फर्जी डॉक्टर ने MBBS छात्रा से किया 8 महीने तक रेप
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खुद को डॉक्टर बताते हुए जौनपुर का मनीष श्रीवास्तव आठ महीने तक केजीएमयू की एमबीबीएस फाइनल ईयर की छात्रा से रेप करता रहा।
उसने छात्रा से करीब पांच लाख रुपये भी ऐंठ लिए। छात्रा ने वीमेन पॉवर लाइन 1090 में शिकायत की। इसके बाद मंगलवार रात मनीष को पकड़कर चौक पुलिस के हवाले कर दिया गया।
छात्रा ने उसके खिलाफ बलात्कार सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट लिखाई है। बस्ती की रहने वाली छात्रा का मोबाइल नंबर मनीष ने उसकी फेसबुक आईडी से लिया था।
छात्रा के अनुसार गत 10 नवंबर को किसी डॉ. एसके चौधरी नामक व्यक्ति ने उसे फोन किया।
25 हजार एडवांस मांगे
छात्रा के अनुसार एसके चौधरी ने कहा कि उन्होंने यूएस से मेडिकल कोर्स किया है और वह एक सीक्रेट प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं जिसमें उसे भी शामिल करना चाहते हैं।
साथ ही वह इंटरनेशनल कोर्स भी कराते हैं जिससे एम्स में एडमिशन मिलता है। जल्द ही को-गाइड डॉ. रोहन मिलकर बाकी जानकारियां देंगे।
उसने छात्रा को अच्छी कमाई और बेहतर भविष्य बनाने का झांसा दिया। इसके बाद डॉ. रोहन उर्फ सौरभ ने छात्रा से बातचीत के बाद मुलाकात की।
पहली मुलाकात में डॉ. रोहन ने छात्रा से 25,000 रुपये एडवांस मांगे। छात्रा के मुताबिक 12 दिसंबर को प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन के बहाने रोहन ने उसे बीएचयू बुलवा कर कुछ रुपये और लिए।
चाय पिलाकर किया बेहोश
छात्रा का कहना है कि 27 दिसंबर को इंटरव्यू के बहाने कथित रोहन उर्फ सौरभ ने उसे गोमतीनगर के एक होटल में बुलाया। छात्रा कमरे में पहुंची तो वहां कोई नहीं था। पूछने पर बहाना बनाते हुए रोहन ने उसे चाय दी जिसे पीकर वह बेहोश हो गई।
होश में आने पर रोहन ने उसके साथ रेप और वीडियो क्लिपिंग बनाने की जानकारी दी। रोहन ने धमकाते हुए कहा, जैसा कहा जाए वैसा करो वरना रेप की क्लिपिंग इंटरनेट पर डाल दी जाएगी। छात्रा ने पुलिस में शिकायत करने की बात कही तो रोहन घबरा गया और इमोशनल ब्लैकमेल करते हुए शादी का वादा किया।
इसके बाद उसने छात्रा का एटीएम कार्ड ले लिया और यौन शोषण करते हुए धीरे-धीरे पांच लाख रुपये ऐंठ लिए। पीड़ित छात्रा ने वीमेन पॉवर लाइन में संपर्क किया जिसके बाद मंगलवार रात पॉवर लाइन की टीम ने रोहन उर्फ सौरभ को चौक में दबोच लिया। पूछताछ में पता चला कि रोहन का असली नाम मनीष श्रीवास्तव है और डॉ. एसके चौधरी भी वही है।
बहन को भी बनाना चाहता था शिकार
मनीष उर्फ डॉ. एसके चौधरी उर्फ रोहन उर्फ सौरभ के पिता जौनपुर में वकालत करते हैं। उसने पूर्वांचल विश्वविद्यालय से एमएससी, एमबीए और बीएड किया है।
मनीष ने एमबीबीएस छात्रा के साथ यौन शोषण और ठगी के बाद उसकी बहन को भी झांसे में लेने की कोशिश की। उसने छात्रा से कहा कि वह इंटरनेशनल कोर्स के लिए परिवार की अन्य छात्राओं व सहेलियों को भी जोड़े।
उसने कई लोगों के मोबाइल नंबर भी लिए। इसमें से एक छात्रा की छोटी बहन भी थी। शातिर बहन को भी फोन करने लगा। बताते हैं, छात्रा की बहन ने ही एनजीओ संचालिका इंदु सुभाष को शातिर के बारे में बताया।
एनजीओ संचालिका ने छानबीन की तो पूरा मामला खुला। इसके बाद इंदु छात्रा को लेकर वीमेन पॉवर लाइन पहुंची और शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत की धमकी पर भरा मांग में सिंदूर
होटल में बेहोश कर रेप करने और वीडियो क्लिपिंग बनाने की जानकारी के बाद छात्रा सदमे में आ गई। बताते हैं कि मनीष श्रीवास्तव ने अपनी करतूत बताने के बाद धमकाते हुए उसके साथ दोबारा रेप किया और फिर से क्लिपिंग बनाई। छात्रा ने हिम्मत कर शिकायत की धमकी दी तो मनीष के होश उड़ गए।
उसने तत्काल छात्रा की मांग भरते हुए उसे पत्नी स्वीकार कर लिया और जल्द शादी करने का वादा भी किया। इसके बाद से वह लगातार यौन शोषण कर रहा था।
छात्रा की स्कॉलरशिप का पैसा अय्याशी में उड़ाया
छात्रा का परिवार काफी गरीब है लेकिन वह पढ़ने में काफी तेज है। मेधावी छात्रा ने स्कॉलरशिप के जरिये अपनी पढ़ाई की और एमबीबीएस में एडमिशन लिया।
उसे 5000 यूएस डॉलर की स्कॉलरशिप मिल रही थी। मनीष ने छात्रा की स्कॉलरशिप का पैसा अय्याशी में उड़ा दिया। उसने शादी का झांसा देकर उसका एटीएम कार्ड ले लिया था।