स्टडीज नामक पांच नए पेपर शुरू किए जाएंगे।
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14 माहेश्वर सूत्रों के बारे में भी मिलेगी जानकारी



14 माहेश्वर सूत्रों और अलंकार, ध्वन, रस, छंद शास्त्र को भी बताया जाएगा। इंडियन लिटरेचर इन इंग्लिश में कनाडा, अमेरिका और इंग्लैंड में रहने वाले भारतीय लेखकों की किताबों और उनके व्यक्तित्व के बारे में बताया जाएगा। इनका कार्य सिर्फ अंग्रेजी भाषा में है।

22 भारतीय भाषाओं के साहित्य को अंग्रेजी में पढ़ाने की तैयारी

प्रोफेसर ओंकार नाथ के मुताबिक, लैंग्वेज लिटरेचर इन ट्रांसलेशन में 22 भारतीय भाषाओं के साहित्य को अंग्रेजी में पढ़ाएंगे। इसमें भोजपुरी की कविता बटोहिया को जोड़ा गया है। अवधी में तुलसीदास और ब्रज में सूरदास के साथ तमिल, तेलुगू, गुजराती कविताओं को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।




इंडियन नॉलेज ट्रेडिशन पेपर में सीटें भरीं



प्रोफेसर ओंकार के अनुसार, विभाग में तीन वर्ष पूर्व इंडियन नॉलेज ट्रेडिशन नामक इंटरडिसिप्लनरी पेपर शुरू किया गया था। इसे कला संकाय का कोई भी छात्र पढ़ सकता है। इस पेपर में कुल 100 सीट थी। मगर, इसे पढ़ने वाले छात्रों की संख्या दोगुनी है।
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