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Lucknow News: निर्यात ठप, मखाना और मसालों की कीमतें घटीं
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प्रतीकात्मक।
लखनऊ। अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते निर्यात रुकने का सीधा असर घरेलू बाजार पर दिखने लगा है। मखाना, जीरा और काली मिर्च जैसे उत्पादों की मांग घट गई है, जिससे थोक कीमतों में भारी कमी आई है। हालांकि, फुटकर दुकानों पर अब भी पुराने ऊंचे दामों पर ही बिक्री हो रही है, जिससे आम ग्राहकों को सस्ता सामान नहीं मिल पा रहा।
थोक बाजार में औसत दर्जे का मखाना, जो महीना भर पहले 1000-1100 रुपये था, अब 800 रुपये प्रति किलो पर आ गया है। वहीं, जीरे की कीमतों में करीब 50 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। 400 रुपये किलो वाला जीरा अब 260 रुपये में बिक रहा है, जबकि 920 रुपये वाली काली मिर्च 800 रुपये और 420 वाली किशमिश 380 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
निर्यात रुकने से बिगड़ा बाजार का गणित
यहियागंज के किराना कारोबारी प्रशांत गर्ग के अनुसार, मसालों का करीब 20 फीसदी हिस्सा कनाडा, अमेरिका और खाड़ी देशों (कतर, ओमान, दुबई) को निर्यात होता था। पिछले डेढ़ महीने से निर्यात पूरी तरह ठप है, जिससे घरेलू मंडियों में माल की आवक बढ़ गई है और मांग घट गई है। आंध्र प्रदेश, गुजरात और राजस्थान जैसे उत्पादक राज्यों से आने वाली लाल मिर्च, धनिया और हल्दी के दाम भी फिलहाल स्थिर बने हुए हैं।
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फुटकर बाजार में अब भी महंगाई
भूतनाथ मार्केट के कारोबारी कमल अग्रवाल बताते हैं कि थोक में औसत दर्जे का मखाना 800 रुपये, जबकि अच्छी गुणवत्ता वाला मखाना 950 रुपये किलो है, लेकिन फुटकर दुकानदार इसे अब भी 1200 से 1600 रुपये किलो तक बेच रहे हैं।
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थोक बाजार में औसत दर्जे का मखाना, जो महीना भर पहले 1000-1100 रुपये था, अब 800 रुपये प्रति किलो पर आ गया है। वहीं, जीरे की कीमतों में करीब 50 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। 400 रुपये किलो वाला जीरा अब 260 रुपये में बिक रहा है, जबकि 920 रुपये वाली काली मिर्च 800 रुपये और 420 वाली किशमिश 380 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
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निर्यात रुकने से बिगड़ा बाजार का गणित
यहियागंज के किराना कारोबारी प्रशांत गर्ग के अनुसार, मसालों का करीब 20 फीसदी हिस्सा कनाडा, अमेरिका और खाड़ी देशों (कतर, ओमान, दुबई) को निर्यात होता था। पिछले डेढ़ महीने से निर्यात पूरी तरह ठप है, जिससे घरेलू मंडियों में माल की आवक बढ़ गई है और मांग घट गई है। आंध्र प्रदेश, गुजरात और राजस्थान जैसे उत्पादक राज्यों से आने वाली लाल मिर्च, धनिया और हल्दी के दाम भी फिलहाल स्थिर बने हुए हैं।
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फुटकर बाजार में अब भी महंगाई
भूतनाथ मार्केट के कारोबारी कमल अग्रवाल बताते हैं कि थोक में औसत दर्जे का मखाना 800 रुपये, जबकि अच्छी गुणवत्ता वाला मखाना 950 रुपये किलो है, लेकिन फुटकर दुकानदार इसे अब भी 1200 से 1600 रुपये किलो तक बेच रहे हैं।