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एफएसडीए कोर्ट का फैसलाः केएफसी रिटेल स्टोर पर लगाया लाखों का जुर्माना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 15 Sep 2018 01:03 PM IST
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- फोटो : डेमो
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सहारागंज स्थित रिटेल आउटलेट में तीन साल पहले पकड़े गए घटिया पैकेजिंग के मामले में एफएसडीए कोर्ट ने केएफसी रिटेल स्टोर पर तीन लाख रुपये का जुर्माना ठोका है। इसमें से एक लाख रुपये रिटेल आउटलेट के संचालक से और दो लाख रुपये केएफसी उत्पादों की सप्लाई करने वाली हरियाणा की कंपनी से वसुला जाएगा।
न्याय निर्णायक अधिकारी व एडीएम सिटी पूर्वी वैभव मिश्रा ने यह आदेश दिया। उन्होंने यह ताकीद किया कि एक माह में जुर्माना राशि सरकारी खजाने में जमा करा दी जाए।
ऐसा नहीं करने पर एफएसडीए अधिकारी इसकी वसूली राजस्व कोर्ट से आरसी जारी कराकर करेंगे। जुलाई 2014 में एफएसओ टीम ने सहारागंज मॉल स्थित केएफसी के रिटेल स्टोर से क्रसर मिक्स (पैक्ड) के नमूने सीज कर लैब भेजे थे।
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न्याय निर्णायक अधिकारी व एडीएम सिटी पूर्वी वैभव मिश्रा ने यह आदेश दिया। उन्होंने यह ताकीद किया कि एक माह में जुर्माना राशि सरकारी खजाने में जमा करा दी जाए।
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ऐसा नहीं करने पर एफएसडीए अधिकारी इसकी वसूली राजस्व कोर्ट से आरसी जारी कराकर करेंगे। जुलाई 2014 में एफएसओ टीम ने सहारागंज मॉल स्थित केएफसी के रिटेल स्टोर से क्रसर मिक्स (पैक्ड) के नमूने सीज कर लैब भेजे थे।
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इन्हें बनाया पक्षकार
डेमो
अप्रैल 2015 में आई जांच रिपोर्ट में नमूने को पैकेजिंग एक्ट के मानकों के खिलाफ बताया गया। जांच में पता चला कि जरूरी जानकारियां नियमों के अनुरूप नहीं दर्शाई गईं थीं।
साथ ही इसके इस्तेमाल होने की अवधि भी इतने छोटे अक्षरों में लिखी थी कि उसे आसानी से पढ़ना मुश्किल था। एफएसडीए ने रिपोर्ट के आधार पर एफएसडीए कोर्ट में रिटेल स्टोर के स्थानीय संचालक दिगंबर सिंह मेहता भगवंत नगर दिलकुशा थाना कैंट और देश में केएफसी उत्पाद की सप्लाई से जुड़ी हरियाणा की फर्म को पक्षकार बनाया।
बाद में स्थानीय रिटेल स्टोर संचालक ने कोर्ट से यह गुजारिश की कि उन्होंने यह काम छोड़ दिया है। लिहाजा उन्हें कार्रवाई से बाहर किया जाए।
न्याय निर्णायक अधिकारी गौरव मिश्रा ने वाद का अंतिम निस्तारण करते हुए पैकेजिंग एक्ट के मानकों के उल्लंघन पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
साथ ही इसके इस्तेमाल होने की अवधि भी इतने छोटे अक्षरों में लिखी थी कि उसे आसानी से पढ़ना मुश्किल था। एफएसडीए ने रिपोर्ट के आधार पर एफएसडीए कोर्ट में रिटेल स्टोर के स्थानीय संचालक दिगंबर सिंह मेहता भगवंत नगर दिलकुशा थाना कैंट और देश में केएफसी उत्पाद की सप्लाई से जुड़ी हरियाणा की फर्म को पक्षकार बनाया।
बाद में स्थानीय रिटेल स्टोर संचालक ने कोर्ट से यह गुजारिश की कि उन्होंने यह काम छोड़ दिया है। लिहाजा उन्हें कार्रवाई से बाहर किया जाए।
न्याय निर्णायक अधिकारी गौरव मिश्रा ने वाद का अंतिम निस्तारण करते हुए पैकेजिंग एक्ट के मानकों के उल्लंघन पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया।