आतिशबाज के घर में लगी आग, बाप-बेटी जिंदा जले
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महाराजगंज क्षेत्र के सलेथू गांव में मंगलवार को आतिशबाज के घर में चूल्हे की चिंगारी से लगी आग ने जमकर तबाही मचाई। लपटों की चपेट में आए पिता-पुत्री जिंदा जल गए। जबकि एक किशोरी गंभीर रूप से झुलस गई। दो मकान जलकर राख हो गये।
वहीं, छप्पर के नीचे बंधी 17 बकरियां भी झुलसकर मर गईं। बताते है कि घटना के समय घर में पटाखे रखे थे, जिससे आग और भी भड़क गई। दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया। किशोरी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना पर पुलिस प्रशासन के कई अफसर मौके पर पहुंचे।
गांव निवासी पीर मोहम्मद आतिशबाजी का लाइसेंस धारक है। गांव के बाहर पीर मोहम्मद और उसका भाई यार मोहम्मद मकान बनाकर रहते थे। बताते हैं कि यार मोहम्मद के घर पर कोई नहीं था। जबकि आतिशबाज की बेटी सफीकुन (19) घर में रखे छप्पर के नीचे चूल्हे पर खाना बना रही थी। उसकी छोटी बहन हमीदुन (15) आंगन में बैठी थी। इसी दौरान चिंगारी से छप्पर में आग लग गई।
देखते ही देखते विकराल हो गई आग
देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया। आतिशबाज घर से दूर कोठरी बनाकर वहीं पर पटाखे बनाता, लेकिन शादी समारोहों से बचे हुए कुछ पटाखे घर ले आया था। लपटों की चपेट में आते ही पटाखों में विस्फोट होने लगा। इससे आग और भड़क गई।
लपटों ने यार मोहम्मद के घर को भी चपेट में ले लिया। घर के अंदर मौजूद सफीकुन की आग में जलकर मौत हो गई। जबकि हमीदुन गंभीर रूप से झुलस गई। बेटी को बचाने में आतिशबाज पीर मोहम्मद भी बुरी तरह से झुलस गया। घटना से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।
दमकल और गांव के लोगों ने मिलकर आग पर काबू पाया। आतिशबाज के घर में बंधी 17 बकरियां भी जल गई। मौके पर पहुंचे कोतवाल कुलदीप तिवारी ने गंभीर रूप से झुलसे आतिशबाज और उसकी बेटी को सीएचसी में भर्ती कराया। जहां उनकी हालत गंभीर देख डॉक्टर ने दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
जिला अस्पताल में आतिशबाज की भी मौत हो गई। अग्निकांड में करीब सात लाख के नुकसान की बात कही जा रही है।
...फिर भी कराई जा रही है जांच
सूचना पर एसडीएम एस सुधाकरन, तहसीलदार राम शंकर वर्मा, सीओ सत्यपाल सिंह मौके पर पहुंचे। मदद के लिए बछरावां, शिवगढ़ और हरचंदपुर पुलिस भी बुला ली गई। सीओ ने बताया कि प्रथमदृष्टया जांच में पता चला है कि खाना बनाते समय आग लगी है, फिर भी जांच कराई जा रही है।
देर से पहुंची फायर ब्रिगेड, भड़का गुस्सा
अग्निकांड की सूचना के बाद फायर ब्रिगेड को मौके पर पहुंचने में करीब एक घंटा लग गया। इससे लोग भड़क उठे। सभी दमकल वाहन और कर्मचारियों को वहां से भगाने लगे। इसी दौरान गांव के संभ्रांत लोगों ने बीच बचाव कर आक्रोशित लोगों को शांत कराया। इसके बाद दमकल कर्मचारी राहत कार्य में जुट गए।
एसडीएम एस सुधाकरन का कहना है कि अग्निकांड में आतिशबाज और उसकी एक बेटी की जलकर मौत हो गई है। एक बेटी झुलस गई। जबकि गांव के दो घर जले हैं। अग्निकांड में हुए नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।