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KGMU: गरीबों को 20 हजार रुपये तक निशुल्क इलाज देने की तैयारी, प्रस्ताव के बाद कार्य परिषद लेगी निर्णय
Mon, 22 Aug 2022 04:44 PM IST
ishwar ashish
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 22 Aug 2022 04:44 PM IST
सार
केजीएमयू में गरीबों को 20 हजार रुपये तक का इलाज निशुल्क देने की तैयारी की जा रही है। इसका प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
केजीएमयू के सर्जिकल विभागों में ऐसे गरीब मरीजों को 20 हजार रुपये तक मुफ्त इलाज देने की तैयारी की जा रही है, जो किसी अन्य कैशलेस योजना के अंतर्गत नहीं आते हैं। विश्वविद्यालय की कार्य परिषद के निर्देश पर इसका प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। चिकित्सा अधीक्षक को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके प्रस्ताव के बाद कार्य परिषद इस पर निर्णय लेगी।
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केजीएमयू में इस समय असाध्य रोग योजना के तहत कैंसर, किडनी और अन्य बीमारियों का निशुल्क इलाज किया जाता है। इसके तहत मरीजों को असाध्य रोगी कार्ड बनवाना होता है। इसके साथ ही आयुष्मान योजना के तहत भी मरीजों को कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाती है। समस्या तब होती है जब कोई ऐसा दुर्घटनाग्रस्त मरीज संस्थान में भर्ती होता है, जिसके पास ये दोनों नहीं होते हैं। ऐसे में गरीब मरीजों के इलाज पर संकट मंडराने लगता है।
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न्यूरो सर्जरी विभाग ने दिया था प्रस्ताव
केजीएमयू के न्यूरो सर्जरी विभाग में बुरी तरह से जख्मी काफी मरीज आते हैं। इनमें से कुछ की हालत बेहद खराब होती है। ये विपन्न मरीज इलाज का खर्च वहन नहीं कर पाते। इसको देखते हुए विभागाध्यक्ष प्रो. बीके ओझा ने कार्य परिषद के पास गरीब मरीजों को 20 हजार रुपये तक निशुल्क इलाज के लिए प्रस्ताव भेजा था। कार्य परिषद ने एचआरएफ में ऐसे मरीजों के लिए इमरजेंसी हेड के अंतर्गत 4-5 दवाओं की किट एचआरएफ सेंटर पर सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी विभागाध्यक्षों को देने की बात कही है।
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केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह का कहना है कि कार्य परिषद के निर्देश पर सक्षम स्तर से गरीब मरीजों को सर्जिकल विभागों में निर्धारित सीमा तक निशुल्क इलाज का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। प्रस्ताव के आधार पर कार्य परिषद जो निर्णय लेगी उसे लागू किया जाएगा।