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जमीन फ्रीहोल्ड कराने के नाम पर 9.50 लाख ठगे
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एलडीए के कथित बाबू ने जमीन फ्रीहोल्ड कराने के नाम पर 9.50 लाख ठगे
कैसरबाग कोतवाली में एलडीए के कथित बाबू अमीनउल्ला समेत तीन लोगों पर जमीन फ्रीहोल्ड कराने का झांसा दे 9.50 लाख रुपये ठगने के आरोप में केस दर्ज कराया गया है।
इंस्पेक्टर अजय सिंह ने बताया कि हुसैनगंज निवासी अब्दुल्ला सिद्दीकी की बाग आइना बीबी में रहने वाले अमीनउल्ला से पुरानी जान-पहचान थी।
अमीनउल्ला खुद को एलडीए के नजूल विभाग में बड़े बाबू के पद पर तैनात होने का दावा करता था।
उसने अब्दुल्ला को लालबाग स्थित एक प्लॉट काफी कम दाम में दिलाने का झांसा दिया था।
अमीनउल्ला कहता था कि प्लॉट फ्रीहोल्ड कराने के बाद एलडीए से उसके पक्ष में बैनामा करा देगा।
पॉश इलाके में कौड़ियों के दाम पर प्लॉट मिलने के लालच में अब्दुल्ला लालबाग स्थित एलडीए ऑफिस के चक्कर काटने लगे।
वहां अमीनउल्ला ने उसे सज्जाद और रामकलब से मिलवाया। तीनों ने अब्दुल्ला से प्लॉट के नाम पर 9.50 लाख रुपये वसूले और जल्द रजिस्ट्री कराने का आश्वासन दिया।
कई दिन बाद भी रजिस्ट्री नहीं हुई तो 14 जून को अब्दुल्ला ने एलडीए कार्यालय पहुंचकर सज्जाद और रामकलब से संपर्क किया।
उसने रजिस्ट्री कराने का दबाव डाला तो आरोपियों ने चेक दिया। उक्त चेक को बैंक खाते में प्रस्तुत करने पर वह बाउंस हो गया।
अब्दुल्ला ने एलडीए ऑफिस जाकर छानबीन की तो फर्जीवाड़ा सामने आया। पता चला कि अमीनउल्ला नाम का कोई भी बाबू नजूल विभाग में तैनात नहीं है। इसके बाद उसने तीनों के खिलाफ केस दर्ज कराया।
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कैसरबाग कोतवाली में एलडीए के कथित बाबू अमीनउल्ला समेत तीन लोगों पर जमीन फ्रीहोल्ड कराने का झांसा दे 9.50 लाख रुपये ठगने के आरोप में केस दर्ज कराया गया है।
इंस्पेक्टर अजय सिंह ने बताया कि हुसैनगंज निवासी अब्दुल्ला सिद्दीकी की बाग आइना बीबी में रहने वाले अमीनउल्ला से पुरानी जान-पहचान थी।
अमीनउल्ला खुद को एलडीए के नजूल विभाग में बड़े बाबू के पद पर तैनात होने का दावा करता था।
उसने अब्दुल्ला को लालबाग स्थित एक प्लॉट काफी कम दाम में दिलाने का झांसा दिया था।
अमीनउल्ला कहता था कि प्लॉट फ्रीहोल्ड कराने के बाद एलडीए से उसके पक्ष में बैनामा करा देगा।
पॉश इलाके में कौड़ियों के दाम पर प्लॉट मिलने के लालच में अब्दुल्ला लालबाग स्थित एलडीए ऑफिस के चक्कर काटने लगे।
वहां अमीनउल्ला ने उसे सज्जाद और रामकलब से मिलवाया। तीनों ने अब्दुल्ला से प्लॉट के नाम पर 9.50 लाख रुपये वसूले और जल्द रजिस्ट्री कराने का आश्वासन दिया।
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कई दिन बाद भी रजिस्ट्री नहीं हुई तो 14 जून को अब्दुल्ला ने एलडीए कार्यालय पहुंचकर सज्जाद और रामकलब से संपर्क किया।
उसने रजिस्ट्री कराने का दबाव डाला तो आरोपियों ने चेक दिया। उक्त चेक को बैंक खाते में प्रस्तुत करने पर वह बाउंस हो गया।
अब्दुल्ला ने एलडीए ऑफिस जाकर छानबीन की तो फर्जीवाड़ा सामने आया। पता चला कि अमीनउल्ला नाम का कोई भी बाबू नजूल विभाग में तैनात नहीं है। इसके बाद उसने तीनों के खिलाफ केस दर्ज कराया।
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