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Lucknow News: छापे और उत्पीड़न से परेशान खाद दुकानदारों ने निकाला मार्च

Sun, 29 Jun 2025 01:57 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 29 Jun 2025 01:57 AM IST
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Fertilizer shopkeepers troubled by raids and harassment took out a march
मार्च निकालते खाद कारोबारी।
लखनऊ। कृषि विभाग की नीतियों व छापे की कार्रवाई के खिलाफ शनिवार को खाद दुकानदारों ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और मार्च निकाला। कृषि अफसरों पर उगाही और उत्पीड़न का आरोप भी लगाया। एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिशन लखनऊ ने सीएम योगी को संबोधित एक ज्ञापन भी डीएम को सौंपा।
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ज्ञापन में कहा गया है कि कंपनियां यूरिया 242 रुपये से लेकर 246 तक होलसेलर को बेच रही हैं। भाड़ा खर्च भी 40 रुपये तक लग रहा है। सरकारी नियमों के मुताबिक, खाद रिटेलर के गोदाम तक कोई भी कंपनी माल नहीं पहुंचा रही है। 30 से 40 प्रतिशत अन्य उत्पाद भी जबरन साथ में दिए जा रहे हैं। ऐसे में लागत बढ़ने से सरकारी रेट 266.50 रुपये पर यूरिया बेचना संभव नहीं। यही हाल डीएपी और एनपीके खाद पर भी है। मांग की गई कि दुकानदारों पर कार्रवाई के बजाय कंपनियों पर कार्रवाई हो। दर्ज मुकदमे भी निरस्त किए जाएं। शनिवार को सिर्फ सांकेतिक बंदी की गई है। मांग पूरी न हुई तो अनिश्चितकालीन बंदी की जाएगी। लाइसेंस सरेंडर करने की भी चेतावनी दी।
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उधर, चंद्रभान गुप्त कृषि महाविद्यालय के कृषि विशेषज्ञ डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह का कहना है कि भारत सरकार सिर्फ बीएससी (ऑनर्स) कृषि स्नातक को ही खाद बीज और उर्वरक बेचने का लाइसेंस देती है। यदि इन्हें बिना टैगिंग के उत्पाद दिए जाएं तो समस्या का निदान निकल सकता है।
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