फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Fake notes were being printed in the hotel, five arrested

Lucknow News: होटल में छापे जा रहे थे जाली नोट, पांच गिरफ्तार

Tue, 29 Aug 2023 01:54 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 29 Aug 2023 01:54 AM IST
विज्ञापन
Fake notes were being printed in the hotel, five arrested
लखनऊ। गोमतीनगर के विराजखंड स्थित होटल पार्क व्यू इन में जाली नोट छापे जा रहे थे। इसका भंडाफोड़ करते हुए क्राइम ब्रांच व मड़ियांव पुलिस ने सोमवार को गिरोह के पांच शातिरों को गिरफ्तार किया।
विज्ञापन

गाेंडा का रवि प्रकाश पांडेय और दिल्ली का विकास भारद्वाज गिरोह के सरगना बताए गए हैं। रवि होटल का मैनेजर भी है। उसने एक कमरे में नोट छापने की मशीन लगा रखी थी।
विज्ञापन

बाजार में जाली नोट खपाने के लिए गुर्गे भी रखे हुए थे। आरोपियों के पास से 3.20 लाख के जाली नोट बरामद हुए है। पुलिस ने सभी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। पता चला है कि गिरोह का ही एक सदस्य मोनू यादव फरार है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वह दो दिन पहले एक लाख के जाली नोट लेकर निकला है। डीसीपी उत्तरी एसएम कासिम आब्दी ने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस रविवार देर रात घैला पुल के पास संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी।
इसी दौरान एक कार रुकी और तीन युवक बाहर निकले। इनमें प्रतापगढ़ का विकास दुबे, इटौंजा का विकास सिंह और दिल्ली का विकास भारद्वाज शामिल थे। तलाशी में इनके पास से जाली नोट बरामद हुए।
कड़ाई से पूछताछ में तीनों ने बताया कि जाली नोट छापकर सप्लाई करते हैं। गिरोह में गाेंडा का रवि प्रकाश उर्फ अविनाश पांडेय और बाराबंकी के महाकोठी का उत्कर्ष द्विवेदी भी है।
पुलिस ने इन दोनों को भी उठाया। पूछताछ व साक्ष्य जुटाने के बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया। मामले में मड़ियांव थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
20 हजार में एक लाख रुपये के जाली नोट

डीसीपी ने बताया कि रवि विराजखंड स्थित होटल पार्क व्यू इन में काम करता है। होटल में ही बने एक कमरे में वह रुकता है। उसी में नोट छापता है। शातिर ने मशीनें, कागज और स्याही समेत छपाई का सारा सामान कमरे में रख रखा है। डीसीपी ने बताया कि आरोपी बांड वाले कागज का इस्तेमाल करते थे। इसमें सिक्योरिटी थ्रेड की जगह आरबीआई प्रिंट की एक पतली पन्नी का इस्तेमाल करते थे। 20 हजार रुपये में एक लाख रुपये के जाली नोट देते थे। इस खुलासे के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर होटल मालिक और वहां के कर्मचारियों को इस खेल की जानकारी क्यों नहीं लगी।




गिरोह में तीन विकास, खुलते गए राज

पुलिस ने सबसे पहले जिन तीनों आरोपियों को पकड़ा था, उन सभी का नाम विकास था। शुरुआत में इन्हीं तीनों से पूछताछ के बाद गिरोह का राजफाश हो गया। पूछताछ में पता चला कि विकास दुबे पेशे से प्रॉपर्टी डीलर है। विकास सिंह 12वीं पास छात्र, विकास भारद्धाज टाॅवर लगाने का काम करता है। रवि होटल में काम करता है, जबकि आरोपी उत्कर्ष निजी चालक है।


ये आरोपी आए पकड़ में :

- विकास दुबे उर्फ अजय, कल्याणपुर भौरहा, अंतू प्रतापगढ़ प्राॅपर्टी डीलर, हैंडलर
- विकास सिंह, नारायणपुर इटौंजा, लखनऊ, स्टूडेंट
- विकास भारद्वाज, अलीपुर नई दिल्ली, टावर लगाने का काम एजेंट सप्लाई करता था।
- रवि प्रकाश उर्फ अविनाश पांडेय, कौड़िया बाजार, गोंडा, होटल का मैनेजर
- उत्कर्ष द्विवेदी, महाकोठी बाराबंकी, चालक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed