{"_id":"78770acdc65d0fc4bd48111362793dbe","slug":"former-mla-murder-case-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"आजमगढ़ के पूर्व विधायक हत्याकांड का हुआ खुलासा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आजमगढ़ के पूर्व विधायक हत्याकांड का हुआ खुलासा
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Sun, 18 Aug 2013 01:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश में आजमगढ़ के पूर्व विधायक सर्वेश कुमार सिंह उर्फ सीपू की हत्या की साजिश जेल में बंद उनके विरोधी ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह ने ही रची थी। कुंटू सिंह ने पुरानी रंजिश और शराब के ठेकों में वर्चस्व को लेकर यह हत्या कराई।
विज्ञापन
आजमगढ़ पुलिस और स्वॉट टीम ने कुंटू के साले अभिषेक सिंह उर्फ मोनू समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया। पकड़े गए बदमाशों के पास से दो तमंचे, कारतूस व हत्या में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
विज्ञापन
शनिवार को एडीजी लॉ एंड आर्डर अरुण कुमार ने बताया कि आजमगढ़ कोतवाली पुलिस और स्वॉट टीम ने विजय यादव उर्फ सचिन निवासी हसनपट्टी, जीयनपुर को तमंचे के साथ गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
सचिन ने पूछताछ में कबूला कि उसने साथियों के साथ मिलकर पूर्व विधायक की हत्या की थी। उसने बताया कि हत्या में शामिल शूटर उसके ही ट्यूबवेल पर रुके थे।
पूर्व विधायक की मुखबिरी का काम सचिन और रिजवान के जिम्मे था। सचिन की गिरफ्तारी के बाद उसकी सूचना पर बिलरियागंज पुलिस ने शूटर दिनेश सिंह उर्फ रंपत उर्फ दुल्हिन निवासी बसतंपुर महाराजगंज आजमगढ़ को धर दबोचा।
दिनेश ने बताया कि कुंटू सिंह के कहने पर उसने साथी मृत्युंजय उर्फ विक्की के साथ मिलकर पूर्व विधायक की घर के सामने गोली मारकर हत्या की थी।
सचिन और दिनेश ने बताया कि कुंटू का साला आजमगढ़ के तरवां के खुटहन का अभिषेक सिंह उर्फ मोनू भी हत्या की साजिश में शामिल था।
सूचना के आधार पर जीयनपुर पुलिस ने अभिषेक को भी धर दबोचा। हत्या की वजह कुंटू और सर्वेश सिंह उर्फ सीपू के बीच सालों से चली आ रही रंजिश को बताया जा रहा है।
एडीजी ने बताया कि हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता कुंटू सिंह वाराणसी जेल में बंद है। अन्य नामजद आरोपियों में से रिजवान ने तीन अगस्त को कोर्ट में समर्पण कर दिया था जबकि संग्राम सिंह दूसरे मामले में कानपुर में गिरफ्तार हो गया। दो आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं।
इंस्पेक्टर जीयनपुर को क्लीन चिट
पूर्व विधायक की हत्या में नामजद जीयनपुर कोतवाली प्रभारी विजय सिंह को पुलिस ने क्लीन चिट दे दी है। उनकी हत्या में कोई भूमिका नहीं पाई गई है।
बताते चलें कि पूर्व विधायक के घरवालों ने इंस्पेक्टर जीयनपुर के हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था।