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नम आंखों से पिता ने दी आखिरी सलामी : लेफ्टिनेंट कमांडर के अंतिम संस्कार में नेवी अफसर हुए शामिल, भाई ने दी मुखाग्नि
Mon, 04 Oct 2021 09:08 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 04 Oct 2021 09:08 PM IST
सार
उत्तराखण्ड के बागेश्वर में स्थित त्रिशूल पर्वत पर पर्वतारोहण अभियान के दौरान हिमस्खलन में काल के गाल में समाने वाले नौसेना के लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीकांत यादव सोमवार को पंचतत्व में विलीन हो गए।
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त्रिशूल पर्वत पर पर्वतारोहण अभियान के दौरान हिमस्खलन में शहीद लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीकांत यादव का शव पहुंचा घर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सुबह आठ बजे जब लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीकांत यादव का पार्थिक शरीर विकासनगर स्थित आवास पर पहुंचा तो मां व पत्नी फफक-फफक कर रो पड़ी। जिसने भी शव देखा, उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े। पर, वायुसेना में तैनात पिता ने आंखों में आंसुओं के सैलाब को समेटे हुए जब बेटे को अंतिम सलामी दी, सैल्यूट किया तो उनका जज्बा देखने लायक था। उनकी आंखें भले ही भरी हुई दिख रही थीं, पर बेटे के शहीद होने से उनका सीना फक्र से चौड़ा हो गया था।
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दरअसल, उत्तराखण्ड के बागेश्वर में स्थित त्रिशूल पर्वत पर पर्वतारोहण अभियान के दौरान हिमस्खलन में काल के गाल में समाने वाले नौसेना के लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीकांत यादव सोमवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। बैकुंठधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर नेवी के अफसरों ने भी उन्हें श्रद्घांजलि दी। मुख्यमंत्री ने सैन्याधिकारी की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया और सरकार की ओर से 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की गई है। लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीकांत यादव का परिवार विकासनगर के सेक्टर-12 आनंदपुरम में रहता है। परिवार में पिता विजेंद्र सिंह हैं, जो बीकेटी एयरफोर्स स्टेशन से वारंट ऑफिसर हैं।
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मां परिजेश, पत्नी विन्नी बघेल रहती है। लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीकांत यादव नेवी में थे और मुंबई में आईएनएस पर तैनात थे। उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में त्रिशूल पर्वत फतह करने के दौरान हिमस्खलन के चलते रजनीकांत समेत पूरी टीम लापता हो गई थी। सेना ने हेलीकॉप्टर से सर्च ऑपरेशन चलाया तो शनिवार को रजनीकांत व अन्य पर्वतारोहियों के पार्थिव शरीर मिले। सोमवार सुबह रजनीकांत यादव का शव राजधानी पहुंचा। विकासनगर स्थित आवास पर शव के पहुंचते ही परिजन फूट-फूटकर रोने लगे। मां व पिता का हाल बुरा था। पर, उनकी आंखों में बेटे पर फक्र नजर आ रहा था। दोपहर दस के आसपास पार्थिक शरीर को अंतिम संस्कार के लिए बैकुंठधाम ले जाया गया। जहां उन्हें भाई रमाकांत यादव ने मुखाग्नि दी। इस अवसर पर नेवी के अफसर भी मौजूद रहे। उन्होंने लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीकांत यादव को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। नेवी अफसरों कार्तिक, जी. कमलाकर, मुकेश वर्मा, अंकित सिंह ने श्रद्घांजलि दी।
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दोस्त ने दिया परिवार को संबल
लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीकांत यादव के करीबी मित्रों में दीपक कुमार सिह शामिल हैं। वह उनके साथ केंद्रीय विद्यालय में साथ में पढ़ते थे। फिर साथ में ही सशस्त्र बलों में चुने गए और ट्रेनिंग भी साथ में की। रजनीकांत यादव के निधन के बाद दीपक कुमार ने परिवार को संबल दिया। अपनी पीड़ा को आंखों से बाहर नहीं छलकने दी और परिजनों को लगातार ढांढस बंधाते नजर आए।
मिलेगी 50 लाख की मदद, सरकारी नौकरी
लेफ्टिनेंस कमांडर रजनीकांत यादव के निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने उनकेपरिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद प्रदान करने की घोषणा की है। साथ ही उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने तथा जनपद की एक सड़क का नामकरण उनके नाम पर करने की भी घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने उनके परिजनों के प्रति संवदेनाएं व्यक्त करते हुए कहाकि शोक की इस घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ है। प्रदेश सरकार द्वारा उनके परिवार को हर सम्भव मदद प्रदान की जाएगी।