इन 7 शहरों की बिजली व्यवस्था संभालेगी प्राइवेट कंपनी, कैबिनेट की मंजूरी
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सरकार लखनऊ, वाराणसी, मेरठ, मुरादाबाद व गोरखपुर की बिजली व्यवस्था निजी हाथों में सौंपने जा रही है। आगरा की तर्ज पर इन शहरों की बिजली व्यवस्था व्यवस्था कैंपैक्स बेस्ड फ्रेंचाइजी को सौंपने के प्रस्ताव को योगी कैबिनेट ने हरीझंडी दे दी है।
सरकार की मंजूरी मिलने के बाद अब पावर कार्पोरेशन इन शहरों के लिए फ्रेंचाइची के चयन की प्रक्रिया शुरू करेगा। फ्रेंचाइजी केचयन के बाद उसके साथ एग्रीमेंट किया जाएगा और फिर उसे बिजली व्यवस्था हस्तांतरित की जाएगी।
हस्तांतरण के बाद इन शहरों में बिजली कनेक्शन देने से लेकर राजस्व वसूली तक का सारा काम बतौर फ्रेंचाइजी निजी कंपनी करेगी।
कैबिनेट के फैसले के अनुसार प्रदेश के बिजली सेक्टर को वित्तीय रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए लाइन हानियों में कमी करने, आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए आवश्यक पूंजी करने, उपभोक्ताओं को मिलने वाली सुविधाओं में सुधार करने के मकसद से लखनऊ, वाराणसी, मेरठ, मुरादाबाद व गोरखपुर में कैंपेक्स बेस्ड विद्युत वितरण फ्रेंचाइजी व्यवस्था प्रस्तावित है।
सरकार का कहना है कि देश के अन्य नगरों के साथ-साथ प्रदेश में आगरा में यह व्ववस्था लागू की गई है जिसका एक स्वतंत्र अध्ययन कराया गया। अध्ययन में यह पाया गया कि आगरा में फ्रेंचाइजी द्वारा लगभग 800 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।
वहां लाइन हानियों में तेजी से कमी आई है और उपभोक्ताओं की संतुष्टि सभी मानकों पर बढ़ी है। सरकार का यह भी कहना है कि फ्रेंचाइजी व्यवस्था लागू करने के बाद प्रदेश के सीमित वित्तीय संसाधनों को ग्रामीण क्षेत्रों में मजरों के विद्युतीकरण व बिजली वितरण प्रणाली के सुदृढ़ीकरणके लिए उपलब्ध कराया जा सकेगा।
अधिकारियों-कर्मचारियों को मिलेगा प्रतिनियुक्ति पर कार्य करने का विकल्प
सरकार का कहना है कि सीमित वित्तीय संसाधनों के बावजूद बिजली निगमों में अधिकारियों-कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ दिया गया है।
इसके अलावा कई इन्सेटिव स्कीम भी लागू की गई है। जिन शहरों में फ्रेंचाइजी व्यवस्था प्रस्तावित है वहां कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों को फ्रेंचाइजी की सहमति से प्रतिनियुक्ति पर कार्य करने का विकल्प मौजूद रहेगा।
ऐसा विकल्प चुनने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के वेतन-भत्ते किसी भी दशा में कम नहीं किए जा सकेंगे। जो स्टॉफ फ्रेंचाइजी के साथ काम करने का इच्छुक नहीं है उन्हें वर्तमान सेवा शर्तों पर प्रदेश के अन्य विद्युत खंडों में तैनात किया जाएगा। प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या तेजी बढ़ना अवश्यंभावी है जिसके लिए स्टॉफ की जरूरत बनी रहेगी।
2010 में सौंपी गई थी आगरा की बिजली व्यवस्था फ्रेंचाइजी को
आगरा की बिजली व्यवस्था 1 अप्रैल 2010 को फ्रेंचाइजी टोरेंट पावर को सौंपी गई थी। इसके लिए टोरेंट पावर के साथ पावर कार्पोरेशन ने 19 मई 2009 को एग्रीमेंट किया था। एग्रीमेंट के बाद बिजली अभियंताओं व कर्मचारियों ने निजीकरण के खिलाफ आंदोलन भी शुरू किया था जिसके चलते हस्तांतरण की कार्यवाही करीब एक साल तक लटकी रही। अखिरकार 1 अप्रैल 2010 को बिजलीकर्मियों के भारी विरोध के बावजूद आगरा की बिजली व्यवस्था टोरेंट के हवाले कर दी गई।