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34 लाख की लूट में एसटीएफ की टीम के साथ नामजद बंथरा के पूर्व कोतवाल निलंबित
Tue, 09 Apr 2019 11:35 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 09 Apr 2019 11:35 AM IST
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फाइल फोटो
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लूट मामले में एसटीएफ की टीम के साथ नामजद बंथरा के पूर्व कोतवाल बृजेश कुमार सिंह को सोमवार को निलंबित कर दिया गया। दिल्ली के अजमेरी गेट इलाके में रहने वाले व्यापारी मो. लुकमान एवं उसके भाई सलाहउद्दीन को 3 मार्च को एयरपोर्ट से अगवा करके 34 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा लूट ली गई थी।
एसएसपी कलानिधि नैथानी की जांच में तत्कालीन कोतवाल की घोर लापरवाही सामने आने पर यह कार्रवाई की गई। मामले में एसटीएफ के तत्कालीन सीओ तत्कालीन सीओ विजय प्रताप यादव के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री से सिफारिश की गई है।
सीओ के साथ रहे निरीक्षक जैनुद्दीन अंसारी और आरक्षी भी निलंबित होंगे। एसएसपी की जांच रिपोर्ट पर रविवार तड़के बंथरा थाने में एसटीएफ की टीम के साथ तत्कालीन कोतवाल बृजेश कुमार सिंह के खिलाफ लूट, धमकी व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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एसएसपी के मुताबिक मो. लुकमान की शिकायत पर जांच में प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार सिंह की घोर लापरवाही उजागर हुई थी। इस पर बृजेश को लाइन हाजिर कर दिया गया था।
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एसएसपी कलानिधि नैथानी की जांच में तत्कालीन कोतवाल की घोर लापरवाही सामने आने पर यह कार्रवाई की गई। मामले में एसटीएफ के तत्कालीन सीओ तत्कालीन सीओ विजय प्रताप यादव के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री से सिफारिश की गई है।
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सीओ के साथ रहे निरीक्षक जैनुद्दीन अंसारी और आरक्षी भी निलंबित होंगे। एसएसपी की जांच रिपोर्ट पर रविवार तड़के बंथरा थाने में एसटीएफ की टीम के साथ तत्कालीन कोतवाल बृजेश कुमार सिंह के खिलाफ लूट, धमकी व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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एसएसपी के मुताबिक मो. लुकमान की शिकायत पर जांच में प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार सिंह की घोर लापरवाही उजागर हुई थी। इस पर बृजेश को लाइन हाजिर कर दिया गया था।
लूट, धमकी व भ्रष्टाचार के मुकदमे में नामजदगी होने पर निरीक्षक बृजेश के निलंबन के लिए चुनाव आयोग से अनुमति ली गई थी। यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद 9 मार्च को एसटीएफ के सीओ विजय प्रताप यादव को सुल्तानपुर के पुलिस प्रशिक्षण स्कूल और निरीक्षक जैनुद्दीन अंसारी को आर्थिक अपराध शाखा में स्थानांतरित कर दिया गया था।