कोयला कारोबारी के फ्लैट में करोड़ों की डकैती मामले में दो दरोगा समेत चार पुलिसकर्मी गिरफ्तार
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राजधानी लखनऊ में शनिवार सुबह सुल्तानपुर के कोयला कारोबारी अंकित अग्रहरि के फ्लैट में हुई करोड़ों की लूट में दो दरोगा के साथ दो सिपाहियों को गिरफ्तार किया गया है।
शहर के ओमैक्स अपार्टमेंट में रहने वाले कारोबारी के फ्लैट पर तीन करोड़ रुपये का कालाधन रखे होने की सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मियों की करोड़ों रुपये देखते ही नीयत डोल गई तो डाका ही डाल दिया। गिरफ्तार दरोगा आशीष तिवारी व पवन मिश्रा के साथ ही सिपाही प्रदीप कुमार भदौरिया व चालक आनंद यादव को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटे हुए 36 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं।
पुलिसकर्मियों ने मारपीट कर एक करोड़ 85 लाख रुपये झोले में भर लिए। वहीं, गुडवर्क दिखाने के लिए वहां मौजूद लोगों को बचे 1 करोड़ 53 लाख रुपये के साथ थाने ले आए। पर क्राइम ब्रांच टीम की पड़ताल में पुलिसकर्मियों की करतूत सामने आ गई।
कारोबारी ने गिरफ्तार दोनों दरोगा व अज्ञात पुलिसकर्मियों समेत सात के खिलाफ डकैती का मामला दर्ज करवाया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है साथ ही वारदात में शामिल अन्य अज्ञात पुलिसकर्मियों व मुखबिर मधुकर मिश्रा की तलाश में दबिश दी जा रही है। एडीजी लखनऊ जोन राजीव कृष्ण ने बताया कि कालेधन की सूचना देने वाला मुखबिर मधुकर मिश्रा लूटी गई रकम का बड़ा हिस्सा लेकर गायब है। उसकी तलाश में क्राइम ब्रांच समेत अन्य टीमों को लगाया गया है। वारदात के साथ ही स्थानीय पुलिस और पर्यवेक्षण अधिकारियों की भूमिका की जांच के आदेश दिए गए हैं।
चौकीदार ने दरवाजा खटखटाया, खुलते ही धड़धड़ाते घुस आए
वारदात सुबह करीब सात बजे हुई। अंकित के मुताबिक वह फ्लैट पर अपने सहयोगी सचिन कटारे, अश्विनी पांडेय, कुलदीप यादव, जितेंद्र तोमर, अभिषेक सिंह, अभिषेक वर्मा व शुभम गुप्ता के साथ थे तभी दरवाजे पर दस्तक हुई। पूछने पर अपार्टमेंट के चौकीदार ने अपना नाम बताया तो अंकित ने दरवाजा खोल दिया। चौकीदार के पीछे ही सात लोग भीतर घुस आए जिनमें से दो ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी।
सभी ने असलहे ताने...और झोलों में भरने लगे रुपये
सभी ने असलहे निकालकर तान दिए और गोली मारने की धमकी दी। इस बीच पुलिसकर्मियों ने बेड से बिस्तर हटाकर फेंक दिया और बॉक्स खोलकर उसके भीतर रखे रुपये झोलों में भरने लगे।
रोका तो लात-घूंसे बरसाए
अंकित और उसके साथियों ने रोकने की कोशिश की तो लात-घूंसों से जमकर पीटा। झोलों में रुपये भरने के बाद पुलिसकर्मी और उनके साथियों ने अंकित व उनके सहयोगियों को पकड़ लिया।
गुडवर्क दिखाने की भी साजिश
पुलिसकर्मियों ने गुडवर्क दिखाने की भी साजिश की। लूट के बाद बाकी बचे 1.53 करोड़ रुपये के साथ सभी को गोसाईंगंज थाना ले जाया गया। यहां पकड़े गए लोगों और कालेधन पर कार्रवाई को लेकर पंचायत चलती रही।
...और अपने ही जाल में फंस गए
इस बीच, लुटेरे पुलिसकर्मियों ने सोशल मीडिया पर फ्लैट से कालाधन के साथ कारोबारियों के पकड़े जाने का मैसेज वायरल कर वाहवाही लूटने की कोशिश की, लेकिन उनका झूठ ज्यादा देर टिक न सका। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने मामले की जांच के लिए एएसपी ग्रामीण विक्रांत वीर और क्राइम ब्रांच की टीम भेजी तो पुलिसकर्मियों की साजिश का खुलासा हो गया। एसएसपी ने बताया कि भ्रष्टाचारी और लुटेरे पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।