{"_id":"60e216e68ebc3e9e7e558791","slug":"four-caught-in-fraud-lucknow-news-lko5854866113","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले चार दबोचे गए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले चार दबोचे गए
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। सरकारी व निजी संस्थानों में बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह का खुलासा एसटीएफ ने किया है। गिरोह के चार सदस्यों को टीम ने दबोचकर गोमतीनगर थाने में केस दर्ज कराने के बाद जेल भेज दिया है। जालसाजों के पास से कई विभागाें के फर्जी नियुक्ति पत्र, प्रशिक्षण पत्र, आधार कार्ड, मोबाइल, लैपटॉप, प्रिंटर व नकदी बरामद हुई है।
प्रदेश में सरकारी विभागों खासकर डाक विभाग, रेलवे, भारतीय सेना, एफसीआई मेें नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह सक्रिय है। जानकारी होने पर एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश ने टीम गठित की। एसटीएफ के डिप्टी एसपी अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव की टीम ने शनिवार देर शाम पर्यटन भवन के गेट के पास से चार जालसाजों को दबोचा। इनमें बलिया के भीमापुर का मिथलेश राजभर, महराजगंज के आनंदनगर का महेश सिंह, कुशीनगर सेवरही के तमकुही रोड का रितेश श्रीवास्तव और हरदोई के रामसुमेरगंज का विपिन कुमार शामिल है।
डिप्टी एसपी अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक, आरोपियों के पास से डाक विभाग के पांच फर्जी नियुक्ति पत्र, रेलवे के ग्रुप डी व सी के 10 नियुक्ति पत्र, भारतीय सेना के दो, एफसीआई के 8, यूपी पुलिस के दो फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद हुए। इसके अलावा दो प्रोविजन प्रिमिएड ट्रेनिंग लेटर मिले। दो फर्जी ड्यूटी स्लिप, सात आधार कार्ड, छह मोबाइल, तीन मतदाता पहचान पत्र, चार पैनकार्ड, दो ड्राइविंग लाइसेंस, तीन डेबिट कार्ड, एक लैपटॉप, एक कलर प्रिंटर, आंध्रा बैंक की चेक बुक और 3600 रुपये बरामद हुए हैं।
विज्ञापन
इंटरनेट पर पता करते थे विभागों की रिक्तियां
एसटीएफ के डिप्टी एसपी के मुताबिक, चारों ने बताया कि वे इंटरनेट पर सरकारी व गैरसरकारी बडे़ संस्थानों की रिक्तियों के बारे में सर्च करते थे। भर्तियों के विज्ञापन निकलने के बाद बेरोजगारों को निशाना बनाते थे। उनको आवेदन पत्र भेजते, उसे भरकर जमा करने के लिए कहते। बेरोजगार विभाग के विज्ञापन के अनुसार, फॉर्म भरकर जमा करते। इसके बाद भर्ती करवाने का झांसा देकर युवकों से विभाग की तरफ से रुपये की मांग करते थे। रकम तय होने के बाद बड़ा हिस्सा एडवांस जमा करा लेते थे।
सौ से अधिक लोगों को दिया फर्जी नियुक्ति पत्र
एसटीएफ अधिकारी के मुताबिक, जालसाजों ने कुबूल किया कि उनके गिरोह ने अब तक सौ से अधिक लोगों को ठगा है। इसमें से सभी को नियुक्ति पत्र व प्रशिक्षण पत्र दिया जा चुका है। इस गिरोह का नेटवर्क पूरे यूपी और पूर्वांचल से सटे बिहार में सक्रिय है। इस गिरोह ने कुछ लोगों को एजेंट भी बना रखा है जो उनके इशारे पर बेरोजगारों से फॉर्म भरवाने और उनकी नौकरी लगवाने के लिए वादा कर मोटी रकम वसूलते हैं।
विज्ञापन
प्रदेश में सरकारी विभागों खासकर डाक विभाग, रेलवे, भारतीय सेना, एफसीआई मेें नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह सक्रिय है। जानकारी होने पर एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश ने टीम गठित की। एसटीएफ के डिप्टी एसपी अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव की टीम ने शनिवार देर शाम पर्यटन भवन के गेट के पास से चार जालसाजों को दबोचा। इनमें बलिया के भीमापुर का मिथलेश राजभर, महराजगंज के आनंदनगर का महेश सिंह, कुशीनगर सेवरही के तमकुही रोड का रितेश श्रीवास्तव और हरदोई के रामसुमेरगंज का विपिन कुमार शामिल है।
विज्ञापन
डिप्टी एसपी अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक, आरोपियों के पास से डाक विभाग के पांच फर्जी नियुक्ति पत्र, रेलवे के ग्रुप डी व सी के 10 नियुक्ति पत्र, भारतीय सेना के दो, एफसीआई के 8, यूपी पुलिस के दो फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद हुए। इसके अलावा दो प्रोविजन प्रिमिएड ट्रेनिंग लेटर मिले। दो फर्जी ड्यूटी स्लिप, सात आधार कार्ड, छह मोबाइल, तीन मतदाता पहचान पत्र, चार पैनकार्ड, दो ड्राइविंग लाइसेंस, तीन डेबिट कार्ड, एक लैपटॉप, एक कलर प्रिंटर, आंध्रा बैंक की चेक बुक और 3600 रुपये बरामद हुए हैं।
विज्ञापन
इंटरनेट पर पता करते थे विभागों की रिक्तियां
एसटीएफ के डिप्टी एसपी के मुताबिक, चारों ने बताया कि वे इंटरनेट पर सरकारी व गैरसरकारी बडे़ संस्थानों की रिक्तियों के बारे में सर्च करते थे। भर्तियों के विज्ञापन निकलने के बाद बेरोजगारों को निशाना बनाते थे। उनको आवेदन पत्र भेजते, उसे भरकर जमा करने के लिए कहते। बेरोजगार विभाग के विज्ञापन के अनुसार, फॉर्म भरकर जमा करते। इसके बाद भर्ती करवाने का झांसा देकर युवकों से विभाग की तरफ से रुपये की मांग करते थे। रकम तय होने के बाद बड़ा हिस्सा एडवांस जमा करा लेते थे।
सौ से अधिक लोगों को दिया फर्जी नियुक्ति पत्र
एसटीएफ अधिकारी के मुताबिक, जालसाजों ने कुबूल किया कि उनके गिरोह ने अब तक सौ से अधिक लोगों को ठगा है। इसमें से सभी को नियुक्ति पत्र व प्रशिक्षण पत्र दिया जा चुका है। इस गिरोह का नेटवर्क पूरे यूपी और पूर्वांचल से सटे बिहार में सक्रिय है। इस गिरोह ने कुछ लोगों को एजेंट भी बना रखा है जो उनके इशारे पर बेरोजगारों से फॉर्म भरवाने और उनकी नौकरी लगवाने के लिए वादा कर मोटी रकम वसूलते हैं।