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Lucknow News: अब एक ही जगह कैंसर की जांच और इलाज के साथ ही शोध की भी सुविधा
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लखनऊ। चक गंजरिया स्थित कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में अब कैंसर के इलाज और जांच के साथ ही शोध की भी सुविधा होगी। इसके लिए संस्थान में पीपीपी मॉडल पर सेंटर फॉर एडवांस मॉलेक्यूलर डायग्नॉस्टिक्स एंड रिसर्च फॉर कैंसर की स्थापना होने जा रही है। कैंसर संस्थान ने इसके लिए शुक्रवार को आईआईटी-कानपुर, कार्किनोस हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड मुंबई के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
लाल बहादुर शास्त्री भवन (एनेक्सी) में आयोजित एमओयू समारोह के दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के साथ ही चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग आलोक कुमार, कैंसर संस्थान के निदेशक प्रो. आरके धीमान, एसोसिएट डीन आर एंड डी आईआईटी कानपुर प्रोफेसर जयंधरन जी राव, कार्किनोस के सीईओ डॉ. आर वेंकटरमण मौजूद रहे। इसके अलावा केजीएमयू कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद, विशेष सचिव चिकित्सा शिक्षा देवेन्द्र सिंह, कैंसर संस्थान के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर अनुपम वर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवाशीष शुक्ला, संकाय प्रभारी (अनुसंधान), डॉ. शरद सिंह उपस्थित थे। मुख्य सचिव ने कहा कि यह केंद्र यूपी को देश का एकमात्र राज्य बनाएगा जो इस रोग से ग्रस्त आबादी को सस्ती अत्याधुनिक सटीक ऑन्को डायग्नोस्टिक्स प्रदान करने का प्रयास करेगा।
प्रदेश में हर साल आ रहे कैंसर के 2.45 लाख नए मामले
कैंसर संस्थान के निदेशक प्रो. आरके धीमान ने कहा कि प्रदूषण, अस्त-व्यस्त जीवनशैली, नशा समेत कई कारणों की वजह से कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। प्रदेश में प्रतिवर्ष फिलहाल 2.45 लाख कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं। यह रोग उत्तर प्रदेश में 1.6 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ रहा है। शराब व तंबाकू की बढ़ती खपत और जनसंख्या वृद्धि को देखते हुए प्रदेश में कैंसर के बोझ की 3.2 प्रतिशत के दर से प्रतिवर्ष बढ़ने की आशंका है। ऐसे में, सेंटर फॉर एडवांस मॉलेक्यूलर डायग्नॉस्टिक्स एंड रिसर्च फॉर कैंसर प्राथमिक से लेकर तृतीय सुपर स्पेशलिटी स्तर के इलाज के लिए स्थापित किया जा रहा है। इसमें कैंसर के क्षेत्र में विश्व स्तरीय शोध को बढ़ावा दिया जाएगा।
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25 हजार वर्गफीट क्षेत्रफल में होगा सेंटर का विकास
कार्ययोजना के अनुसार, कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट (केएसएसएससीआई) के परिसर में ही 25 हजार वर्गफीट क्षेत्रफल में सेंटर फॉर एडवांस मॉलेक्यूलर डायग्नॉस्टिक्स एंड रिसर्च फॉर कैंसर का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए केएसएसएससीआई को निर्मित क्षेत्रफल वाला क्षेत्र उपलब्ध कराए जाने के लिए केएसएससीआई को निर्देश दिए गए हैं।
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लाल बहादुर शास्त्री भवन (एनेक्सी) में आयोजित एमओयू समारोह के दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के साथ ही चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग आलोक कुमार, कैंसर संस्थान के निदेशक प्रो. आरके धीमान, एसोसिएट डीन आर एंड डी आईआईटी कानपुर प्रोफेसर जयंधरन जी राव, कार्किनोस के सीईओ डॉ. आर वेंकटरमण मौजूद रहे। इसके अलावा केजीएमयू कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद, विशेष सचिव चिकित्सा शिक्षा देवेन्द्र सिंह, कैंसर संस्थान के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर अनुपम वर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवाशीष शुक्ला, संकाय प्रभारी (अनुसंधान), डॉ. शरद सिंह उपस्थित थे। मुख्य सचिव ने कहा कि यह केंद्र यूपी को देश का एकमात्र राज्य बनाएगा जो इस रोग से ग्रस्त आबादी को सस्ती अत्याधुनिक सटीक ऑन्को डायग्नोस्टिक्स प्रदान करने का प्रयास करेगा।
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प्रदेश में हर साल आ रहे कैंसर के 2.45 लाख नए मामले
कैंसर संस्थान के निदेशक प्रो. आरके धीमान ने कहा कि प्रदूषण, अस्त-व्यस्त जीवनशैली, नशा समेत कई कारणों की वजह से कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। प्रदेश में प्रतिवर्ष फिलहाल 2.45 लाख कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं। यह रोग उत्तर प्रदेश में 1.6 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ रहा है। शराब व तंबाकू की बढ़ती खपत और जनसंख्या वृद्धि को देखते हुए प्रदेश में कैंसर के बोझ की 3.2 प्रतिशत के दर से प्रतिवर्ष बढ़ने की आशंका है। ऐसे में, सेंटर फॉर एडवांस मॉलेक्यूलर डायग्नॉस्टिक्स एंड रिसर्च फॉर कैंसर प्राथमिक से लेकर तृतीय सुपर स्पेशलिटी स्तर के इलाज के लिए स्थापित किया जा रहा है। इसमें कैंसर के क्षेत्र में विश्व स्तरीय शोध को बढ़ावा दिया जाएगा।
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25 हजार वर्गफीट क्षेत्रफल में होगा सेंटर का विकास
कार्ययोजना के अनुसार, कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट (केएसएसएससीआई) के परिसर में ही 25 हजार वर्गफीट क्षेत्रफल में सेंटर फॉर एडवांस मॉलेक्यूलर डायग्नॉस्टिक्स एंड रिसर्च फॉर कैंसर का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए केएसएसएससीआई को निर्मित क्षेत्रफल वाला क्षेत्र उपलब्ध कराए जाने के लिए केएसएससीआई को निर्देश दिए गए हैं।