{"_id":"5d87d0598ebc3e93b434569c","slug":"formation-of-federation-agitation-against-merger-of-consolidation-in-revenue","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजस्व में चकबंदी के विलय के खिलाफ महासंघ का गठन, आंदोलन का एलान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजस्व में चकबंदी के विलय के खिलाफ महासंघ का गठन, आंदोलन का एलान
Mon, 23 Sep 2019 01:19 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 23 Sep 2019 01:19 AM IST
विज्ञापन
demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्व विभाग से जुड़े विभन्न संवर्गों के सेवा संगठनों ने रविवार को राजस्व महासंघ का गठन कर अगले महीने सड़क पर उतरने का एलान कर दिया है।
विज्ञापन
राजस्व महासंघ के संयोजक निखिल शुक्ला व अध्यक्ष अनुराग सिंह ने कहा है कि चकबंदी विभाग के राजस्व विभाग में विलय से समस्याएं घटने की जगह और बढ़ जाएंगी। इससे न सिर्फ राजस्व विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के हित सीधे तौर पर प्रभावित होंगे बल्कि चकबंदी व्यवस्था में सुधार संबंधी उद्देश्य भी सफल नहीं होगा।
विज्ञापन
पीडब्ल्यूडी ऑडिटोरियम में महासंघ के गठन के बाद पत्रकारों से बातचीत में इन पदाधिकारियों ने कहा कि प्रत्येक 20 वर्ष में चकबंदी होनी चाहिए। लेकिन, 1100 गांवों में अभी तक पहले चक्र की चकबंदी शुरू तक नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
इन गांवों में लगभग 100 वर्ष के बंदोबस्त अभिलेख मौजूद हैं। इनके नवीनीकरण न होने से भूमि विवाद होते रहते हैं। चकबंदी प्रक्रिया समाप्त होने से सार्वजनिक प्रयोग की भूमि, विद्यालय, स्कूल, चकमार्ग, नाली, बंजर, ऊसर आदि उपलब्ध नहीं हो पाएंगे। भूमि विवाद दोगुना तक बढ़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि चकबंदी प्रक्रिया एक तकनीकी व खास तरह की प्रक्रिया है जिसकी नियमित आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग पहले ही नायब तहसीलदारों के 1234 पदों के सापेक्ष 1000 व राजस्व निरीक्षकों के4281 पदों के सापेक्ष 1000 पद रिक्त हैं। चकबंदी विभाग के विलय के बाद राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली से अनभिज्ञ व गैर अनुभवी कर्मी व अधिकारी राजस्व में आ जाएंगे।
पदाधिकारियों ने कहा कि राजस्व विभाग के विशिष्ट दायत्विं व महत्व के मद्देनजर लेखपाल, संग्रह अमीन का प्रारंभिक ग्रेड पे-2800 रुपये, राजस्व निरीक्षक का ग्रेड पे-4200 व नायब तहसीलदार का ग्रेड पे-4800 किया जाना चाहिए।
इसके अलावा राजस्व अधिकारियों की पदोन्नति व ज्येष्ठता खतरे में पड़ जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने चकबंदी विभाग के राजस्व में विलय किया गया तो संवर्ग के बैनर तले 40 हजार अधिकारी व कर्मचारी अक्तूबर से सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।
विभिन्न संगठनों से महासंघ के ये पदाधिकारी चुने गए
निखिल शुक्ला- संयोजक (अध्यक्ष, राजस्व प्रशासनिक अधिकारी संघ)
अनुराग सिंह- अध्यक्ष (महामंत्री, राजस्व प्रशासनिक अधिकारी संघ)
ब्रजेश श्रीवास्तव- महामंत्री (महामंत्री, लेखपाल संघ)
शंभु शरण - कोषाध्यक्ष (राजस्व प्रशासनिक अधिकारी संघ से)
ज्ञानेंद्र द्विवेदी - उपाध्यक्ष (राजस्व प्रशासनिक अधिकारी संघ से)
जितेंद्र कुमार सिंह- उपाध्यक्ष (महामंत्री, राजस्व निरीक्षक संघ)
शिव बरन सिंह यादव- उपाध्यक्ष (राजस्व निरीक्षक संघ से)
विनोद कश्यप- उपाध्यक्ष (लेखपाल संघ से)
समर बहादुर सिंह- उपाध्यक्ष (राजस्व संग्रह अमीन संघ से)