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Lucknow News: मरीज की मौत में दो डॉक्टरों सहित चार पर मुकदमा
Mon, 21 Aug 2023 12:56 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 21 Aug 2023 12:56 AM IST
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लखनऊ। ठाकुरगंज के हेल्थ प्वाॅइंट नाम के अस्पताल में हाईकोर्ट कर्मी राम खेलावन की मौत के मामले में डॉक्टर शैलेंद्र, डॉक्टर उत्तम, अफजल और अन्य के खिलाफ रविवार को केस दर्ज किया गया है। मृतक की बेटी राजकुमारी ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।
राजाजीपुरम की एलडीए कॉलोनी निवासी राम खेलावन हाईकोर्ट एजीए ऑफिस में तैनात थे। राजकुमारी के मुताबिक, सीने में दिक्कत होने पर पिता को बालागंज स्थित हेल्थ प्वाॅइंट हॉस्पिटल में दिखाया था।
डॉ. शैलेंद्र कुमार यादव ने बताया कि फेफड़ों में हवा के साथ पानी भरने के कारण संक्रमण फैला है। ऑपरेशन कर पाइप डालना होगा। 15 अगस्त को रामखेलावन भर्ती हुए और डॉ. शैलेंद्र ने डॉ. उत्तम के साथ मिलकर ऑपरेशन कर दिया, लेकिन सांस लेने में दिक्कत कम नहीं हुई।
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आरोप है कि डॉ. शैलेंद्र और डॉ. उत्तम ने मरीज को कई बार इंसुलिन के इंजेक्शन लगाए। राजकुमारी ने एतराज भी जताया था जिस पर डॉक्टरों का कहना था लगातार दवा चल रही है। इंसुलिन लगाना जरूरी है।
मृतक की बेटी के अनुसार, 19 अगस्त की रात करीब 7.30 बजे पिता की तबीयत बिगड़ने लगी। विनती करने पर भी डॉक्टरों ने उनकी बात नहीं सुनी। काफी देर बाद डॉ. उत्तम आया और रामखेलावन को एक इंजेक्शन दिया।
हालत सुधरने के बजाए और बिगड़ी तो डॉ. शैलेंद्र ने परिवार के सदस्यों को कमरे से बाहर भेज दिया। करीब 15 मिनट बाद रामखेलावन की मौत हो गई। हंगामा होने पर डॉ. उत्तम हॉस्पिटल से भाग निकला। इस बीच पुलिस भी मौके पर आ गई। इंस्पेक्टर ने बताया कि घटना के बारे में सीएमओ दफ्तर को भी सूचना दे दी गई है।
मरीज के इलाज में किसी तरह की कोताही नहीं हुई। तीमारदारों के आरोप बेबुनियाद हैं। मरीज गंभीर हालत में भर्ती हुआ था। दिल का दौरा पड़ने की वजह से जान चली गई।
- डॉ. मनीष, संचालक, हेल्थ प्वाॅइंट हॉस्पिटल
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राजाजीपुरम की एलडीए कॉलोनी निवासी राम खेलावन हाईकोर्ट एजीए ऑफिस में तैनात थे। राजकुमारी के मुताबिक, सीने में दिक्कत होने पर पिता को बालागंज स्थित हेल्थ प्वाॅइंट हॉस्पिटल में दिखाया था।
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डॉ. शैलेंद्र कुमार यादव ने बताया कि फेफड़ों में हवा के साथ पानी भरने के कारण संक्रमण फैला है। ऑपरेशन कर पाइप डालना होगा। 15 अगस्त को रामखेलावन भर्ती हुए और डॉ. शैलेंद्र ने डॉ. उत्तम के साथ मिलकर ऑपरेशन कर दिया, लेकिन सांस लेने में दिक्कत कम नहीं हुई।
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आरोप है कि डॉ. शैलेंद्र और डॉ. उत्तम ने मरीज को कई बार इंसुलिन के इंजेक्शन लगाए। राजकुमारी ने एतराज भी जताया था जिस पर डॉक्टरों का कहना था लगातार दवा चल रही है। इंसुलिन लगाना जरूरी है।
मृतक की बेटी के अनुसार, 19 अगस्त की रात करीब 7.30 बजे पिता की तबीयत बिगड़ने लगी। विनती करने पर भी डॉक्टरों ने उनकी बात नहीं सुनी। काफी देर बाद डॉ. उत्तम आया और रामखेलावन को एक इंजेक्शन दिया।
हालत सुधरने के बजाए और बिगड़ी तो डॉ. शैलेंद्र ने परिवार के सदस्यों को कमरे से बाहर भेज दिया। करीब 15 मिनट बाद रामखेलावन की मौत हो गई। हंगामा होने पर डॉ. उत्तम हॉस्पिटल से भाग निकला। इस बीच पुलिस भी मौके पर आ गई। इंस्पेक्टर ने बताया कि घटना के बारे में सीएमओ दफ्तर को भी सूचना दे दी गई है।
मरीज के इलाज में किसी तरह की कोताही नहीं हुई। तीमारदारों के आरोप बेबुनियाद हैं। मरीज गंभीर हालत में भर्ती हुआ था। दिल का दौरा पड़ने की वजह से जान चली गई।
- डॉ. मनीष, संचालक, हेल्थ प्वाॅइंट हॉस्पिटल