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मुख्य सचिव की फोटो ब्हाट्सएप की डीपी में लगाकर की चैटिंग, मांगे 25 हजार रुपये
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लखनऊ। साइबर जालसाजों ने मुख्य सचिव की फोटो लगाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी आईडी बनाई। इसके बाद चैटिंग कर 25 हजार रुपये की मांग की। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में तहरीर दी। केस दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है।
इंदिरानगर के मयूर रेजीडेंसी में रहने वाले प्रमोद सिंह के मुताबिक, उनके मोबाइल पर बने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप पर 9453005343 नंबर से 9 जून को चैटिंग की गई। इस नंबर पर प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा की तस्वीर लगी थी। काफी देर तक चैटिंग से बातचीत होती रही। बातचीत के दौरान ही चैटिंग कर रहे जालसाज ने उनसे 25,000 रुपये की मांग की। उसने यूको बैंक के खाता नंबर 02390110114001 में यह रकम जमा करने को कहा। आईएफएससी नंबर भी भेजा।
अचानक से अनजान व्यक्ति द्वारा चैटिंग के दौरान इतनी रकम मांगने पर संदेह होने पर प्रमोद ने मोबाइल नंबर के बारे में पता लगाया। इसी दौरान उन्होंने पूरी चैटिंग की स्क्रीन शॉट्स भी अपने पास सुरक्षित रख लीं। पीड़ित प्रमोद सिंह के मुताबिक, संदेह होने पर साइबर क्राइम थाने में संपर्क किया। वहां पहुंचकर तहरीर दी। साइबर क्राइम थाने के प्रभारी निरीक्षक मो. मुस्लिम खान ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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इंदिरानगर के मयूर रेजीडेंसी में रहने वाले प्रमोद सिंह के मुताबिक, उनके मोबाइल पर बने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप पर 9453005343 नंबर से 9 जून को चैटिंग की गई। इस नंबर पर प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा की तस्वीर लगी थी। काफी देर तक चैटिंग से बातचीत होती रही। बातचीत के दौरान ही चैटिंग कर रहे जालसाज ने उनसे 25,000 रुपये की मांग की। उसने यूको बैंक के खाता नंबर 02390110114001 में यह रकम जमा करने को कहा। आईएफएससी नंबर भी भेजा।
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अचानक से अनजान व्यक्ति द्वारा चैटिंग के दौरान इतनी रकम मांगने पर संदेह होने पर प्रमोद ने मोबाइल नंबर के बारे में पता लगाया। इसी दौरान उन्होंने पूरी चैटिंग की स्क्रीन शॉट्स भी अपने पास सुरक्षित रख लीं। पीड़ित प्रमोद सिंह के मुताबिक, संदेह होने पर साइबर क्राइम थाने में संपर्क किया। वहां पहुंचकर तहरीर दी। साइबर क्राइम थाने के प्रभारी निरीक्षक मो. मुस्लिम खान ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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