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Lucknow: एक ही परिवार के छह लोगों से 45.37 लाख की ठगी, वसुंधरा ग्रुप के एमडी सहित पांच व अन्य अज्ञात पर केस

Mon, 09 Jan 2023 05:05 PM IST
लखनऊ ब्यूरो माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Mon, 09 Jan 2023 05:05 PM IST
सार

आर्चिड ग्रुप के नाम से आवासीय योजनाएं चलाने वाले ग्रुप ने एक ही परिवार के छह लोगों से 45 लाख रुपए ठग लिए। मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है।

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Fir of fraud of 45 lakhs is filed in Lucknow.
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर आर्चिड वैली नाम से आवासीय योजना चलाने वाली वसुंधरा ग्रुप ने एक ही परिवार के दंपती सहित छह लोगों से 45.37 लाख ठग लिए। पांच साल के बाद भी प्लॉट नहीं मिला। पीड़ित ने विभूतिखंड थाने में शनिवार को एमडी सुधीर सिंह, जनरल मैनेजर अफजल, मैनेजर शशांक, कर्मचारी शिल्पी, सारिका व अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। मूलरूप से गाजीपुर जनपद के सैदपुर स्थित ग्राम हसनपुर निवासी सच्चिदानंद इंफोसिस में कार्यरत हैं।

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उन्होंने बताया कि 2012 से 2019 तक विभिन्न ग्राहकों की सेवा के लिए ऑस्ट्रेलिया में प्रतिनियुक्ति पर रह चुके हैं। पत्नी स्वीटी लखनऊ में कानपुर रोड स्थित एलडीए कॉलोनी में रहती हैं। जुलाई 2014 में सच्चिदानंद लखनऊ आए थे। इस दौरान वसुंधरा ग्रुप का विज्ञापन देखा। कंपनी गोर्साइंगंज स्थित शेखनापुर गांव में ऑर्चिड वैली के नाम से एक आवासीय योजना कर रही थी।
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जानकारी के लिए नंबर पर संपर्क किया तो एसोसिएट पूजा ने दफ्तर आने को कहा। सच्चिदानंद, पत्नी व करीबी रिश्तेदारों संग अशोक मार्ग स्थित वसुंधरा ग्रुप के ऑफिस गए, जहां उनकी मुलाकात एमडी सुधीर सिंह व अन्य से हुई। अच्छी योजना देख बड़ी बहन डॉ. कालिंदी देवी, भांजे अनूप कुमार, पत्नी की बड़ी बहन इंदु कुमारी व मित्र रूपेश ने भी योजना में निवेश की इच्छा जताई। सभी ने 10-10 हजार रुपये एडवांस जमा किया।

सितंबर 2014 से नवंबर 2017 के बीच सभी ने 45.37 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। जनवरी 2018 में पीड़ित ने उस जगह का निरीक्षण किया तो कोई काम नहीं मिला। संपर्क करने पर एमडी ने दिसंबर 2019 तक की समय सीमा बताई। वर्ष 2017 में कंपनी ने अपना ठिकाना विभूतिखंड स्थित एल्डिको कॉरपोरेट चेंबर में बना लिया। लगातार टालमटोल पर पीड़ितों ने विभूतिखंड थाने में शिकायत की थी।

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