फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Executive institutions will not be able to exploit

Lucknow News: कार्यदायी संस्थाएं नहीं कर पाएंगी शोषण

Fri, 11 Oct 2024 05:47 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 11 Oct 2024 05:47 AM IST
विज्ञापन
Executive institutions will not be able to exploit
लखनऊ। कार्यदायी संस्थाएं अब कर्मचारियों का शोषण नहीं कर पाएंगी। नगर निगम नवंबर से ई वेतन सिस्टम लागू कर रहा है। इससे करीब 10 हजार कर्मचारियों का वेतन सीधे उनके खाते में आ जाएगा। वहीं, कार्यदायी संस्थाओं का जो कमीशन होगा, वह उन्हें दे दिया जाएगा।
विज्ञापन

शासन के नियम के तहत कार्यदायी संस्थाओं की ओर से तैनात कर्मचारियों को हर महीने 10,088 रुपये वेतन मिलना चाहिए। साथ ही ईपीएफ व ईएसआई के करीब 1170 रुपये भी मिलने चाहिए, पर ऐसा हो नहीं रहा है।
विज्ञापन

नगर निगम में 30 कार्यदायी संस्थाएं हैं। ये कर्मचारियों के वेतन से दो हजार रुपये तक की कटौती कर लेती हैं। साथ ही ईपीएफ व ईएसआई का पैसा नगर निगम से लेने के बाद हजम कर जाती हैं। इसकी जांच भी चल रही है। ईपीएफ विभाग कई बार नोटिस भी जारी कर चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद अब ई वेतन सिस्टम लागू हो रहा है। इसमें नगर निगम इन कर्मचारियों का पूरा विवरण अपने पास रखेगा। इसमें दर्ज बैंक खाते में सीधे वेतन भेजा जाएगा। ऐसे में कार्यदायी संस्थाएं किसी कर्मचारी के वेतन में कोई खेल नहीं कर पाएंगी।


डिजिटल सर्विस बुक रोकेगी नियुक्तियों में फर्जीवाड़ा
नगर निगम में फर्जी नियुक्ति के लिए सर्विस बुक गायब होने और कर्मचारी की मौत के बाद तैनाती के लिए दो पत्नियों के सामने आने के मामले आ चुके हैं। कई मामलों में कोर्ट केस भी हुए और संलिप्त पाए जाने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई भी हुई। इन मामलों को रोकने के लिए अब नगर निगम सर्विस बुक को तेजी से डिजिटल कर रहा है। इन्हें मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। नवंबर से अपलोड हो चुके रिकॉर्ड के आधार पर ही मृतक आश्रितों की नियुक्ति, कर्मचारियों का वेतन आदि जारी होगा। जिसकी सर्विस बुक अपलोड नहीं होगी, उसने वेतन नहीं जारी होगा।



कोट



कम वेतन मिलने की शिकायतें दूर होंगी



ई वेतन सिस्टम से कार्यदायी संस्थाओं की ओर से तैनात कर्मियों को ईपीएफ, ईएसआई न देने और कम वेतन देने की गुंजाइश नहीं रहेगी। इसे लेकर आने वाली शिकायतें दूर होंगी।



- इंद्रजीत सिंह, नगर आयुक्त
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed