सेहत की बात: मौसमी बीमारियों में दवाओं से अधिक बचाव जरूरी, आयुर्वेद से बढ़ती है रोग प्रतिरोधक क्षमता
बदलता मौसम लोगों को बीमार भी कर रहा है। ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि मौसमी बीमारियों में दवाओं से अधिक बचाव जरूरी है। आयुर्वेद से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। आगे पढ़ें और जानें डॉक्टर की सलाह...
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आए दिन बदलने वाला मौसम लोगों को बीमार बना रहा है। सर्दी-जुकाम और बुखार के साथ ही अस्पतालों में हड्डी-जोड़ों में दर्द, सांस, त्वचा और दिल के रोगी बढ़ने लगे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, मौसमी बीमारियों में दवाओं से ज्यादा बचाव अहम है। इसलिए, बचाव के नुस्खों पर ध्यान देना चाहिए।
लखनऊ स्थित केजीएमयू में मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. अजय कुमार पटवा ने बताया कि अक्तूबर के बाद दिन और रात के तापमान में काफी अंतर रहता है। दिन में धूप की वजह से गर्मी और रात में कभी सर्दी और कभी कुछ गर्मी रहती है। ये बदलाव बीमारी की वजह बनते हैं। इसकी वजह से मेडिसिन के साथ ही अन्य विभागों में भी मरीजों की संख्या बढ़ती है। ये बीमारियां मौसमजनित हैं, इसलिए इनसे बचने के लिए सावधानी बरतें। दवाएं खाने से बेहतर है कि सावधानी बरतकर इनका सामना करें।
आयुर्वेद से बढ़ती है रोग प्रतिरोधक क्षमता
राजकीय आयुर्वेद कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धर्मेंद्र सिंह के अनुसार, आयुर्वेद सिर्फ इलाज नहीं करता है। यह बचाव पर भी केंद्रित है। इसकी वजह से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। इसलिए, इस मौसम में बचाव पर ध्यान केंद्रित करें।
इनका रखें ध्यान
- ठंडी चीजें खाने से बचें।
- घर का बना हुआ भोजन करें।
- सफाई का ध्यान रखें।
- गुनगुना पानी पीएं और नहाने में भी इसका इस्तेमाल करें।
- रात में हल्के गर्म कपड़े जरूर पहनें।
- दिवाली और बदलते मौसम में प्रदूषण बढ़ता है, इसलिए मास्क का इस्तेमाल करें।
- चाय में काली मिर्च, तुलसी की पत्ती और अदरक का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह लें।