लखनऊ के विकासनगर के खुर्रमनगर स्थित शारिक कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट में अवैध रूप से चल रहे ई-रिक्शा चार्जिंग पॉइंट में रविवार सुबह आग लगने से पहली मंजिल पर सो रहे छह लोग झुलस गए। इसमें से तीन की हालत गंभीर है। दमकल की पांच गाड़ियों ने दो घंटे में आग पर काबू पा लिया। पुलिस ने शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जाहिर की है।
2 of 9
ई-रिक्शा चार्जिंग सेंटर में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
प्रभारी निरीक्षक विकासनगर धीरज कुमार शुक्ला ने बताया कि शारिक कॉम्प्लेक्स हुसैनगंज के उदयगंज निवासी मो. जावेद का है। उन्हाेंने कॉम्प्लेक्स का बेसमेंट मो. आलम को किराए पर दे रखा है, जो बिना लाइसेंस ई-रिक्शा चार्जिंग का काम भी करता है। वहीं पहली मंजिल में जावेद खुद परिवार के साथ रहते हैं।
3 of 9
ई-रिक्शा चार्जिंग सेंटर में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
हादसे के वक्त जावेद पत्नी नसरीन, बेटी समीरा, आसिफा, सिमरन और बेटा लड्डू के साथ सो रहे थे। बेसमेंट में करीब 6.15 बजे आग लगी। सुबह करीब सात बजे आग पहली मंजिल पर पहुंच गई। पहली मंजिल पर धुआं भर गया। वहां समीरा की नींद खुली तो उसे हर तरफ अंधेरा दिखा था। शोर मचाकर परिवार के अन्य सदस्यों को जगाया। सभी नीचे की तरफ भागने लगे, लेकिन वे नीचे तेज लपटों में घिर गए।
4 of 9
ई-रिक्शा चार्जिंग सेंटर में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
किसी तरह जावेद ने बेटी आसिफा, सिमरन और बेटा लड्डू बाहर निकाला। वह खुद और उसकी पत्नी नसरीन और बेटी समीरा आग के बीच घिर गए। तीनों गंभीर रूप से झुलस गए और धुएं से बेहोश हो गए। वहीं दूसरी मंजिल पर जावेद के परिवार के नौ अन्य सदस्य फंसे थे। पुलिस ने इन्हेें सुरक्षित बाहर निकाला।
5 of 9
ई-रिक्शा चार्जिंग सेंटर में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
प्राथमिक जांच में आग शॉर्ट सर्किट से लगने की बात सामने आई है। बेसमेंट में अवैध तरीके से ई-रिक्शा चार्जिंग पॉइंट बनाया गया था। उसके बिजली कनेक्शन से ही आग लगने की बात सामने आ रही है। जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। - संतोष कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी, महानगर