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आईआईटी का पूर्व छात्र और ट्रेजरी का पूर्व कर्मचारी ने सैकड़ों बेरोजगारों से ठगे करोड़ों रुपये

Thu, 23 Dec 2021 02:54 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 23 Dec 2021 02:54 AM IST
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fraud to unemployed persons by ex student of IIT  and  ex trasary employee
लखनऊ। परिवहन विभाग में संविदा परिचालक की भर्ती के नाम पर सैकड़ों युवकों से करोड़ों रुपये ठगने वाले गिरोह का खुलासा मड़ियांव पुलिस ने किया है। इस गिरोह के चार सदस्यों को पुलिस ने गोमतीनगर स्थित रेनेसा होटल से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एडीसीपी के मुताबिक,इनमें से गिरोह का मास्टरमाइंड कृष्ण मुरारी ट्रेजरी विभाग में काम करता था। वहां से उसे निलंबित कर दिया गया था। वहीं दूसरा मुख्य आरोपी रिशांत सिंह है जिसने खड़गपुर आईआईटी से इंजीनियरिंग की शिक्षा ग्रहण की है। दोनों मिलकर गिरोह चलाते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से फर्जी संविदा नियुक्ति पत्र, 1.94 लाख रुपये, तीन कंपनियों की मुहर, मोबाइल, चेक व कई संदिग्ध सामान बरामद किए हैं।
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एडीसीपी प्राची सिंह के मुताबिक, यूपी रोडवेज भर्ती 2021-2022 के लिए यूपीएसआरटीसी ने 748 संविदा परिचालक की भर्ती निकाली हैं। बुधवार को मड़ियांव पुलिस को सूचना मिली कि कुछ जालसाज गोमतीनगर के विपिनखंड स्थित रेनेसा होटल में रुके हैं और होटल के बाहर बेरोजगारों को बुलाकर फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। मड़ियांव इंस्पेक्टर वीर सिंह व उनकी टीम ने दबिश देकर चार जालसाजों को पकड़ा। पकड़े गए जालसाजों में कृष्णमुरारी निवासी तिर्वा कन्नौज, मनोज गौतम निवासी उरई जालौन हाल पता धनलक्ष्मी कॉम्प्लेक्स अशोक मार्ग हजरतगंज, सुनील सिंह यादव निवासी महाराजगंज आजमगढ़ हाल पता एलडीए कॉलोनी आशियाना व रिशांत सिंह निवासी पश्चिम बंगाल हाल पता सफदरगंज नई दिल्ली शामिल हैं।
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होटल के कमरे से मिले कई दस्तावेज
एसीपी अलीगंज सैयद अली अब्बास के मुताबिक, होटल रेनेसा में जिस कमरा नंबर 807 में रुके थे, वहां से 50 लाख व एक करोड़ के दो चेक मिले हैं जो मार्च 2022 तक वैध हैं। इसके साथ ही पांच हजार, 10 हजार व दो लाख रुपये के तीन चेक मिले हैं। वहीं प्रेरणा पांडेय के नाम से एक पासबुक बैंक ऑफ इंडिया व तीन संविदा नियुक्ति पत्र बरामद हुए हैं। साथ ही यूपीआई के माध्यम से रजनीश कुमार द्वारा तीन बार में 5.97 लाख कृष्णमुरारी के खाते में जमा किए गए थे। दो आवेदन पत्र रामचन्द्र व चांदबाबू के नाम से बरामद हुए हैं।
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रिशांत लेता था बेरोजगारों से इंटरव्यू
एसीपी के मुताबिक, आरोपियों के पास से तीन फर्जी मुहरें मिली हैं। आरोपित बेरोजगारों को झांसा देते थे कि यूपीएसआरटीसी ने भर्ती का टेंडर उनकी कंपनी आर्टिज फैकल्टी मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड, हैड ऑफ रिक्रूटमेंट नारायण इंटरप्राइजेज व जैकसन इंटर प्राइजेज को दिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी रिशांत बेरोजगारों का इंटरव्यू लेता था। वहीं कृष्णमुरारी खुद को कंपनी का एचआर बताता था। अन्य दोनों आरोपित बेरोजगारों को टारगेट करते थे।

कई शहरों में फैला है नेटवर्क
प्रभारी निरीक्षक मड़ियांव वीर सिंह के मुताबिक, गिरोह ने उत्तर प्रदेश के सैकड़ों लोगों के साथ फर्जीवाड़ा किया है। गिरोह प्रदेश के कई शहर व राज्यों में घूमकर ठगी करता है। इस गिरोह के एक साथी चंद्रकांत को कुछ समयपहले ही बलरामपुर पुलिस ने जेल भेजा है। फिलहाल अभी 25 पीड़ितों के जाली नियुक्ति पत्र मिले हैं। आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद और भी पीड़ित सामने आएंगे। पुलिस ने चारों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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