{"_id":"6aac4883beac104fce05abfc","slug":"45-school-vehicles-inspected-challans-issued-to-nine-lucknow-news-c-13-lko1096-1924475-2026-09-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: 45 स्कूली वाहनों की जांच, नौ के चालान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: 45 स्कूली वाहनों की जांच, नौ के चालान
विज्ञापन
लखनऊ। परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम ने बृहस्पतिवार को शहर के विभिन्न स्कूलों में 45 वाहनों की जांच की। इस दौरान दस्तावेज में कमी मिलने के कारण नौ वाहनों के चालान किए गए। इसके साथ ही स्कूल प्रबंधन को चेताया गया कि स्कूली वाहनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी भारी पड़ सकती है।
आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय ने बताया कि लखनऊ पब्लिक स्कूल और सिटी मोंटेसरी स्कूल राजाजीपुरम में वाहनों की जांच की गई। उप परिवहन आयुक्त राधेश्याम के नेतृत्व में प्रवर्तन टीम ने कार्रवाई की। जांच में वाहनों के दस्तावेज में कमियां सामने आने पर कार्रवाई की गई। इसके बाद अफसरों ने दोनों स्कूलों के प्रधानाचार्यों और संबंधित स्टाफ के साथ बैठक कर स्कूली वाहनों के सुरक्षित संचालन के लिए जरूरी दिशानिर्देश भी दिए।
महिला अटेंडेंट की उपस्थिति अनिवार्य
उप परिवहन आयुक्त राधेश्याम ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों के किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रवर्तन टीम ने विद्यालयों को वाहनों की फिटनेस, परमिट और बीमा की वैधता सुनिश्चित करने के लिए कहा। इसके अलावा बताया गया कि छात्र-छात्राओं को लाने वाले स्कूली वाहनों में महिला अटेंडेंट की उपस्थिति अनिवार्य होनी चाहिए। चालकों का चरित्र सत्यापन पुलिस से कराने के लिए भी कहा गया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली, 1998 के नियम 222(छ) के तहत विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति का गठन कर नियमित बैठक करने के लिए कहा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय ने बताया कि लखनऊ पब्लिक स्कूल और सिटी मोंटेसरी स्कूल राजाजीपुरम में वाहनों की जांच की गई। उप परिवहन आयुक्त राधेश्याम के नेतृत्व में प्रवर्तन टीम ने कार्रवाई की। जांच में वाहनों के दस्तावेज में कमियां सामने आने पर कार्रवाई की गई। इसके बाद अफसरों ने दोनों स्कूलों के प्रधानाचार्यों और संबंधित स्टाफ के साथ बैठक कर स्कूली वाहनों के सुरक्षित संचालन के लिए जरूरी दिशानिर्देश भी दिए।
विज्ञापन
महिला अटेंडेंट की उपस्थिति अनिवार्य
उप परिवहन आयुक्त राधेश्याम ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों के किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रवर्तन टीम ने विद्यालयों को वाहनों की फिटनेस, परमिट और बीमा की वैधता सुनिश्चित करने के लिए कहा। इसके अलावा बताया गया कि छात्र-छात्राओं को लाने वाले स्कूली वाहनों में महिला अटेंडेंट की उपस्थिति अनिवार्य होनी चाहिए। चालकों का चरित्र सत्यापन पुलिस से कराने के लिए भी कहा गया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली, 1998 के नियम 222(छ) के तहत विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति का गठन कर नियमित बैठक करने के लिए कहा गया।
विज्ञापन