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Exclusive: हर छठा व्यक्ति है बीपी का मरीज... लेकिन उसे पता ही नहीं, देश के सौ केंद्रों पर इतने लोगों पर अध्ययन
Mon, 12 Aug 2024 09:45 AM IST
शाहरुख खान
सचिन त्रिपाठी, अमर उजाला, लखनऊ
सचिन त्रिपाठी, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 12 Aug 2024 09:45 AM IST
सार
हर छठा व्यक्ति को बीपी की समस्या है, पर उसे पता ही नहीं है। हाइपरटेंशन सोसाइटी ऑफ इंडिया ने देश के सौ केंद्रों पर 15 हजार से ज्यादा लोगों पर अध्ययन किया है। 16.4 फीसदी आबादी को नहीं पता कि उन्हें बीपी की समस्या है।
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BP patient
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
देश के हर छठे व्यक्ति को ब्लड प्रेशर (बीपी) से जुड़ी समस्या है, पर उसे इसकी जानकारी ही नहीं होती है। हाइपरटेंशन सोसाइटी ऑफ इंडिया ने छिपे हुए बीपी के मरीजों को लेकर देश के सौ सेंटरों पर 15 हजार से ज्यादा लोगों की जांच कराई थी।
इसमें पाया गया कि 16.4 प्रतिशत आबादी को पता नहीं था कि उन्हें बीपी से जुड़ी समस्या है। इनमें पुरुषों की संख्या ज्यादा रही। यह अध्ययन यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित हुआ है। केजीएमयू में फिजियोलॉजी विभाग के पूर्व अध्यक्ष तथा हाइपरटेंशन सोसाइटी ऑफ इडिया के पदाधिकारी प्रो. नरसिंह वर्मा ने बताया कि बीपी या हाइपरटेंशन तेजी से बढ़ती समस्या है।
भारत में इसके केस काफी बढ़ रहे हैं। गर्मी में इसकी संख्या और बढ़ती है। इसे देखते हुए मई में बीपी मापने की व्यवस्था की गई। इसके लिए देशभर में सौ केंद्र बनाए गए।
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मई 2021 में इन केंद्रों पर 15,045 लोगों का बीपी मापा गया। ये वे थे, जिन्हें खुद के बीपी की समस्या होने की जानकारी नहीं थी। इनका तीन बार बीपी मापा गया। इनका औसत लेकर देखा गया कि 16.4 फीसदी यानी 2461 लोगों का बीपी बढ़ा हुआ था। इनकी औसत उम्र 39 साल के करीब थी।
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इसमें पाया गया कि 16.4 प्रतिशत आबादी को पता नहीं था कि उन्हें बीपी से जुड़ी समस्या है। इनमें पुरुषों की संख्या ज्यादा रही। यह अध्ययन यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित हुआ है। केजीएमयू में फिजियोलॉजी विभाग के पूर्व अध्यक्ष तथा हाइपरटेंशन सोसाइटी ऑफ इडिया के पदाधिकारी प्रो. नरसिंह वर्मा ने बताया कि बीपी या हाइपरटेंशन तेजी से बढ़ती समस्या है।
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भारत में इसके केस काफी बढ़ रहे हैं। गर्मी में इसकी संख्या और बढ़ती है। इसे देखते हुए मई में बीपी मापने की व्यवस्था की गई। इसके लिए देशभर में सौ केंद्र बनाए गए।
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मई 2021 में इन केंद्रों पर 15,045 लोगों का बीपी मापा गया। ये वे थे, जिन्हें खुद के बीपी की समस्या होने की जानकारी नहीं थी। इनका तीन बार बीपी मापा गया। इनका औसत लेकर देखा गया कि 16.4 फीसदी यानी 2461 लोगों का बीपी बढ़ा हुआ था। इनकी औसत उम्र 39 साल के करीब थी।
ज्यादा उम्र वालों में समस्या अधिक
अध्ययन में पाया गया कि ज्यादा आयु वालों को बीपी की समस्या अधिक थी। 70 साल से ज्यादा उम्र वाले 25.9 फीसदी लोगों का बीपी बढ़ा हुआ था। 60 से 69 साल के बीच वाले 24.3 फीसदी लोग इसके शिकार थे। 40 से 49 साल आयु वर्ग के 21.4 फीसदी लोगों का बीपी बढ़ा हुआ मिला।
अध्ययन में पाया गया कि ज्यादा आयु वालों को बीपी की समस्या अधिक थी। 70 साल से ज्यादा उम्र वाले 25.9 फीसदी लोगों का बीपी बढ़ा हुआ था। 60 से 69 साल के बीच वाले 24.3 फीसदी लोग इसके शिकार थे। 40 से 49 साल आयु वर्ग के 21.4 फीसदी लोगों का बीपी बढ़ा हुआ मिला।
अध्ययन में ये रहे शामिल
डॉ. अनुज माहेश्वरी, डॉ. नरसिंह वर्मा, डॉ. जलीस फातिमा, डॉ. अजय तेवारी, डॉ. ज्योतिदेव केसवदेव, डॉ. प्रीति सिंह धोट, डॉ. अमृत कौर, डॉ. अमित गुप्ता, डॉ. सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. अभिनव वर्मा, डॉ. शिवांगी माहेश्वरी, डॉ. साजिद अंसारी, डॉ. अमितेश अग्रवाल, डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव, डॉ. वंशिका अरोड़ा, डॉ. थॉमस बेनेय, डॉ. जोनाथन क्लार्क और डॉ. नील आर पॉल्टर।
डॉ. अनुज माहेश्वरी, डॉ. नरसिंह वर्मा, डॉ. जलीस फातिमा, डॉ. अजय तेवारी, डॉ. ज्योतिदेव केसवदेव, डॉ. प्रीति सिंह धोट, डॉ. अमृत कौर, डॉ. अमित गुप्ता, डॉ. सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. अभिनव वर्मा, डॉ. शिवांगी माहेश्वरी, डॉ. साजिद अंसारी, डॉ. अमितेश अग्रवाल, डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव, डॉ. वंशिका अरोड़ा, डॉ. थॉमस बेनेय, डॉ. जोनाथन क्लार्क और डॉ. नील आर पॉल्टर।
आहार-विहार से नियंत्रित रहता है रक्तचाप
राजकीय आयुर्वेद कॉलेज के डॉ. धर्मेंद्र के मुताबिक आयुर्वेद में उच्च रक्तचाप को मुख्य रूप से आहार-विहार से जोड़ा गया है। बीपी बढ़ने पर अर्जुनारिष्ट, प्रभाकर वटी जैसी कुछ दवाएं आयुर्वेद में हैं।
राजकीय आयुर्वेद कॉलेज के डॉ. धर्मेंद्र के मुताबिक आयुर्वेद में उच्च रक्तचाप को मुख्य रूप से आहार-विहार से जोड़ा गया है। बीपी बढ़ने पर अर्जुनारिष्ट, प्रभाकर वटी जैसी कुछ दवाएं आयुर्वेद में हैं।
हालांकि, बीपी को नियंत्रित रखने के लिए सबसे पहले जीवनशैली में सुधार की सलाह दी जाती है। इसके लिए सुबह जल्दी उठें, योग और व्यायाम करें, देर रात भोजन न करें, तनाव न लें, तनाव होने पर टहलना फायदेमंद होता है।