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रहें सावधान! साइबर स्पूफिंग से हो रही ठगी, फर्जी बैंक हेल्प लाइन के जरिए खातों से उड़ा रहे रकम

Wed, 18 Dec 2019 03:10 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 18 Dec 2019 03:10 PM IST
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fraud by cyber spoofing in uttar pradesh
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

बैंक के नंबरों से आने वाली कॉल पर सोच समझकर जवाब दें। कहीं ऐसा न हो कि आप साइबर स्पूफिंग का शिकार हो जाएं और अपने खाते में जमा रकम से हाथ धो बैठें। इन दिनों बढ़ते स्पूफिंग के मामले की रोकथाम के लिए साइबर विशेषज्ञ पुलिस के विवेचकों को इसकी जानकारी दे रहे हैं।

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पुलिस मुख्यालय पर स्पूफिंग को देखते हुए पिछले दिनों काफी विचार विमर्श किया गया। विशेषज्ञों के मुताबिक फर्जी तरीके से बैंकों की तरफ से मेल भेजने या बैंकों की हेल्प लाइन के नंबरों को प्रदर्शित करने वाली फोन कॉल से खातों से रकम उड़ाने के मामले ज्यादा हैं। 
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स्पूफिंग अपराध में सजा का प्रावधान
ई-मेल स्पूफिंग या कॉल से होने वाले साइबर अपराध के मामलों को आईटी एक्ट-2008 के तहत दंडनीय अपराध माना गया है। इसमें मुकदमा दर्ज होने पर आरोपी को तीन साल की सजा और एक लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है। वहीं, आईपीसी की धारा 465 के तहत आरोपी को दो साल की सजा, जुर्माना और धारा 466 में सात साल की सजा व जुर्माने का प्रावधान है।
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जानें- कैसे होती है स्पूफिंग

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

अभियोजन निदेशालय के अपर पुलिस महानिदेशक आशुतोष पांडेय के अनुसार, स्पूफिंग के जरिए उपभोक्ता को जिस नंबर से कॉल की जाती है। वह उसके फोन पर बैंक की हेल्पलाइन या बैंक के अधिकारी के नंबर से प्रदर्शित होता है।

कई बार उपभोक्ता गूगल से बैंक की हेल्पलाइन का नंबर तलाश कर फोन करता है तब भी वह स्पूफिंग का शिकार हो जाता है।  साइबर अपराधियों ने इंटरनेट पर कई फर्जी नंबर व अकाउंट पोस्ट किए हैं। उपभोक्ता जब इन नंबरों से बैंक को कॉल करता है तो वह एटीएम अथवा खाते की जानकारी हासिल करते हैं।

अपराधी खाते अथवा एटीएम को अपडेट करने के नाम पर लिंक भेजते हैं। इस पर क्लिक करते ही खाते से रकम उड़ा दी जाती है। ऐसे मामलों में किस एप या तकनीक से रोका जा सकता है इसकी विवेचकों को जानकारी दी जा रही है।

देखें- हाल में हुई घटनाएं

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प्रतीकात्मक तस्वीर
हाल में हुई घटनाएं
- बिजनौर के धामपुर में बीती 5 नवंबर को आदित्यवीर सिंह के पास एसबीआई के मैनेजर के नाम से फोन आया। खाता अपडेट करने के लिए भेजे गए लिंक का इस्तेमाल करने पर खाते से 50 हजार पार कर दिए गए।
- प्रयागराज के जार्ज टाउन में एक होटल मैनेजर सनी अब्बास को स्विगी पेमेंट के लिए लिंक से भुगतान करने को कहा गया। जैसे ही लिंक पर क्लिक किया, खाते से 47.900 रुपये उड़ा लिए गए।
 - लखनऊ के चिनहट में डॉ. शैलेंद्र कुमार भारती ने डेबिट कार्ड से खरीदारी की। आर्डर वापस किया तो लिंक भेजकर दस रुपये जमा करने को कहा। इसके बाद एसबीआई के खाते से 5,900 व पीएनबी से तीन हजार रुपये निकाल लिए गए।
- प्रयागराज के शिवकुटी में शुभम शर्मा को फोन-पे के फर्जी लिंक भेज कर उनके खाते से 11 हजार रुपये उड़ाए गए।  -लखनऊ के आलमबाग में रिया जैन को फर्जी लिंक भेज कर उनके खाते से 52,970 रुपये निकाल लिए गए।
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