अब यूपी में अपराधियों व अफसरों के गठजोड़ पर ईडी की नजर, केंद्र ने किया इशारा
इसके लिए निदेशालय से आठ अफसरों की टीम ने कानपुर पहुंच कर कई पहलुओं की जानकारी ली। टीम विकास दुबे, साथी जय बाजपेयी और करीबी व्यापारियों के खातों और इनकी सारी संपत्ति का ब्योरा जुटा रही है। चूंकि जांच के दायरे में कई बड़े व प्रभावशाली लोग हैं इसलिए मामले में गोपनीयता बरती जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक विकास और उसके करीबी व्यापारियों के साथ कुछ अफसरों ने अपनी काली कमाई का निवेश किया है। इसमें कानपुर के एक बड़े साबुन व्यापारी का भी नाम है। पिछले कुछ वर्षों में करोड़ों की संपत्ति के मालिक बने इस कारोबारी की सत्ता और प्रशासनिक गलियारों की नजदीकियों पर नजर रखी जा रही है। जल्द ही इनसे पूछताछ की जाएगी।
आत्मरक्षा में मारनी पड़ी गोली
यूपी के एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि विकास दुबे गाड़ी पलट जाने के बाद पुलिसकर्मी की पिस्तौल लेकर भागा था। उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया तो वो नहीं माना जिसके बाद आत्मरक्षा में उस पर फायरिंग की गई जिसमें वह घायल हो गया और अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि इस घटना में चार पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। मामले में 21 अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था जिसमें से तीन गिरफ्तार किए गए हैं। छह मारे जा चुके हैं। सात जेल जा चुके हैं।