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Lucknow News: 31 घंटे बाद वापस लौटी 60 गांवों की बिजली
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आंधी से टूटे खंभे और तार तथा उन्हें ठीक करते कर्मचारी।
- फोटो : संवाद
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लखनऊ। राजधानी में बीते बुधवार दोपहर 12:30 बजे आंधी के कारण मोहनलालगंज, समेसी व निगोहां के 60 गांवों में गुल हुई बिजली 31 घंटे के बाद लौटी। बिजली आने पर पेयजल संकट भी दूर हुआ। खंभे व तारों के क्षतिग्रस्त होने से महकमे को करीब पांच लाख रुपये की क्षति हुई है। बिजली व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए बुधवार पूरी रात और बृहस्पतिवार शाम सात बजे तक कर्मियों व इंजीनियरों ने काम किया।
अमौसी जोन के मुख्य अभियंता राम कुमार ने बताया कि मोहनलालगंज खंड में 50 खंभे व तारों के टूटने के कारण कस्बे से गांव तक की बिजली गुल हो गई थी। मोहनलालगंज, समेसी व निगोहां कस्बों की बिजली तो बुधवार रात चालू हो गई थी मगर समेसी के 25, निगोहां के 20 व मोहनलालगंज के 15 गांवों की बिजली का नेटवर्क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। टूटे खंभे व तारों को दुरुस्त करने के लिए एक्सईएन श्रवण कुमार सिंह, एसडीओ विनय कुमार व जेई आशीष कुमार आधी रात के बाद भी नए खंभे लगवाने और तार खिंचवाने का काम कराते रहे। इससे सबसे पहले कनकहा, फिर निगोहां और शाम छह बजे समेसी के गांवों की बिजली चालू हो सकी। उपभोक्ताओं ने बताया कि बिजली गुल होने से पेयजल समस्या का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने कहा कि टूटे खंभे व क्षतिग्रस्त तारों को सही करने का कार्य त्वरित गति से हुआ।
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अंधेरे में रहे ये गांव
कनकहा के गढ़ी, रंजीत खेड़ा, मान खेड़ा, खुजौली के दहियर, इंद्रजीत खेड़ा, खुजेहटा, सिसेंडी के भदेसुआ, धनुवासाड़, तिलोकपुर, मीनापुर, इमलिहाखेड़ा, रायपुर, शंकर खेड़ा, रघुनाथ खेड़ा एवं नगराम के मीरकनगर, मुर्तजापुर सहित 60 गांवों में अंधेरा रहा।
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मौसम बदला तो 100 मेगावाट मांग घटी
बुधवार को आई आंधी-पानी के कारण बृहस्पतिवार को तापमान नौ डिग्री तक लुढ़का तो बिजली की मांग 100 मेगावाट तक घट गई। बुधवार को जो तापमान 39 डिग्री था, वह बृहस्पतिवार को लुढ़क कर 31 डिग्री आ गया। बुधवार को 1755 मेगावाट की मांग के मुकाबले बृहस्पतिवार को करीब 1650 मेगावाट बिजली की मांग बची। मौसम में नमी के साथ-साथ तारों के टूटने और उपभोक्ताओं की बिजली गुल होने से भी मांग पर असर पड़ा।
यहां भी रहा बिजली संकट
न्यू हैदराबाद, बसेरा, निशातगंज में दो घंटे रहा संकट।
यूपीएसआईडी उपकेंद्र से एक घंटे देवा रोड के देवस्थान।
चिनहट के पपनामऊ सहित आसपास इलाके में एक घंटे।
जीपीआरए उपकेंद्र से एक घंटे तक कुर्सी रोड के मिश्रपुर।
नादरगंज, गोपरामऊ, निरालानगर, गौरी, ऐशबाग, चौक।

आंधी से टूटे खंभे और तार तथा उन्हें ठीक करते कर्मचारी। - फोटो : संवाद

आंधी से टूटे खंभे और तार तथा उन्हें ठीक करते कर्मचारी। - फोटो : संवाद

आंधी से टूटे खंभे और तार तथा उन्हें ठीक करते कर्मचारी। - फोटो : संवाद

आंधी से टूटे खंभे और तार तथा उन्हें ठीक करते कर्मचारी। - फोटो : संवाद

आंधी से टूटे खंभे और तार तथा उन्हें ठीक करते कर्मचारी। - फोटो : संवाद