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अनुबंध की आड़ में गाड़ियां उड़ा रहे गिरोह का सरगना लखनऊ में गिरफ्तार
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लखनऊ। लग्जरी व कॉमर्शियल गाड़ियों को मोटे किराये पर लेकर चलाने का अनुबंध कराने के बाद हड़पने और जाली दस्तावेज तैयार कर बेच देने वाले गिरोह का सरगना मनीष कुमार उर्फ मनाीष राजपूत पुलिस के हत्थे चढ़ गया। इंदिरानगर व क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने उसे गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर 6 लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं, जिनकी कीमत करीब 75 लाख रुपये है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह के मुताबिक इंदिरानगर व क्राइम ब्रांच की पुलिस टीम ने बृहस्पतिवार देर शाम को पिकनिक स्पॉट तिराहे के पास से शातिर जालसाज मनीष सिंह उर्फ मनीष राजपूत को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ 13 लोगों ने मुकदमा दर्ज कराया है। मूलरूप से हमीरपुर के राठ मसगवां निवासी मनीष राजीव नगर में पत्नी शिवानी सिंह उर्फ शिवा के साथ रहता है। वह पत्नी व हमीरपुर राठ के सोहन गुप्ता, हरीश शर्मा के साथ गिरोह चलाता है। गिरोह के सदस्य रैनवी ट्रेडर्स के नाम से फर्म चलाते हैं। इसके जरिये गाड़ी मालिकों को उनकी लग्जरी का हर माह मोटा किराया देने का लालच देते हैं और अनुबंध कर लेते हैं। इसके बाद गाड़ी कब्जे में लेकर दूसरे जनपद भेजने के बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेच देते हैं। इधर, गाड़ी मालिकों को कुछ दिन किराया देकर बंद कर देते हैं।
नंबर बदल कर चला रहा था बीएमडब्लयू
प्रभारी निरीक्षक डॉ. रामफल प्रजापति के मुताबिक पुलिस ने जब मनीष को दबोचा तो वह बीएमडब्ल्यू कार में था। गाड़ी का रजिस्ट्रेशन पेपर मांगने पर उसने हरियाणा के नंबर वाली गाड़ी के कागजात दिखाए, जबकि कार में दिल्ली का नंबर दर्ज था। हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ पर उसने तीन डिजायर, एक फोर्ड टाईटेनियम, एक ऑल्टो कार बरामद कराईं, जो पिकनिक स्पॉट जंगल के अंदर खड़ी थीं। इन गाड़ियों के मालिकों ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसलिए वह इन गाड़ियों को देर रात बाहर भेजने की फिराक में था। इसीलिए निकला था। पूछताछ में उसने कुबूल किया कि वह इन गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन पेपर में हेराफेरी करता था। इंजन, चेसिस नंबर बदलने के बाद फर्जी रजिस्ट्रेशन पेपर तैयार कर इन्हें बेच देता था। इस काम में सोहन गुप्ता, पत्नी शिवानी सिंह और हरीश शर्मा के अलावा कुछ अन्य लोग भी साथ देते थे। पुलिस के पास से बरामद छह गाड़ियों की कीमत करीब 75 लाख रुपये हैं।
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एक साल पहले 13 लोगों से किया था अनुबंध
गिरोह ने एक साल पहले 13 लोगों से अनुबंध किया था। इसमें छोटी गाड़ियों के 30-35 हजार और बड़ी व लग्जरी गाड़ियों के 40-60 हजार रुपये महीने किराया तय किया था। इन गाड़ियों को जालसाजों ने गायब कर दिया। पीड़िताें में विकास यादव ने अपनी कार का अगस्त 2021 में, जगजीवन और अमित चौरसिया ने जुलाई में तो विनय कुमार ने अपनी भाभी की गाड़ी का अनुबंध जून 2021 में किया था। इसी तरह अरविंद की अर्टिगा, विनय की डिजायर, सुरेंद्र के पिकअप का अनुबंध अक्तूबर, स्वाती की बलेनो, आरती की आई-20 का दिसंबर, जितेंद्र के ट्रैक्टर का जनवरी 2022, राकेश की स्कार्पियो का सितंबर 2021, उत्तम सिंह के ट्रैक्टर का जनवरी 2022 और कृष्णा यादव की बीएमडब्ल्यू का अनुबंध जुलाई 2021 में हुआ। अनुबंध के बाद किराया मांगा गया तो मनीष की पत्नी ने सभी को दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद सभी ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई।
इन लोगों ने की शिकायत
विनय कुमार पाटिल घाटमपुर कानपुर नगर, विकास यादव प्रयागराज, जगजीवन आलमबाग लखनऊ, हेमंत कुमार नैनी प्रयागराज, अरविंद कुमार समस्तीपुर बिहार, सचिन सिंह बम्हरौली प्रयागराज, सुरेंद्र कुमार प्रयागराज, स्वाती यादव सिविल लाइन, प्रयागराज, अमित चौरसिया राजाजीपुरम गायत्री नगर, आरती राही काकादेव कानपुर, राकेश ठाकुर समस्तीपुर बिहार, जितेंद्र जालीमखेड़ा बिजनौर लखनऊ और सीतापुर कहारपुर उत्तम सिंह।
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एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह के मुताबिक इंदिरानगर व क्राइम ब्रांच की पुलिस टीम ने बृहस्पतिवार देर शाम को पिकनिक स्पॉट तिराहे के पास से शातिर जालसाज मनीष सिंह उर्फ मनीष राजपूत को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ 13 लोगों ने मुकदमा दर्ज कराया है। मूलरूप से हमीरपुर के राठ मसगवां निवासी मनीष राजीव नगर में पत्नी शिवानी सिंह उर्फ शिवा के साथ रहता है। वह पत्नी व हमीरपुर राठ के सोहन गुप्ता, हरीश शर्मा के साथ गिरोह चलाता है। गिरोह के सदस्य रैनवी ट्रेडर्स के नाम से फर्म चलाते हैं। इसके जरिये गाड़ी मालिकों को उनकी लग्जरी का हर माह मोटा किराया देने का लालच देते हैं और अनुबंध कर लेते हैं। इसके बाद गाड़ी कब्जे में लेकर दूसरे जनपद भेजने के बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेच देते हैं। इधर, गाड़ी मालिकों को कुछ दिन किराया देकर बंद कर देते हैं।
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नंबर बदल कर चला रहा था बीएमडब्लयू
प्रभारी निरीक्षक डॉ. रामफल प्रजापति के मुताबिक पुलिस ने जब मनीष को दबोचा तो वह बीएमडब्ल्यू कार में था। गाड़ी का रजिस्ट्रेशन पेपर मांगने पर उसने हरियाणा के नंबर वाली गाड़ी के कागजात दिखाए, जबकि कार में दिल्ली का नंबर दर्ज था। हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ पर उसने तीन डिजायर, एक फोर्ड टाईटेनियम, एक ऑल्टो कार बरामद कराईं, जो पिकनिक स्पॉट जंगल के अंदर खड़ी थीं। इन गाड़ियों के मालिकों ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसलिए वह इन गाड़ियों को देर रात बाहर भेजने की फिराक में था। इसीलिए निकला था। पूछताछ में उसने कुबूल किया कि वह इन गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन पेपर में हेराफेरी करता था। इंजन, चेसिस नंबर बदलने के बाद फर्जी रजिस्ट्रेशन पेपर तैयार कर इन्हें बेच देता था। इस काम में सोहन गुप्ता, पत्नी शिवानी सिंह और हरीश शर्मा के अलावा कुछ अन्य लोग भी साथ देते थे। पुलिस के पास से बरामद छह गाड़ियों की कीमत करीब 75 लाख रुपये हैं।
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एक साल पहले 13 लोगों से किया था अनुबंध
गिरोह ने एक साल पहले 13 लोगों से अनुबंध किया था। इसमें छोटी गाड़ियों के 30-35 हजार और बड़ी व लग्जरी गाड़ियों के 40-60 हजार रुपये महीने किराया तय किया था। इन गाड़ियों को जालसाजों ने गायब कर दिया। पीड़िताें में विकास यादव ने अपनी कार का अगस्त 2021 में, जगजीवन और अमित चौरसिया ने जुलाई में तो विनय कुमार ने अपनी भाभी की गाड़ी का अनुबंध जून 2021 में किया था। इसी तरह अरविंद की अर्टिगा, विनय की डिजायर, सुरेंद्र के पिकअप का अनुबंध अक्तूबर, स्वाती की बलेनो, आरती की आई-20 का दिसंबर, जितेंद्र के ट्रैक्टर का जनवरी 2022, राकेश की स्कार्पियो का सितंबर 2021, उत्तम सिंह के ट्रैक्टर का जनवरी 2022 और कृष्णा यादव की बीएमडब्ल्यू का अनुबंध जुलाई 2021 में हुआ। अनुबंध के बाद किराया मांगा गया तो मनीष की पत्नी ने सभी को दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद सभी ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई।
इन लोगों ने की शिकायत
विनय कुमार पाटिल घाटमपुर कानपुर नगर, विकास यादव प्रयागराज, जगजीवन आलमबाग लखनऊ, हेमंत कुमार नैनी प्रयागराज, अरविंद कुमार समस्तीपुर बिहार, सचिन सिंह बम्हरौली प्रयागराज, सुरेंद्र कुमार प्रयागराज, स्वाती यादव सिविल लाइन, प्रयागराज, अमित चौरसिया राजाजीपुरम गायत्री नगर, आरती राही काकादेव कानपुर, राकेश ठाकुर समस्तीपुर बिहार, जितेंद्र जालीमखेड़ा बिजनौर लखनऊ और सीतापुर कहारपुर उत्तम सिंह।