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पैसा लेकर बेड दिलाने वाला केजीएमयू कर्मचारी बर्खास्त
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पैसा लेकर बेड दिलाने वाला कर्मचारी बर्खास्त
केजीएमयू का मामला, कर्मचारी संघ ने जताई नाराजगी
केजीएमयू में पैसे लेकर मरीज को बेड दिलाने के आरोपी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया गया है। प्रकरण नौ माह पहले का है। मंत्री के निर्देश पर मामले की जांच के बाद कार्रवाई की गई। उधर, कर्मचारी संघ कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया है।
मालूम हो कि नौ माह पहले फरवरी में ट्रॉमा सेंटर से एक मरीज को न्यूरो सर्जरी विभाग में भेजा गया। लेकिन शताब्दी फेज-2 स्थित न्यूरो सर्जरी विभाग में बेड खाली न होने की बात कह दी गई। परिजनों का आरोप था कि वार्ड में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने पैसे लेने के बाद बेड दिलाया। इसी दौरान चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे तो मरीज के घरवालों ने मंत्री को आपबीती सुना दी। मंत्री के कहने पर तीमारदारों ने स्टांप पेपर पर शिकायत की तो मंत्री ने जांच के निर्देश दिए। नौ माह बाद कर्मचारी नीरज कुमार जांच में दोषी पाया गया तो उसे बर्खास्त करने का आदेश दिया गया। उधर, केजीएमयू कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रदीप गंगवार का कहना है कि केजीएमयू प्रशासन ने बिना पुख्ता सुबूत मंत्री के दबाव में कर्मचारी की सेवा समाप्त की है। इसके खिलाफ शुक्रवार को ड्यूटी खत्म करने के बाद सभी कर्मी दोपहर में कुलपति व कुलसचिव कार्यालय का घेराव करेंगे।
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केजीएमयू का मामला, कर्मचारी संघ ने जताई नाराजगी
केजीएमयू में पैसे लेकर मरीज को बेड दिलाने के आरोपी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया गया है। प्रकरण नौ माह पहले का है। मंत्री के निर्देश पर मामले की जांच के बाद कार्रवाई की गई। उधर, कर्मचारी संघ कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया है।
मालूम हो कि नौ माह पहले फरवरी में ट्रॉमा सेंटर से एक मरीज को न्यूरो सर्जरी विभाग में भेजा गया। लेकिन शताब्दी फेज-2 स्थित न्यूरो सर्जरी विभाग में बेड खाली न होने की बात कह दी गई। परिजनों का आरोप था कि वार्ड में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने पैसे लेने के बाद बेड दिलाया। इसी दौरान चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे तो मरीज के घरवालों ने मंत्री को आपबीती सुना दी। मंत्री के कहने पर तीमारदारों ने स्टांप पेपर पर शिकायत की तो मंत्री ने जांच के निर्देश दिए। नौ माह बाद कर्मचारी नीरज कुमार जांच में दोषी पाया गया तो उसे बर्खास्त करने का आदेश दिया गया। उधर, केजीएमयू कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रदीप गंगवार का कहना है कि केजीएमयू प्रशासन ने बिना पुख्ता सुबूत मंत्री के दबाव में कर्मचारी की सेवा समाप्त की है। इसके खिलाफ शुक्रवार को ड्यूटी खत्म करने के बाद सभी कर्मी दोपहर में कुलपति व कुलसचिव कार्यालय का घेराव करेंगे।
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