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Lucknow News: कश्मीर से कन्याकुमारी का अहसास, संगम का हर स्टॉल रहा खास
Sun, 28 Dec 2025 02:54 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 28 Dec 2025 02:54 AM IST
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कश्मीर से कन्याकुमारी का अहसास, संगम का हर स्टॉल रहा खास
लखनऊ। अमर उजाला और संस्कृति विभाग के साझा आयोजन संगम संस्कृतियों के तहत गोमती तट पर लगा हर स्टॉल अपने आप में खास रहा। इन स्टॉल पर कश्मीर से कन्याकुमारी और महाराष्ट्र से बंगाल तक की संस्कृति नजर आई। इन स्टॉल के संचालकों ने न सिर्फ अपने खान-पान बल्कि रहन-सहन और वेशभूषा का प्रदर्शन भी किया।
मराठी समाज: उमेश पाटिल की अगुवाई में लगा मराठी समाज का स्टॉल गजानन पाटिल, विकास पाटिल और सचिन के सहयोग से संचालित हुआ। इस स्टॉल पर वड़ा पाव, पोहा- चकली, मराठी ज्वैलरी, चुनरी व अन्य मराठी परिधान प्रदर्शित किए गए।
गुजराती समाज: प्रतिभा मेहता की अगुवाई में लगे गुजराती समाज के स्टॉल पर सुनील मेहता, अर्चना, आकांक्षा, स्मृतिशिखा, अंकिता, रचना, जया, राजीव ने येपला, खांडवा, खाखरा, दही-बड़े, घूघरा आदि व्यंजन सजाए।
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राजस्थानी समाज : ऋतु माहेश्वरी की अगुवाई में राजस्थानी समाज के स्टॉल पर विनोद माहेश्वरी, मनीष कूल, सोमनाथ कूल ने दालबाटी-चूरमा, गट्टे की सब्जी, राजस्थानी छप्पन भोग, राजस्थानी हस्तशिल्प के कपड़े सजाए।
पंजाबी समाज: मनमोहन सिंह की अगुवाई में पंजाबी समाज के स्टॉल पर छोले-कुल्चे, छोले-भटूरे, लखनवी कवाब पराठे, गुड़ की चाय, सरसों का साग, मक्के की रोटी व पंजाबी व्यंजन चखने को मिले।
कश्मीरी समाज : रवि काचरु की अगुवाई में स्टाल पर दीपक काचरु, रेनुलता कौल, संजय भट्ट की ओर से कहवा, दम आलू, पीली पनीर, पहाड़ी साग का स्वाद परोसा गया।
उत्तराखंडी समाज: नंदा रावत की अगुवाई में उभरत सिंह बिष्ट, गणेश जोशी, पूरन जोशी ने स्टॉल पर बाल मिठाई, आलू के गटके, पिष्ठछौड़ा दुपट्टा, पहाड़ी ज्वैलरी और साड़ियां सजाईं।
भोजपुरी समाज: प्रभुनाथ राय की अगुवाई में रामरतन यादव ने की ओर से बाटीचोखा, ठेकुआ, चना, भुजा लड्या माल पुए जैसे भोजपुरी समाज के पकवान रखे गए।
बंगाली समाज: मीठू राय की अगुवाई में स्टॉल पर अर्पिता कुंदू, संध्या दास, अनीशा, शिवानी, आसिम राय, पूजा श्रीवास्तव और आरपी सिंह की ओर से खजूर की मिठाई, चावल व गुड़ के पीठे, चावल और बंगाल की साड़ी व गहने, धूप-सिंदूर सजाया गया।
उड़िया समाज : गोपबंधु पटनायक की अगुवाई में स्टाल पर करुणाकर बारिक, डॉ. शालू ने स्टॉल पर पारंपरिक खानपान, छेना पूडो, जगन्नाथ मंदिर का प्रसाद, खाजा उड़िया साड़ी व अन्य आइटम सजाए।
असमी समाज: असमी समाज के स्टॉल पर स्वाची श्रीवास्तव ने खार (क्षारीय व्यंजन), और जाक अरु भाजी जैसे असमी व्यंजनों का प्रदर्शन किया।
मलयाली समाज: जेंसन जेम्स की अगुवाई में स्टाल पर जयश्री सखरन की ओर से मसाला डोसा, बड़ा सांभर, उत्तपम व केरल के अन्य व्यंजनों का स्वाद परोसा गया।
तमिल समाज: तमिल समाज के स्टॉल पर मुरुगेश और तुषार ने केले का पौधा लगाकर इडली, डोसा और अपने खानपान प्रदर्शित किए।
अवधी समाज: राकेश श्रीवास्तव की अगुवाई में मीनू श्रीवास्तव की ओर से स्टॉल पर डोसा, फरा, चावल, करैल और अन्य अवधी व्यंजन रखे गए। कार्यक्रम में आए लोगों ने इन्हें खूब सराहा।
कठपुतली: आनंद कुमार सक्सेना की अगुवाई में स्टाल पर उमा जायसवाल, सुमन चौधरी, आंनद सक्सेना, चैतन्य अग्रवाल और दिनेश चंद्र ने कठपुतली का प्रदर्शन किया।
जैन समाज: इंजीनियर पीके जैन की अगुवाई में स्टाल पर अंकित जैन, अनुरोध जैन, अभिषेक जैन, सुधीर जैन, अरविंद जैन ने स्टॉल पर केले के समोसे, केले के डोसे, टिक्की जैसे व्यंजन परोसे।
सिंधी समाज: सुरेश छबलानी की अगुवाई में जय निगलानी, अनुज गौतम, मुकेश कुमार और अनूप ने अपने स्टॉल पर पर दाल पकवान खाखर, कढ़ी चावल, सेंवई और कई सिंधी व्यंजन परोसे।
बुंदेलखंडी समाज- कैलाश चंद्र जैन की अगुवाई में बुंदेलखंडी समाज के स्टॉल पर मयंक तिवारी, बृजेंद्र कुमार और आलोक ने ज्वार-बाजरे से बने हुए व्यंजन और अपने पारंपरिक कपड़े प्रदर्शित किए।
मुस्लिम समाज :मुस्लिम समाज के स्टॉल पर अब्दुल्ला हिरा और सुमैया सरीश ने आलू खस्ता, केसरी शरबत, गिलोरी पान मिठाई, गुलाब खुरमा चिकनकारी, जरदोजी, पतंग चरखी, पानदान, हुक्का के माध्यम से अपने समाज का संस्कृति दिखाई।
वन स्टॉप सेंटर: वन स्टॉप सेंटर एवं मिशन शक्ति के स्टॉल पर अर्चना सिंह और सुमित्रा सिंह की अगुवाई में क्राफ्ट प्रदर्शनी महिला सशक्तीकरण, आत्मनिर्भर बनाने से संबंधित जानकारी प्रदान की गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के स्टॉल पर अधिवक्ता शैलेंद्र श्रीवास्तव और अधिवक्ता उपेंद्र प्रताप सिंह ने लोगों को बिना किसी शुल्क के कानूनी जानकारी दी। अपर जिला जज मीनाक्षी सोनकर ने स्टॉल का भ्रमण किया।
लखनवी-रेवड़ी, चिक्की, गजक: रवींद्र गुप्ता और अमित गुप्ता ने अपने स्टॉल पर लखनवी-रेवड़ी, चिक्की, गजक आदि का प्रदर्शनकिया और रियायती दर पर लोगों को ये उत्पाद उपलब्ध कराए।
पौध वितरण: देवेंद्र गुप्ता की अगुवाई में पौधे ही बचाएंगे पर्यावरण के संदेश के साथ रियायती दर पर पौधे वितरित किए गए। इसके साथ ही लोगों को पर्यावरण बचाने का संदेश भी दिया गया।
हाथों का हुनर: हाथों का हुनर के तहत लगे स्टॉल पर अनुपमा श्रीवास्तव ने रवा आटा मठरी, गुड़ और सत्तू के लड्डू, सोंठ के लडू, मूंग दाल गोली के माध्यम से लोगों को स्वस्थ भोजन करने का संदेश दिया।
हाथों का हुनर: हाथों का हुनर के तहत लगे दूसरे स्टॉल पर ललिता पांडेय की अगुवाई में विभिन्न प्रकार की पेंटिगों का प्रदर्शन किया गया। इनके माध्यम से लोककलाओं को सहेजने का संदेश दिया गया।
कृत्रिम अंग पंजीकरण: डॉ. रंजीत कुमार की अगुवाई में गार्गी खरे ने डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय की ओर से दिव्यांगों को कृत्रिम अंग दिलाने के लिए रजिस्ट्रेशन कैंप लगाया गया। इसमें दिव्यांगों को उपकरण देने केलिए पंजीकरण किया गया।
स्वास्थ्य जांच शिविर: सरित कुमार सिंह की अगुवाई में लगे स्वास्थ्य जांच शिविर में लोगों की निशुल्क जांच की गई है और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी सुझाव दिए गए।
इस्कॉन- इस्कॉन की ओर से देवेंद्र कुमार मिश्र की अगुवाई में आध्यात्मिक पुस्तकों का वितरण किया गया। इसके साथ ही मंदिर की ओर से भजन मंडली ने भक्ति गीत भी प्रस्तुत किए।
पीड़ा से पराक्रम: माधवी मिश्रा की अगुवाई में ज्योति, संगीता और रेशमा ने अपने स्टॉल पर तेजाब पीड़िताओं के माध्यम से बनाए गए बटाटा वड़ा, सैंडविच और खाने के अन्य सामान प्रदर्शित करने के साथ ही संघर्ष के बीच खुद को मजबूती से खड़े रहने का भाव दिखाया।
एक जिला एक उत्पाद: राखी श्रीवास्तव और पिंकी गुप्ता की ओर से एक जिला एक उत्पाद की ओर से लखनऊ की चिकनकारी का प्रदर्शन किया गया। इसमें चिकन के कपड़े रखे गए।
रॉयल कैफे: रॉयल कैफे की ओर से यूनेस्को में छाए भारतीय व्यंजनों का प्रदर्शन किया गया। इसमें भारत के नक्शे पर उस क्षेत्र में मशहूर खानपान के व्यंजनों का प्रदर्शित किया गया।
टाटा वाटर स्टॉल: मो. इमरान अहमद खान की अगुवाई में लगे इस स्टॉल के माध्यम से लोगों को रियायती पद पर पानी उपलब्ध कराया गया।
सिविल डिफेंस: सिविल डिफेंस के स्टॉल के माध्मय से कार्यक्रम के दौरान नफीस अहमद और ऐश्वर्य शर्मा की अगुवाई में भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिली।
चाय स्टॉल: संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के स्टॉल पर गीता गुप्ता की अगुवाई में रियायती दर पर चाय का स्टॉल लगाया गया।
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मराठी समाज: उमेश पाटिल की अगुवाई में लगा मराठी समाज का स्टॉल गजानन पाटिल, विकास पाटिल और सचिन के सहयोग से संचालित हुआ। इस स्टॉल पर वड़ा पाव, पोहा- चकली, मराठी ज्वैलरी, चुनरी व अन्य मराठी परिधान प्रदर्शित किए गए।
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गुजराती समाज: प्रतिभा मेहता की अगुवाई में लगे गुजराती समाज के स्टॉल पर सुनील मेहता, अर्चना, आकांक्षा, स्मृतिशिखा, अंकिता, रचना, जया, राजीव ने येपला, खांडवा, खाखरा, दही-बड़े, घूघरा आदि व्यंजन सजाए।
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राजस्थानी समाज : ऋतु माहेश्वरी की अगुवाई में राजस्थानी समाज के स्टॉल पर विनोद माहेश्वरी, मनीष कूल, सोमनाथ कूल ने दालबाटी-चूरमा, गट्टे की सब्जी, राजस्थानी छप्पन भोग, राजस्थानी हस्तशिल्प के कपड़े सजाए।
पंजाबी समाज: मनमोहन सिंह की अगुवाई में पंजाबी समाज के स्टॉल पर छोले-कुल्चे, छोले-भटूरे, लखनवी कवाब पराठे, गुड़ की चाय, सरसों का साग, मक्के की रोटी व पंजाबी व्यंजन चखने को मिले।
कश्मीरी समाज : रवि काचरु की अगुवाई में स्टाल पर दीपक काचरु, रेनुलता कौल, संजय भट्ट की ओर से कहवा, दम आलू, पीली पनीर, पहाड़ी साग का स्वाद परोसा गया।
उत्तराखंडी समाज: नंदा रावत की अगुवाई में उभरत सिंह बिष्ट, गणेश जोशी, पूरन जोशी ने स्टॉल पर बाल मिठाई, आलू के गटके, पिष्ठछौड़ा दुपट्टा, पहाड़ी ज्वैलरी और साड़ियां सजाईं।
भोजपुरी समाज: प्रभुनाथ राय की अगुवाई में रामरतन यादव ने की ओर से बाटीचोखा, ठेकुआ, चना, भुजा लड्या माल पुए जैसे भोजपुरी समाज के पकवान रखे गए।
बंगाली समाज: मीठू राय की अगुवाई में स्टॉल पर अर्पिता कुंदू, संध्या दास, अनीशा, शिवानी, आसिम राय, पूजा श्रीवास्तव और आरपी सिंह की ओर से खजूर की मिठाई, चावल व गुड़ के पीठे, चावल और बंगाल की साड़ी व गहने, धूप-सिंदूर सजाया गया।
उड़िया समाज : गोपबंधु पटनायक की अगुवाई में स्टाल पर करुणाकर बारिक, डॉ. शालू ने स्टॉल पर पारंपरिक खानपान, छेना पूडो, जगन्नाथ मंदिर का प्रसाद, खाजा उड़िया साड़ी व अन्य आइटम सजाए।
असमी समाज: असमी समाज के स्टॉल पर स्वाची श्रीवास्तव ने खार (क्षारीय व्यंजन), और जाक अरु भाजी जैसे असमी व्यंजनों का प्रदर्शन किया।
मलयाली समाज: जेंसन जेम्स की अगुवाई में स्टाल पर जयश्री सखरन की ओर से मसाला डोसा, बड़ा सांभर, उत्तपम व केरल के अन्य व्यंजनों का स्वाद परोसा गया।
तमिल समाज: तमिल समाज के स्टॉल पर मुरुगेश और तुषार ने केले का पौधा लगाकर इडली, डोसा और अपने खानपान प्रदर्शित किए।
अवधी समाज: राकेश श्रीवास्तव की अगुवाई में मीनू श्रीवास्तव की ओर से स्टॉल पर डोसा, फरा, चावल, करैल और अन्य अवधी व्यंजन रखे गए। कार्यक्रम में आए लोगों ने इन्हें खूब सराहा।
कठपुतली: आनंद कुमार सक्सेना की अगुवाई में स्टाल पर उमा जायसवाल, सुमन चौधरी, आंनद सक्सेना, चैतन्य अग्रवाल और दिनेश चंद्र ने कठपुतली का प्रदर्शन किया।
जैन समाज: इंजीनियर पीके जैन की अगुवाई में स्टाल पर अंकित जैन, अनुरोध जैन, अभिषेक जैन, सुधीर जैन, अरविंद जैन ने स्टॉल पर केले के समोसे, केले के डोसे, टिक्की जैसे व्यंजन परोसे।
सिंधी समाज: सुरेश छबलानी की अगुवाई में जय निगलानी, अनुज गौतम, मुकेश कुमार और अनूप ने अपने स्टॉल पर पर दाल पकवान खाखर, कढ़ी चावल, सेंवई और कई सिंधी व्यंजन परोसे।
बुंदेलखंडी समाज- कैलाश चंद्र जैन की अगुवाई में बुंदेलखंडी समाज के स्टॉल पर मयंक तिवारी, बृजेंद्र कुमार और आलोक ने ज्वार-बाजरे से बने हुए व्यंजन और अपने पारंपरिक कपड़े प्रदर्शित किए।
मुस्लिम समाज :मुस्लिम समाज के स्टॉल पर अब्दुल्ला हिरा और सुमैया सरीश ने आलू खस्ता, केसरी शरबत, गिलोरी पान मिठाई, गुलाब खुरमा चिकनकारी, जरदोजी, पतंग चरखी, पानदान, हुक्का के माध्यम से अपने समाज का संस्कृति दिखाई।
वन स्टॉप सेंटर: वन स्टॉप सेंटर एवं मिशन शक्ति के स्टॉल पर अर्चना सिंह और सुमित्रा सिंह की अगुवाई में क्राफ्ट प्रदर्शनी महिला सशक्तीकरण, आत्मनिर्भर बनाने से संबंधित जानकारी प्रदान की गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के स्टॉल पर अधिवक्ता शैलेंद्र श्रीवास्तव और अधिवक्ता उपेंद्र प्रताप सिंह ने लोगों को बिना किसी शुल्क के कानूनी जानकारी दी। अपर जिला जज मीनाक्षी सोनकर ने स्टॉल का भ्रमण किया।
लखनवी-रेवड़ी, चिक्की, गजक: रवींद्र गुप्ता और अमित गुप्ता ने अपने स्टॉल पर लखनवी-रेवड़ी, चिक्की, गजक आदि का प्रदर्शनकिया और रियायती दर पर लोगों को ये उत्पाद उपलब्ध कराए।
पौध वितरण: देवेंद्र गुप्ता की अगुवाई में पौधे ही बचाएंगे पर्यावरण के संदेश के साथ रियायती दर पर पौधे वितरित किए गए। इसके साथ ही लोगों को पर्यावरण बचाने का संदेश भी दिया गया।
हाथों का हुनर: हाथों का हुनर के तहत लगे स्टॉल पर अनुपमा श्रीवास्तव ने रवा आटा मठरी, गुड़ और सत्तू के लड्डू, सोंठ के लडू, मूंग दाल गोली के माध्यम से लोगों को स्वस्थ भोजन करने का संदेश दिया।
हाथों का हुनर: हाथों का हुनर के तहत लगे दूसरे स्टॉल पर ललिता पांडेय की अगुवाई में विभिन्न प्रकार की पेंटिगों का प्रदर्शन किया गया। इनके माध्यम से लोककलाओं को सहेजने का संदेश दिया गया।
कृत्रिम अंग पंजीकरण: डॉ. रंजीत कुमार की अगुवाई में गार्गी खरे ने डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय की ओर से दिव्यांगों को कृत्रिम अंग दिलाने के लिए रजिस्ट्रेशन कैंप लगाया गया। इसमें दिव्यांगों को उपकरण देने केलिए पंजीकरण किया गया।
स्वास्थ्य जांच शिविर: सरित कुमार सिंह की अगुवाई में लगे स्वास्थ्य जांच शिविर में लोगों की निशुल्क जांच की गई है और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी सुझाव दिए गए।
इस्कॉन- इस्कॉन की ओर से देवेंद्र कुमार मिश्र की अगुवाई में आध्यात्मिक पुस्तकों का वितरण किया गया। इसके साथ ही मंदिर की ओर से भजन मंडली ने भक्ति गीत भी प्रस्तुत किए।
पीड़ा से पराक्रम: माधवी मिश्रा की अगुवाई में ज्योति, संगीता और रेशमा ने अपने स्टॉल पर तेजाब पीड़िताओं के माध्यम से बनाए गए बटाटा वड़ा, सैंडविच और खाने के अन्य सामान प्रदर्शित करने के साथ ही संघर्ष के बीच खुद को मजबूती से खड़े रहने का भाव दिखाया।
एक जिला एक उत्पाद: राखी श्रीवास्तव और पिंकी गुप्ता की ओर से एक जिला एक उत्पाद की ओर से लखनऊ की चिकनकारी का प्रदर्शन किया गया। इसमें चिकन के कपड़े रखे गए।
रॉयल कैफे: रॉयल कैफे की ओर से यूनेस्को में छाए भारतीय व्यंजनों का प्रदर्शन किया गया। इसमें भारत के नक्शे पर उस क्षेत्र में मशहूर खानपान के व्यंजनों का प्रदर्शित किया गया।
टाटा वाटर स्टॉल: मो. इमरान अहमद खान की अगुवाई में लगे इस स्टॉल के माध्यम से लोगों को रियायती पद पर पानी उपलब्ध कराया गया।
सिविल डिफेंस: सिविल डिफेंस के स्टॉल के माध्मय से कार्यक्रम के दौरान नफीस अहमद और ऐश्वर्य शर्मा की अगुवाई में भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिली।
चाय स्टॉल: संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के स्टॉल पर गीता गुप्ता की अगुवाई में रियायती दर पर चाय का स्टॉल लगाया गया।