कैसे बदल गया गौरी के इन कपडों का रंग?
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पुलिस ने गौरी हत्याकांड का खुलासा कर दिया। वह अपनी पीठ भी थपथपा रही है। पर खुलासे में जो कहानी पुलिस ने पेश किया उस पर उसकी मां और परिवार वालों को ऐतबार नहीं। अगर वे सवाल उठा रहे हैं तो उसका उनके पास ठोस आधार भी है।
उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट साफ कहती है कि गौरी को मोटराइज्ड हथियार से काटा गया। पर अब पुलिस कह रही है कि उसे आरी से काटा गया था। जानिए जिस खुलासे पर पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही है उसी पर गौरी की मां तृप्ता श्रीवास्तव और उसके परिवार वाले क्या सवाल उठा रहे हैं।
काला-सफेद कुर्ता कैसे हरा हो गया?
तृप्ता कहती हैं पीलिया होने के बाद पिछले दो महीने से गौरी मेरे सूट पहन रही थी। उस दिन भी उसने मेरा ही सूट पहना था। उसने उस दिन काला-सफेद कुर्ता और लाल सलवार पहनी थी। पुलिस ने जो कुर्ता दिखाया है, वह तो हरा है।
हम नहीं जानते किसी हिमांशु को
तृप्ता कहती हैं पुलिस गौरी का मोबाइल फोन बरामद होने की बात कह रही है। लेकिन उसने हमें मोबाइल नहीं दिखाया। न ही हमें गौरी के स्वेटर और चप्पलें दिखाई। आखिर क्यों नहीं हमें वारदात स्थल दिखाया गया।
गौरी के मामा कृष्ण कुमार का सवाल है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आए उससे साफ है कि गौरी को मोटराइज्ड हथियार से काटा गया। उसके कटे अंगों को देखकर कोई भी यही कहता। पर पुलिस अब आरी बता रही है। जो कि गले नहीं उतरती। इससे साफ है कि पुलिस कई चीजें छिपा रही है।
तृप्ता कहती हैं कि पुलिस गौरी के चरित्र पर सवाल उठा रही है। जबकि मेरी बेटी अकेले कहीं जाती ही नहीं थी। हिमांशु कौन है उसके बारे में हम नहीं जानते। वहीं मामा और मौसी अनीता का कहना है कि पुलिस ने हमसे कुछ कहा अब कुछ कह रही है। घर आने पर बताया था कि हम नहीं मीडिया वाले गौरी पर मनगढ़ंत कहानियां रच रहे। जिस कहानी को उसने मनगढ़ंत बताया उसे ही क्यों दुहरा रही है।